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छत पर गिरा एचटी तार, परिवार बचा
ब्यूरो/अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Wed, 22 Jun 2016 11:44 PM IST
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छत पर गिरा एचटी तार, परिवार बचा
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फूलपुर देहात के निकट रेलवे क्रासिंग के पास बुधवार की भोर करीब पौने चार बजे मकान के ऊपर से गुजरा 11 हजार वोल्ट का तार टूटकर छत पर गिर गया। संयोग था कि उस समय पूरा परिवार सहरी करने नीचे आ गया था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। बता दें कि परिवार के मुखिया ने एचटी तार हटवाने के लिए कई बार प्रार्थनापत्र दिया था लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
मु. फारूक के मकान के ऊपर से एचटी तार गुजरा है। मंगलवार रात फारूक पत्नी और चार बच्चों के साथ छत पर सोया था। तीन बजे भोर में सहरी के लिए पूरा परिवार नीचे आ गया। इसी बीच करीब 3:40 पर छह पर अचानक स्पार्किंग होने लगी। फारूक का पुत्र आकिब छत पर पहुंचा तो देखा कि एचटी तार गिरा हुआ है और चिंगारी निकल रही है। यह देख वहां से भाग खड़ा हुआ। तब तक बिजली भी चली गई।
इसके बाद कई लोग छह पर पहुंचे तो देखा कि चिंगारी वाली जगह छत टूट गया था। संयोग से सहरी के चलते सबकी जान बच गई, अन्यथा बड़ा हादसा हो जाता। समाचार लिखे जाने तक तार जोड़ने के लिए विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था। उधर जेई सत्यप्रकाश का कहना है कि तार जोड़ने लाइनमैन भेजा था। लोग खंभा हटाने के बाद ही तार जोड़ने पर अड़े हैं। लाइनमैन लौट आया। छत से गुजरे तार को हटाने के संबंध में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही खंभा हटाया जा सकता है।
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मु. फारूक के मकान के ऊपर से एचटी तार गुजरा है। मंगलवार रात फारूक पत्नी और चार बच्चों के साथ छत पर सोया था। तीन बजे भोर में सहरी के लिए पूरा परिवार नीचे आ गया। इसी बीच करीब 3:40 पर छह पर अचानक स्पार्किंग होने लगी। फारूक का पुत्र आकिब छत पर पहुंचा तो देखा कि एचटी तार गिरा हुआ है और चिंगारी निकल रही है। यह देख वहां से भाग खड़ा हुआ। तब तक बिजली भी चली गई।
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इसके बाद कई लोग छह पर पहुंचे तो देखा कि चिंगारी वाली जगह छत टूट गया था। संयोग से सहरी के चलते सबकी जान बच गई, अन्यथा बड़ा हादसा हो जाता। समाचार लिखे जाने तक तार जोड़ने के लिए विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था। उधर जेई सत्यप्रकाश का कहना है कि तार जोड़ने लाइनमैन भेजा था। लोग खंभा हटाने के बाद ही तार जोड़ने पर अड़े हैं। लाइनमैन लौट आया। छत से गुजरे तार को हटाने के संबंध में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही खंभा हटाया जा सकता है।
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