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Azamgarh News: आसिफगंज, सदावर्ती वार्ड में 7000 की आबादी, सीवर से निकली पाईपलाइन का दूषित पानी पीने को मजबूर
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इंदौर में हादसे के बाद भी नहीं चेत रही नगरपालिका, नलों से तीन से चार बार आता है नाली का गंदा पानी
- आसिफगंज मोहल्ले में दूषित जलापूर्ति से दहशत, सीवर में लीकेज पाइप लाइन बनी खतरा, प्रशासन पर उठे सवाल
फोटो संख्या-- -14 से 18 तक और 25
संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। नगरपालिका के आसिफगंज, सदावर्ती वार्ड की सात हजार लोग सीवर से निकली पाईपलाइन का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। आसिफगंज में महीने में तीन से चार बार दूषित पानी आता है। इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत ने देश को झकझोर दिया था।
इस हादसे के बाद भी जिले में जलापूर्ति व्यवस्था और पेयजल की गुणवत्ता पर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। नगरपालिका आजमगढ़ में हालात ठीक नहीं हैं। दो दिन पूर्व शहर के आसिफगंज मोहल्ले में लोगों के घरों में लगी टोटियों से नाली का गंदा पानी आने लगा। यह देख मोहल्ले के लोग सहम गए। नाली और सीवर के भीतर से गुजरी पाइप लाइन में लीकेज से आए दिन गंदा पानी आ रहा है, इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ता है। आसिफगंज मोहल्ले के लोगों ने बताया कि सोमवार रात आठ बजे घरों में लगी टोटियों से नाली का गंदा पानी आने लगा। हालांकि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी कई बार इसी तरह की स्थिति सामने आ चुकी है।
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सदावर्ती वार्ड में भी दूषित जलापूर्ति, नालियों से गुजरी पेयजल पाइप लाइन बनी कारण
शहर के सदावर्ती वार्ड में भी आए दिन नलों से गंदा पानी आने की शिकायतें सामने आती रही हैं, स्थानीय लोगों में भय है। सदावर्ती वार्ड के लोगों का कहना है कि कई बार नलों से नाली और सीवर जैसा दूषित पानी आता है। इस समस्या के लिए कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन हर बार अस्थायी मरम्मत कर मामले को टाल दिया गया। नाली के भीतर से गुजर रही पेयजल पाइप लाइन में लीकेज से गंदा पानी सप्लाई में मिल रहा है, इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
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हो सकती हैं ये समस्याएं-- -
- हैजा, टाइफाइड और पेचिश जैसी संक्रामक बीमारियां
- उल्टी-दस्त, बुखार और डिहाइड्रेशन
- हेपेटाइटिस ए व ई (पीलिया), लिवर पर असर
- बच्चों में कुपोषण, कमजोरी और शारीरिक विकास प्रभावित
- गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए गंभीर खतरा
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फोटो संख्या-- -
सोमवार की रात अचानक नल से नाली जैसा गंदा पानी आने लगा। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बेहद खतरनाक है। कई बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया।- राजीव कुमार।
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फोटो संख्या-- -
इंदौर जैसी घटना के बाद भी हालात ऐसे बने हुए हैं। गंदा पानी देखकर डर लगने लगा है कि कहीं बच्चे बीमार न पड़ जाएं। मजबूरी में बोतलबंद पानी खरीदकर काम चला रहे हैं।- नीरज।
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फोटो संख्या-- -
सीवर लाइन के बीच से पेयजल पाइप डालना गंभीर लापरवाही है। नियमित जांच और पाइप लाइन बदलने की जरूरत है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता।- विनायक।
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फोटो संख्या-- -
मामले की जानकारी मिली है। संबंधित क्षेत्र में पाइप लाइन की जांच कराई जा रही है। जहां भी लीकेज पाई जाएगी, उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा और पानी की गुणवत्ता की भी जांच कराई जाएगी।- मनोज।
आसिफगंज में 5000 तो सदावर्ती वार्ड में 2500 लोग रहते हैं
