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औद्यानिक समितियों का मांगा गया तीन साल का ब्यौरा
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आजमगढ़। उद्यान विभाग द्वारा औद्यानिक समितियों का संचालन किया जाता है। इन समितियों से उनके द्वारा तीन साल में किए गए कार्यों का ब्यौरा तलब किया गया है। ब्यौरा न देने पर इन समितियों को निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई है।
औद्यानिक समितियों में धांधली की आशंका को देखते हुए उद्यान विभाग सतर्क हो गया है। विभाग की ओर से समिति के सचिव से प्रोफार्मा पर ब्यौरा तलब किया गया है। जिसमें उनसे पूछा गया है कि तीन सालों में इन लोगों ने क्या काम किया है। इसके अलावा कई अन्य बिंदू भी इसमें शामिल किए गए हैं। जिसकी जानकारी समितियों को देनी है। जिले में कुल दो औद्यानिक समितियां वर्तमान में संचालित हो रही हैं। जिसमें औद्यानिक उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति बांसथान अहरौला और औद्यानिक उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति सुल्तानपुर मिर्जापुर अहरौला शामिल हैं। यह समितियां किसानों का समूह से बनाई जाती है। जो किसानों से उनके उत्पादन की खरीद और बिक्री का कार्य करती है। विगत तीन सालों में इन समितियों द्वारा कितनी खरीद और बिक्री आदि की गई इसी का ब्यौरा विभाग द्वारा तलब किया गया है।
इसमें कोई नई बात नहीं है। हर तीन साल बाद इन समितियों का ब्यौरा तलब कर उसकी जांच की जाती है। इस बार भी उनकी जांच के लिए ही ब्यौरा तलब किया गया है। अगर किसी ने उपलब्ध नहीं कराया तो समिति को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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मनोहर सिंह, मंडलीय उपनिदेशक उद्यान।
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औद्यानिक समितियों में धांधली की आशंका को देखते हुए उद्यान विभाग सतर्क हो गया है। विभाग की ओर से समिति के सचिव से प्रोफार्मा पर ब्यौरा तलब किया गया है। जिसमें उनसे पूछा गया है कि तीन सालों में इन लोगों ने क्या काम किया है। इसके अलावा कई अन्य बिंदू भी इसमें शामिल किए गए हैं। जिसकी जानकारी समितियों को देनी है। जिले में कुल दो औद्यानिक समितियां वर्तमान में संचालित हो रही हैं। जिसमें औद्यानिक उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति बांसथान अहरौला और औद्यानिक उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति सुल्तानपुर मिर्जापुर अहरौला शामिल हैं। यह समितियां किसानों का समूह से बनाई जाती है। जो किसानों से उनके उत्पादन की खरीद और बिक्री का कार्य करती है। विगत तीन सालों में इन समितियों द्वारा कितनी खरीद और बिक्री आदि की गई इसी का ब्यौरा विभाग द्वारा तलब किया गया है।
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इसमें कोई नई बात नहीं है। हर तीन साल बाद इन समितियों का ब्यौरा तलब कर उसकी जांच की जाती है। इस बार भी उनकी जांच के लिए ही ब्यौरा तलब किया गया है। अगर किसी ने उपलब्ध नहीं कराया तो समिति को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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मनोहर सिंह, मंडलीय उपनिदेशक उद्यान।