मेजवां। फूलपुर स्थित शिव पैलेस में शनिवार की रात शायर जश्ने साहिल इलाहाबादी, कौमी एकता मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें शायरों ने अपने कलाम पेश कर श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। मुशायरे का शुभारंभ मुख्य अतिथि जफ़र सिद्दीकी रुस्तम, वसी सिद्दीकी, शाहिद सेंदुरी, वसीऊल हसन, चंद्रिका प्रताप ने शमा रोशन कर किया। वसी सिद्दीकी ने कहा कि उर्दू को जिंदा रखने के लिए हमें उर्दू को घरों में पैदा करना होगा। घरों में उर्दू का अखबार और रिसाला मंगवाना होगा। मुशायरे की कड़ी में शायर अफ़जल इलाहाबादी ने अपने कलाम पर दाद पाई। शादाब आजमी ने ‘तुम बनो अपना तो संवर जाऊंगा, वरना टूट कर मैं बिखर जाऊंगा’ सुनाया। वहीं शायरा नंदनी आजमी ने ‘तू मिले न मिले पर, मुझे तुझको पाने का अरमान है’ पेश किया तो खूब तालियां बजी। हास्य कवि मास्टर अय्यूब वफ़ा ने अपनी हास्य कविता सुनाकर लोगों को खूब गुदगुदाया। शायर नसीम साज, रफीक फूलपुरी, हारून आजमी, रज्जब अली शेरवानी, वासीऊल हसन गुड्डू, डाक्टर मुश्ताक आदि ने भी कलाम पेश किए। संचालन शायर नसीम साज ने किया। संयोजक वासीऊल हसन ने आभार जताया। इस दौरान सेराज बाराबंकी, यशवंत एडवोकेट, नजर अब्बास, मोहम्मद साजिद, लईक अहमद, मोहम्मद अब्बास, चंद्रिका प्रताप उपस्थित थे।