आसिफगंज मोहल्ले में लगभग 5000 की आबादी निवास करती है। वहीं सदावर्ती मोहल्ले में रहने वाली करीब 2500 की आबादी भी शुद्ध पेजयल समस्या से जूझ रही है।
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- आसिफगंज मोहल्ले में दूषित जलापूर्ति से दहशत, सीवर में लीकेज पाइप लाइन बनी खतरा, प्रशासन पर उठे सवाल
फोटो संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। नगरपालिका के आसिफगंज, सदावर्ती वार्ड की सात हजार लोग सीवर से निकली पाईपलाइन का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। आसिफगंज में महीने में तीन से चार बार दूषित पानी आता है। इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत ने देश को झकझोर दिया था।
इस हादसे के बाद भी जिले में जलापूर्ति व्यवस्था और पेयजल की गुणवत्ता पर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। नगरपालिका आजमगढ़ में हालात ठीक नहीं हैं। दो दिन पूर्व शहर के आसिफगंज मोहल्ले में लोगों के घरों में लगी टोटियों से नाली का गंदा पानी आने लगा। यह देख मोहल्ले के लोग सहम गए। नाली और सीवर के भीतर से गुजरी पाइप लाइन में लीकेज से आए दिन गंदा पानी आ रहा है, इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ता है। आसिफगंज मोहल्ले के लोगों ने बताया कि सोमवार रात आठ बजे घरों में लगी टोटियों से नाली का गंदा पानी आने लगा। हालांकि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी कई बार इसी तरह की स्थिति सामने आ चुकी है।
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सदावर्ती वार्ड में भी दूषित जलापूर्ति, नालियों से गुजरी पेयजल पाइप लाइन बनी कारण
शहर के सदावर्ती वार्ड में भी आए दिन नलों से गंदा पानी आने की शिकायतें सामने आती रही हैं, स्थानीय लोगों में भय है। सदावर्ती वार्ड के लोगों का कहना है कि कई बार नलों से नाली और सीवर जैसा दूषित पानी आता है। इस समस्या के लिए कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन हर बार अस्थायी मरम्मत कर मामले को टाल दिया गया। नाली के भीतर से गुजर रही पेयजल पाइप लाइन में लीकेज से गंदा पानी सप्लाई में मिल रहा है, इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
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हो सकती हैं ये समस्याएं
- हैजा, टाइफाइड और पेचिश जैसी संक्रामक बीमारियां
- उल्टी-दस्त, बुखार और डिहाइड्रेशन
- हेपेटाइटिस ए व ई (पीलिया), लिवर पर असर
- बच्चों में कुपोषण, कमजोरी और शारीरिक विकास प्रभावित
- गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए गंभीर खतरा
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फोटो संख्या
सोमवार की रात अचानक नल से नाली जैसा गंदा पानी आने लगा। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बेहद खतरनाक है। कई बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया।- राजीव कुमार।
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फोटो संख्या
इंदौर जैसी घटना के बाद भी हालात ऐसे बने हुए हैं। गंदा पानी देखकर डर लगने लगा है कि कहीं बच्चे बीमार न पड़ जाएं। मजबूरी में बोतलबंद पानी खरीदकर काम चला रहे हैं।- नीरज।
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फोटो संख्या
सीवर लाइन के बीच से पेयजल पाइप डालना गंभीर लापरवाही है। नियमित जांच और पाइप लाइन बदलने की जरूरत है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता।- विनायक।
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फोटो संख्या
मामले की जानकारी मिली है। संबंधित क्षेत्र में पाइप लाइन की जांच कराई जा रही है। जहां भी लीकेज पाई जाएगी, उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा और पानी की गुणवत्ता की भी जांच कराई जाएगी।- मनोज।
आसिफगंज में 5000 तो सदावर्ती वार्ड में 2500 लोग रहते हैं
आसिफगंज मोहल्ले में लगभग 5000 की आबादी निवास करती है। वहीं सदावर्ती मोहल्ले में रहने वाली करीब 2500 की आबादी भी शुद्ध पेजयल समस्या से जूझ रही है।