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घाघरा में घटाव पर, कटान की जद में दो दर्जन घर
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लाटघाट। लगातार हो रही बारिश से बढ़ रहे घाघरा नदी के जलस्तर में घटाव का सिलसिला शुरू हो गया है। लेकिन नदी के घटाव के साथ ही कटान तेज हो गई है। लगभग दो दर्जन घर कटान की जद में आ गए हैं। यहां से विस्थापित हुए लोगों के पास अभी तक प्रशासन नहीं पहंचा है।
सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर विगत कई दिनों तक बढने के बाद अब घटने लगा है। लेकिन जलस्तर घटने के साथ ही नदी में कटान तेज हो गई है। नदी तेजी से कृषि योग्य भूमि को काटकर अपने आगोश में लेती जा रही है। नदी के तटवर्ती गांवों के लगभग दो दर्जन घर नदी के कटान की जद में आ गए हैं। इसमें मुरारी का पुरवा और राम अवध का पुरवा शामिल हैं। इसके पहले भी मुरारी का पुरवा कट करके दूसरी जगह पर विस्थापित हुआ था। जहां फिर से घाघरा ने कटान शुरू कर दी है। घाघरा की कटान से विजयी पटेल और भोभल का घर नदी में विलीन होने वाला है। वहीं अभी 10 से 12 लोग अभी बचे हुए हैं। जिसमें जयराज, परसन, राम दरस, रामचंद, रामकवल और राधे शामिल है। वहीं घाघरा नदी से 100 मीटर दूरी पर राम अवध का पुरवा है। जहां 16 घर कटान की जद में है। अभी तक इन कटान से हुए विस्थापितों के यहां शासन प्रशासन नहीं पहुंचा है। लोग परेशान हैं। कभी कोई हाल लेने वाला नहीं है। बदरहुंआ नाले पर घाघरा नदी का मंगलवार को जलस्तर 70.85 मीटर दर्ज किया गया था। जो बुधवार को 16 सेमी घटकर 70.69 मीटर पर आ गया। वहीं डिघिया नाले पर मंगलवार को नदी का जलस्तर 69.92 मीटर था जो 18 सेमी घटकर 69.74 मीटर पर आ गया। बदरहुआ नाले पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। जबकि डिघिया नाले पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.72 मीटर है।
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सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर विगत कई दिनों तक बढने के बाद अब घटने लगा है। लेकिन जलस्तर घटने के साथ ही नदी में कटान तेज हो गई है। नदी तेजी से कृषि योग्य भूमि को काटकर अपने आगोश में लेती जा रही है। नदी के तटवर्ती गांवों के लगभग दो दर्जन घर नदी के कटान की जद में आ गए हैं। इसमें मुरारी का पुरवा और राम अवध का पुरवा शामिल हैं। इसके पहले भी मुरारी का पुरवा कट करके दूसरी जगह पर विस्थापित हुआ था। जहां फिर से घाघरा ने कटान शुरू कर दी है। घाघरा की कटान से विजयी पटेल और भोभल का घर नदी में विलीन होने वाला है। वहीं अभी 10 से 12 लोग अभी बचे हुए हैं। जिसमें जयराज, परसन, राम दरस, रामचंद, रामकवल और राधे शामिल है। वहीं घाघरा नदी से 100 मीटर दूरी पर राम अवध का पुरवा है। जहां 16 घर कटान की जद में है। अभी तक इन कटान से हुए विस्थापितों के यहां शासन प्रशासन नहीं पहुंचा है। लोग परेशान हैं। कभी कोई हाल लेने वाला नहीं है। बदरहुंआ नाले पर घाघरा नदी का मंगलवार को जलस्तर 70.85 मीटर दर्ज किया गया था। जो बुधवार को 16 सेमी घटकर 70.69 मीटर पर आ गया। वहीं डिघिया नाले पर मंगलवार को नदी का जलस्तर 69.92 मीटर था जो 18 सेमी घटकर 69.74 मीटर पर आ गया। बदरहुआ नाले पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। जबकि डिघिया नाले पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.72 मीटर है।
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