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Azamgarh News: कहीं 20 मीटर में 20 से अधिक गड्ढे तो कहीं गिनती करना भी मुश्किल

Wed, 16 Sep 2026 12:41 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:41 AM IST
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In some places, there are more than 20 potholes within a 20-meter stretch, while in others, it is difficult to even count them.
शहर के कालीचौरा से दलालघाट तक जाने वाले मार्ग पर हुए गड्ढे। संवाद
लोक सेवकों के कार्यालयों और बंगलों तक पहुंचने वाले मार्ग चकाचक हैं, जबकि आम जनता को शहर की सड़कों पर हिचकोले खाकर सफर करना पड़ रहा है। कई मार्गों की स्थिति ऐसी है कि चार पहिया वाहन तो दूर, दोपहिया वाहन से भी बिना झटका खाए गुजरना मुश्किल है।
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सरकार सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दावा करती है, लेकिन शहर की प्रमुख सड़कों की पड़ताल में दावों की हकीकत सामने आ गई। जनता के आवागमन वाले चार रास्तों में 900 से अधिक गड्ढे मिले। उक्त सड़कों में किसी का दो तो किसी की तीन साल से मरम्मत नहीं हो सकी। हालांकि बारिश से पूर्व विभाग ने बोल्डर और भस्सी डालकर गड्ढे भरने का प्रयास किया गया है।
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टीम ने शहर के जिला अस्पताल, दलालघाट, मिशन अस्पताल और बीएसए कार्यालय जाने वाले प्रमुख मार्गों की पड़ताल की। करीब-करीब पूरे मार्ग पर 900 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे मिले। कई स्थानों पर गड्ढों को भरने के लिए बोल्डर, भस्सी और ईंट तक डाल दी गई है।
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मरम्मत के नाम पर डाली गई ईंटें और बोल्डर भी सड़क से बाहर निकल आए हैं, जो राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। सड़कों की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। समय पर मरम्मत नहीं होने से छोटे गड्ढे भी बड़े होते जा रहे हैं।
बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे दोपहिया वाहन चालकों के साथ बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। अचानक गड्ढा सामने आने पर वाहन अनियंत्रित होने से हादसे का खतरा भी बना रहता है।
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सीन-1
जिला अस्पताल जाने वाले मुख्य मार्ग में 300 से अधिक गड्ढे
आजमगढ़। जिला अस्पताल जाने वाले मुख्य मार्ग की हालत बेहद खराब हो गई है। तकिया से पहाड़पुर तक जाने वाले करीब 200 मीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण लगभग दो वर्ष पूर्व कराया गया था। सड़क बनने के बाद इस मार्ग पर आवागमन काफी सुगम हो गया था, लेकिन कुछ ही दिन बाद सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क की खोदाई शुरू हो गई। इसके बाद सड़क जगह-जगह टूटने लगी और धीरे-धीरे गिट्टियां उखड़ गईं। सड़क की हालत सुधारने के लिए विभाग ने कई स्थानों पर बोल्डर और भस्सी डालकर गड्ढों को भरने का प्रयास किया, लेकिन यह मरम्मत ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। वर्तमान में करीब 200 मीटर के इस मार्ग पर 300 से अधिक गड्ढे हैं। कई जगह गड्ढों को भरने के लिए ईंटें डाल दी गई हैं, जो सड़क से बाहर निकल रही हैं। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। वहीं तकिया पर ही 20 मीटर में 20 से अधिक गड्ढे बने हुए हैं। संवाद
सीन-2
तीन साल पहले बनी सड़क में भी 50 से अधिक गड्ढे
आजमगढ़। काली चौरा से दलालघाट तक जाने वाली करीब 150 मीटर लंबी सड़क तीन साल में ही बदहाल हो गई है। सड़क आगे जाकर जिला अस्पताल जाने वाले मार्ग से मिलती है। इस छोटे से मार्ग पर ही 50 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे हैं। विभाग ने गड्ढों में बोल्डर और भस्सी डालकर उन्हें भरने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही दिन बाद भी सड़क की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।

सीन-3
मिशन अस्पताल जाने वाली सड़क में 400 से अधिक गड्ढे
आजमगढ़। शहर के मिशन अस्पताल जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। मार्ग पर जगह-जगह छोटे-बड़े गड्ढे होने से मरीजों, तीमारदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पड़ताल के दौरान इस सड़क पर 400 से अधिक गड्ढे मिले। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है। कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं और सतह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है।
सीन-4
बीएसए कार्यालय जाने वाली सड़क में डेढ़ से दो फुट तक गहरे गड्ढे
आजमगढ़। डीएम, एसपी, सीडीओ और सीएमओ आवास तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह चकाचक है। लेकिन जैसे ही इस मार्ग से आगे बढ़ते हैं, सड़क की बदहाली सामने आ जाती है। सबसे खराब स्थिति मुंडा से बीएसए कार्यालय के बीच की है। यहां सड़क पर जगह-जगह डेढ़ से दो फुट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। इस मार्ग पर करीब 150 से अधिक गड्ढे हैं। गड्ढों के कारण इस मार्ग पर वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई है। गहरे गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। इससे हादसे भी हो रहे हैं। हालांकि इस मार्ग के मरम्मत और निर्माण के लिए शासन की ओर से 150 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है, लेकिन बारिश के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। अब बारिश समाप्त होने के बाद सड़क निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।

बोले स्थानीय लोग---

फोटो संख्या---

जिला अस्पताल मार्ग पर इतने गड्ढे हैं कि वाहन की रफ्तार बेहद कम करनी पड़ती है। मरीज को लेकर अस्पताल जाना हो तो परेशानी और बढ़ जाती है। कई जगह गड्ढों में पानी भरा रहता है, जिससे उनकी गहराई का पता नहीं चलता। इतना ही नहीं, गड्ढों में ईंट भर दिए गए हैं। सड़क की स्थायी मरम्मत होनी चाहिए।- राजेश, तकिया।

फोटो संख्या---

सड़क पर गड्ढे भरने के लिए भस्सी और बोल्डर डाल दिए गए हैं। इससे गड्ढे तो पूरी तरह नहीं भरे, उल्टे सड़क पर निकले पत्थर वाहन चालकों के लिए खतरा बन गए हैं। हर साल मरम्मत के बजाय एक बार मानक के अनुसार सड़क बनाई जाए तो समस्या खत्म हो सकती है।- ईश्वरचंद्र, दलालघाट।

फोटो संख्या---

सड़क की हालत इतनी खराब है कि दोपहिया वाहन से चलना मुश्किल हो गया है। गड्ढों में पानी भरने के बाद कई बार रास्ता समझ में नहीं आता। महिलाएं और बुजुर्ग झटकों से परेशान होते हैं। जिम्मेदार विभाग को बारिश के बाद सड़क की जल्द मरम्मत करानी चाहिए।- शशिकांत यादव, नरौली।

फोटो संख्या---

अधिकारियों के आवास तक जाने वाली सड़कें साफ और बेहतर हैं, लेकिन आम लोगों के आवागमन वाले मार्ग मुंडा से भदुली तक डेढ़-दो फुट तक गहरे गड्ढे हैं। कई बार वाहन इन गड्ढों में फंस जाते हैं और हादसे भी होते हैं। अधिकारियों को जनता की परेशानी को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।- चंद्रशेखर पासवान, मतौलीपुर।

---वर्जन
सड़कों की मरम्मत समय-समय पर कराई जाती है। हरिबंशपुर से भदुली तक सड़क बनाने के लिए बजट मिल गया है। बारिश के बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा। वहीं शहर की सड़कों की भी मरम्मत कराई जाएगी, ताकि आम जनता को आवागमन में सहूलियत मिल सके। - संकर्षण लाल, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड दो।

शहर के कालीचौरा से दलालघाट तक जाने वाले मार्ग पर हुए गड्ढे। संवाद

शहर के कालीचौरा से दलालघाट तक जाने वाले मार्ग पर हुए गड्ढे। संवाद

शहर के कालीचौरा से दलालघाट तक जाने वाले मार्ग पर हुए गड्ढे। संवाद

शहर के कालीचौरा से दलालघाट तक जाने वाले मार्ग पर हुए गड्ढे। संवाद

शहर के कालीचौरा से दलालघाट तक जाने वाले मार्ग पर हुए गड्ढे। संवाद

शहर के कालीचौरा से दलालघाट तक जाने वाले मार्ग पर हुए गड्ढे। संवाद

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