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ट्रक से कुचलकर अधेड़ की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 03 Feb 2017 12:30 AM IST
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फूलपुर कस्बे में स्थित यूनियन बैंक के पास गुरुवार की शाम अनियंत्रित ट्रक से कुचलकर बाइक सवार अधेड़ की मौत हो गई। घटना के समय वह हेलमेट नहीं पहने था। हादसे के बाद चालक जगदीशपुर गांव के पास ट्रक खड़ा कर फरार हो गया। अधेड़ की लाश बीच सड़क पर होने की वजह से आजमगढ़-लखनऊ मुख्य मार्ग पर आवागमन करीब दो घंटे तक बाधित रहा। लाश सड़क से हटने के बाद यातायात व्यवस्था बहाल हुआ। बताया जाता है कि अधेड़ के दोनों बेटों की पहले ही मौत हो चुकी है। ऐसे में उसका परिवार बेसहारा हो गया।
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के हैबतपुर गांव निवासी राममूरत (50) एक प्राइवेट बैंक का एजेंट था। वह लोगों का रुपये जमा कराने का काम करता था। गुरुवार की शाम चार बजे राममूरत अपने बैंक की शाखा से निकला और बाइक से घर जाने लगा। बाइक चलाते समय वह हेलमेट नहीं पहना था। जैसे ही राममूरत फूलपुर कस्बा में स्थित यूनियन बैंक के समीप पहुंचा कि पीछे से आ रहा अनियंत्रित ट्रक बाइक में टक्कर मार दिया। इस दौरान राममूरत सड़क पर गिरा और ट्रक कुचलते हुए निकल गया। घटना के बाद लोग जब तक राममूरत को अस्पताल ले जाने का प्रबंध करते कि उसकी मौत हो गई।
उधर ट्रक चालक जगदीपुर गांव के पास गाड़ी खड़ा कर भाग गया। राममूरत की लाश सड़क पर होने की वजह से आजमगढ़-लखनऊ मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। आवागमन तब शुरू हुआ जब दो घंटे बाद पुलिस राममूरत की लाश को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। बताया जाता है कि राममूरत दो बेटों का पिता था। उसके छोटे बेटे सुनील की पांच वर्ष पूर्व हृदयगति रुक जाने से मौत हो चुकी है। जबकि बड़े बेटे अखिलेश की दो माह पूर्व हृदयगति रुकने से मौत हो चुकी है। राममूरत की मौत के बाद उसका परिवार बेसहारा हो गया है।
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फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के हैबतपुर गांव निवासी राममूरत (50) एक प्राइवेट बैंक का एजेंट था। वह लोगों का रुपये जमा कराने का काम करता था। गुरुवार की शाम चार बजे राममूरत अपने बैंक की शाखा से निकला और बाइक से घर जाने लगा। बाइक चलाते समय वह हेलमेट नहीं पहना था। जैसे ही राममूरत फूलपुर कस्बा में स्थित यूनियन बैंक के समीप पहुंचा कि पीछे से आ रहा अनियंत्रित ट्रक बाइक में टक्कर मार दिया। इस दौरान राममूरत सड़क पर गिरा और ट्रक कुचलते हुए निकल गया। घटना के बाद लोग जब तक राममूरत को अस्पताल ले जाने का प्रबंध करते कि उसकी मौत हो गई।
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उधर ट्रक चालक जगदीपुर गांव के पास गाड़ी खड़ा कर भाग गया। राममूरत की लाश सड़क पर होने की वजह से आजमगढ़-लखनऊ मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। आवागमन तब शुरू हुआ जब दो घंटे बाद पुलिस राममूरत की लाश को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। बताया जाता है कि राममूरत दो बेटों का पिता था। उसके छोटे बेटे सुनील की पांच वर्ष पूर्व हृदयगति रुक जाने से मौत हो चुकी है। जबकि बड़े बेटे अखिलेश की दो माह पूर्व हृदयगति रुकने से मौत हो चुकी है। राममूरत की मौत के बाद उसका परिवार बेसहारा हो गया है।
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