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कौशल विकास के नाम पर पूर्वांचल में फर्जीवाड़ा
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Thu, 12 Oct 2017 11:22 PM IST
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कौशल विकास योजना में हुए फर्जीवाड़े की शिकायत करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़। सरकारी योजना कौशल विकास के तहत महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के नाम पर एक फर्जी संस्था ने जिले की 42 महिलाओं से करीब तीन लाख रुपये की ठगी की है। साथ ही पूर्वांचल के दो हजार से अधिक महिलाओं से भी लाखों रुपये की धोखाधड़ी का इनपर आरोप है।
संस्था ने प्रति महिला और युवतियों को कपड़े की सिलाई करने की ट्रेनिंग और सिलाई मशीन के नाम पर 1850 से 45 सौ रुपये तक वसूले । ठगी की शिकार अतरौलिया थाना क्षेत्र के अतरैठ गांव निवासी मालती पत्नी विद्या सागर शर्मा सहित अन्य ने गुरुवार को डीएम से शिकायत की।
डीएम की तरफ से करवाई गई जांच मेें संस्था के फर्जी पाए जाने पर सिधारी थाने में रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
पीड़ित महिला मालती देवी ने बताया कि गोरखपुर जिले के रहने वाले एक दंपती सहित तीन लोग अक्तूबर 2015 में उनके गांव में आए और कौशल विकास योजना के तहत महिलाओं को कपड़ा सिलने और सिलाई कढ़ाई सिखाने की ट्रेनिंग सेंटर खोलने की बात कही।
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इन्होंने कहा था कि जो महिला सिलाई मशीन नहीं लेगी उसे 1850 रुपये देने होंगे और जो सिलाई मशीन लेगी उसे 45 सौ रुपये देने होंगे इनके झांसे में आकर मालती ने क्षेत्र के 20 लड़कियों से जबकि बूढनपुर की रहने वाली उर्मिला जायसवाल ने 22 लड़कियों से करीब तीन लाख रुपये लेकर इन्हें दिए।
इनके कहने पर उर्मिला और मालती ने कपड़े आदि खरीदकर लड़कियों को ट्रेनिंग दी। लेकिन संस्था के लोगों ने न तो कपड़ा दिया और न ही ना ही किसी को सिलाई मशीन ही मिली। ट्रेनिंग के नाम पर ली गई रकम भी लेकर फरार हो गए।
मालती का आरोप है कि संस्था के लोगों के न आने पर गांव की लड़कियां उनसे अपने रुपये मांग रही हैं। मालती और उर्मिला की कुछ दिनों तक से बातचीत होती रही, लेकिन बाद में उनका नंबर बंद हो गया।
मालती ने बताया कि जानकारी करने पर पता चला कि यह लोग आजमगढ़ के अलावा वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर आदि जिलों मेें भी अपनी संस्था चला रहे हैं। ठगी की शिकार मालती ने गुरुवार को डीएम से मिलकार न्याय की गुहार लगाई तो डीएम ने इस पूरे मामले की जांच करवाई।
जांच में यह पता चला कि कौशल विकास योजना के तहत इस प्रकार की किसी भी संस्था को नहीं नामित किया गया है। इस पर डीएम ने एसओ सिधारी को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच करवाई गई। इस दौरान पता चला कि कौशल विकास योजना के तहत इस प्रकार की किसी भी संस्था को नामित नहीं किया गया है। यह लोग फर्जी तरीके से ट्रेनिंग देने के नाम पर धनउगाही कर रहे हैं। इनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।- चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
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संस्था ने प्रति महिला और युवतियों को कपड़े की सिलाई करने की ट्रेनिंग और सिलाई मशीन के नाम पर 1850 से 45 सौ रुपये तक वसूले । ठगी की शिकार अतरौलिया थाना क्षेत्र के अतरैठ गांव निवासी मालती पत्नी विद्या सागर शर्मा सहित अन्य ने गुरुवार को डीएम से शिकायत की।
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डीएम की तरफ से करवाई गई जांच मेें संस्था के फर्जी पाए जाने पर सिधारी थाने में रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
पीड़ित महिला मालती देवी ने बताया कि गोरखपुर जिले के रहने वाले एक दंपती सहित तीन लोग अक्तूबर 2015 में उनके गांव में आए और कौशल विकास योजना के तहत महिलाओं को कपड़ा सिलने और सिलाई कढ़ाई सिखाने की ट्रेनिंग सेंटर खोलने की बात कही।
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इन्होंने कहा था कि जो महिला सिलाई मशीन नहीं लेगी उसे 1850 रुपये देने होंगे और जो सिलाई मशीन लेगी उसे 45 सौ रुपये देने होंगे इनके झांसे में आकर मालती ने क्षेत्र के 20 लड़कियों से जबकि बूढनपुर की रहने वाली उर्मिला जायसवाल ने 22 लड़कियों से करीब तीन लाख रुपये लेकर इन्हें दिए।
इनके कहने पर उर्मिला और मालती ने कपड़े आदि खरीदकर लड़कियों को ट्रेनिंग दी। लेकिन संस्था के लोगों ने न तो कपड़ा दिया और न ही ना ही किसी को सिलाई मशीन ही मिली। ट्रेनिंग के नाम पर ली गई रकम भी लेकर फरार हो गए।
मालती का आरोप है कि संस्था के लोगों के न आने पर गांव की लड़कियां उनसे अपने रुपये मांग रही हैं। मालती और उर्मिला की कुछ दिनों तक से बातचीत होती रही, लेकिन बाद में उनका नंबर बंद हो गया।
मालती ने बताया कि जानकारी करने पर पता चला कि यह लोग आजमगढ़ के अलावा वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर आदि जिलों मेें भी अपनी संस्था चला रहे हैं। ठगी की शिकार मालती ने गुरुवार को डीएम से मिलकार न्याय की गुहार लगाई तो डीएम ने इस पूरे मामले की जांच करवाई।
जांच में यह पता चला कि कौशल विकास योजना के तहत इस प्रकार की किसी भी संस्था को नहीं नामित किया गया है। इस पर डीएम ने एसओ सिधारी को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच करवाई गई। इस दौरान पता चला कि कौशल विकास योजना के तहत इस प्रकार की किसी भी संस्था को नामित नहीं किया गया है। यह लोग फर्जी तरीके से ट्रेनिंग देने के नाम पर धनउगाही कर रहे हैं। इनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।- चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी