आजमगढ़। कोरोना वायरस के संदिग्धों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त थर्मल स्कैनर नहीं है, जबकि इसकी कीमत मामूली है। सोमवार को कमिश्नर और डीआईजी के बिलरियागंज कस्बे के पास बने सेल्टरहोम के निरीक्षण के दौरान इस बात का खुलासा हुआ। डीआईजी ने नाराजगी जताते हुए इसे जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जब तक यहां पूरी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक यहां मौजूद करीब एक दर्जन मरीजों को जिला अस्पताल के पास बने सेल्टरहोम में शिफ्ट करने को कहा।
कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लाकडाउन कर दिया गया है। ऐसे में बड़े पैमाने पर लोग महानगरों से पलायन कर घर लौट रहे हैं। ऐसे संदिग्धों को घर जाने की बजाय अलग से बनाए गए सेल्टरहोम में रखा जा रहा है। संदिग्धों की जांच कराने में स्वास्थ्य विभाग फेल हो रहा है। सोमवार को मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी और डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे सच जानने के लिए बिलरियागंज में बने सेल्टरहाउस पहुंचे। यहां करीब एक दर्जन लोग मौजूद थे। पूछने पर पता चला कि अब तक उन लोगों की कोई जांच आदि नहीं हुई है। स्वास्थ्यकर्मियों के पास जांच करने के लिए थर्मल स्कैनर तक मौजूद नहीं है। डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि थर्मल स्कैनर जल्द उपलब्ध कराने का सीएमओ को निर्देश दिया गया है।