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तहसील के लिए निकले प्रधान का अपहरण
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 05 Feb 2015 12:18 AM IST
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देवगांव कोतवाली क्षेत्र के नरायनपुर नेवादा गांव के प्रधान सुभग्गा मौर्या का मंगलवार की दोपहर अपहरण हो गया। वह रेतवां चंद्रभानपुर छावनी स्थित अपनी दुकान से लालगंज तहसील में लेखपाल से मिलने के लिए निकले थे।
दोपहर से ही उनका मोबाइल स्वीच आफ हो गया। शाम को उनके ही मोबाइल से छोटे भाई के नंबर पर धमकी भरा मैसेज आने पर घरवालों को जानकारी हुई। छोटे भाई की तहरीर पर पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्जकर जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
लालगंज तहसील मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दक्षिण नरायनपुर नेवादा गांव स्थित है। सुभग्गा मौर्या गांव के प्रधान हैं।
उनके घर से करीब डेढ़ किलोमीटर उत्तर आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर स्थित रेतवां चंद्रभानपुर छावनी पर उनकी खाद, बीज की दुकान है।
मंगलवार की सुबह सुभग्गा अपने छोटे बेटे को दुकान पर बैठाकर तहसील के लिए चल दिया। बेटे से बताया कि तहसील में लेखपाल ओमप्रकाश श्रीवास्तव से मिलना है।
इसके बाद, ग्राम प्रधान का कोई पता नहीं चला। छह फरवरी को मुख्यमंत्री के आगमन की वजह से जलनिगम विभाग के लोग इंडिया मार्का हैंडपंप दो का सर्वे करने के लिए सुभग्गा के दरवाजे पर पहुंचे तो घर के लोग प्रधान को फोन करने लगे।
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मोबाइल स्वीच आफ होने की वजह से बात नहीं हुई। काफी प्रयास के बाद भी बात न होने पर घर के लोग चितिंत थे कि शाम करीब छह बजे सुभग्गा के नंबर से उसके छोटे भाई राजेश मौर्या के नंबर पर मैसेज आया।
इसमें लिखा था कि आपका भाई हमारे पास है। मैसेज आने के बाद प्रधान की मोबाइल बंद हो गई। घटना से हलाकान परिवार के लोग रात को ही भागकर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
कोतवाल देवगांव ओपी सिंह ने बताया कि अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्र्ट दर्जकर पुलिस घटना की जांच पड़ताल में जुटी है। अभी तक हुई जांच से यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आरोपी कौन हैं, इसके पीछे उनका मकसद क्या है। प्रधान के घरवालों ने भी कोई सुराग नहीं दिया।
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दोपहर से ही उनका मोबाइल स्वीच आफ हो गया। शाम को उनके ही मोबाइल से छोटे भाई के नंबर पर धमकी भरा मैसेज आने पर घरवालों को जानकारी हुई। छोटे भाई की तहरीर पर पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्जकर जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
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लालगंज तहसील मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दक्षिण नरायनपुर नेवादा गांव स्थित है। सुभग्गा मौर्या गांव के प्रधान हैं।
उनके घर से करीब डेढ़ किलोमीटर उत्तर आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर स्थित रेतवां चंद्रभानपुर छावनी पर उनकी खाद, बीज की दुकान है।
मंगलवार की सुबह सुभग्गा अपने छोटे बेटे को दुकान पर बैठाकर तहसील के लिए चल दिया। बेटे से बताया कि तहसील में लेखपाल ओमप्रकाश श्रीवास्तव से मिलना है।
इसके बाद, ग्राम प्रधान का कोई पता नहीं चला। छह फरवरी को मुख्यमंत्री के आगमन की वजह से जलनिगम विभाग के लोग इंडिया मार्का हैंडपंप दो का सर्वे करने के लिए सुभग्गा के दरवाजे पर पहुंचे तो घर के लोग प्रधान को फोन करने लगे।
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मोबाइल स्वीच आफ होने की वजह से बात नहीं हुई। काफी प्रयास के बाद भी बात न होने पर घर के लोग चितिंत थे कि शाम करीब छह बजे सुभग्गा के नंबर से उसके छोटे भाई राजेश मौर्या के नंबर पर मैसेज आया।
इसमें लिखा था कि आपका भाई हमारे पास है। मैसेज आने के बाद प्रधान की मोबाइल बंद हो गई। घटना से हलाकान परिवार के लोग रात को ही भागकर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
कोतवाल देवगांव ओपी सिंह ने बताया कि अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्र्ट दर्जकर पुलिस घटना की जांच पड़ताल में जुटी है। अभी तक हुई जांच से यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आरोपी कौन हैं, इसके पीछे उनका मकसद क्या है। प्रधान के घरवालों ने भी कोई सुराग नहीं दिया।