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आईपीएस की जांच में रडार पर है जिले का खुफिया विभाग
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आजमगढ़। जिले में चल रहे अफगानी प्रकरण की जांच कर रहे आईपीएस अधिकारी की रडार पर मुख्य रूप से जिले का खुफिया विभाग है। वहीं प्रकरण के मुख्य सूत्रधार साहबे आलम के वाराणसी जेल में होने के चलते जांच रुकी हुई है। साहबे आलम को ट्रांजिट रिमांड पर लेने की तैयारी में आईपीएस जांच अधिकारी जुटे हैं। जांच कायदे से हो जाती है तो निश्चित तौर पर कइयों पर गाज गिरेगी।
चार-पांच दिनों से चल रहा अफगानी नागरिक व पासपोर्ट प्रकरण ने जिले के पुलिस व खुफिया विभाग के अधिकारियों के गले की फांस बन गया है। पासपोर्ट सेल के प्रभारी व एसपी ग्रामीण जहां बाहर चले गये है तो वहीं अन्य अधिकारी भी इस मुद्दे पर कुछ भी बात नहीं कर रहे है। सीओ सिटी आईपीएस इला मारन मामले की जांच कर रहे हैं। जांच अधिकारी की माने तो उनके रडार पर जिले का खुफिया विभाग है। खुफिया विभाग की लापरवाही के चहले ही जहां अफगानी नागरिक जिले में महीनों से डेरा डाले हुए थे वहीं भट्ठा मजदूरों को बरगला कर उनके डाक्यूमेंट में अपनी फोटो लगवा कर एक ने तो पासपोर्ट बनवा भी लिया। वहीं दूसरा अफगानी पासपोर्ट बनवाने के प्रयास में पकड़ लिया गया। फिलहाल जांच की जद में मुख्य सूत्रधार साहबे आलम है, जो वाराणसी जेल में बंद है। उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेने की तैयारी चल रही है। जांच अधिकारी ईला मारन ने बताया कि प्रकरण का मुख्य सूत्रधार साहबे आलम है, जबतक हम उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पूछताछ नहीं कर लेते तब तक कुछ भी अपडेट कर पाना संभव नहीं है। साहबे को रिमांड पर लेने के बाद ही उसके व खुफिया विभाग के लोगों के बीच के संबंध पता चलेंगे। खुफिया विभाग की लापरवाही तो प्रथम दृष्टया सामने आ रही है। वहीं और अफगानियों के जिले में होने की सही जानकारी भी साहबे के माध्यम से ही मिल सकेगी।
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चार-पांच दिनों से चल रहा अफगानी नागरिक व पासपोर्ट प्रकरण ने जिले के पुलिस व खुफिया विभाग के अधिकारियों के गले की फांस बन गया है। पासपोर्ट सेल के प्रभारी व एसपी ग्रामीण जहां बाहर चले गये है तो वहीं अन्य अधिकारी भी इस मुद्दे पर कुछ भी बात नहीं कर रहे है। सीओ सिटी आईपीएस इला मारन मामले की जांच कर रहे हैं। जांच अधिकारी की माने तो उनके रडार पर जिले का खुफिया विभाग है। खुफिया विभाग की लापरवाही के चहले ही जहां अफगानी नागरिक जिले में महीनों से डेरा डाले हुए थे वहीं भट्ठा मजदूरों को बरगला कर उनके डाक्यूमेंट में अपनी फोटो लगवा कर एक ने तो पासपोर्ट बनवा भी लिया। वहीं दूसरा अफगानी पासपोर्ट बनवाने के प्रयास में पकड़ लिया गया। फिलहाल जांच की जद में मुख्य सूत्रधार साहबे आलम है, जो वाराणसी जेल में बंद है। उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेने की तैयारी चल रही है। जांच अधिकारी ईला मारन ने बताया कि प्रकरण का मुख्य सूत्रधार साहबे आलम है, जबतक हम उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पूछताछ नहीं कर लेते तब तक कुछ भी अपडेट कर पाना संभव नहीं है। साहबे को रिमांड पर लेने के बाद ही उसके व खुफिया विभाग के लोगों के बीच के संबंध पता चलेंगे। खुफिया विभाग की लापरवाही तो प्रथम दृष्टया सामने आ रही है। वहीं और अफगानियों के जिले में होने की सही जानकारी भी साहबे के माध्यम से ही मिल सकेगी।
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