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स्वाइन फ्लू की जांच के लिए भटकता रहा
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 22 Mar 2015 12:18 AM IST
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पूरे दिन शिवानंद जांच के लिए अस्पताल में भटकता रहा लेकिन उसकी जांच नहीं हो सकी। जांच हुई भी अल्ट्रासाउंड और खून की। इसे देखने के बाद चिकित्सकों ने उसकी आंत में चोट बताकर उसे दवा देकर फुरसत पा ली।
मऊ के घोसी थाना क्षेत्र के कटिहारी गांव निवासी शिवानंद यादव दिल्ली में अकेले रहता था। इलाज के लिए वह मऊ के दोहरीघाट स्थित डा. ईश्वर दत्त के पास पहुंचा।
डाक्टर ने उसे स्वाइन फ्लू की जांच कराने को कहा लेकिन आजमगढ़ जिला अस्पताल पहुंचा। यहां पहले किसी चिकित्सक ने उसे देखना तक गवारा नहीं समझा। चिकित्सक डा. आरआर श्रीवास्तव ने उसका अल्ट्रासाउंड और खून की जांच कराई। फिर स्वाइन फ्लू नहीं बल्कि आंत में चोट बताई।
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आप किसी सर्जन को दिखाइए। इस पर वह डा. संतोष गुप्ता के पास पहुंचा। डा. संतोष गुप्ता ने उसे दो दिन की दवा देकर छोड़ दिया। जिला अस्पताल में शिवानंद के स्वाइन फ्लू की जांच क्यों नहीं कराई गई, यह घटना अमर उजाला के 28 फरवरी के अंक में पेज दो पर प्रकाशित खबर ‘अस्पताल से नदारद हैं जांच किट और दवाएं’ की पुष्टि करती है।
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मऊ के घोसी थाना क्षेत्र के कटिहारी गांव निवासी शिवानंद यादव दिल्ली में अकेले रहता था। इलाज के लिए वह मऊ के दोहरीघाट स्थित डा. ईश्वर दत्त के पास पहुंचा।
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डाक्टर ने उसे स्वाइन फ्लू की जांच कराने को कहा लेकिन आजमगढ़ जिला अस्पताल पहुंचा। यहां पहले किसी चिकित्सक ने उसे देखना तक गवारा नहीं समझा। चिकित्सक डा. आरआर श्रीवास्तव ने उसका अल्ट्रासाउंड और खून की जांच कराई। फिर स्वाइन फ्लू नहीं बल्कि आंत में चोट बताई।
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आप किसी सर्जन को दिखाइए। इस पर वह डा. संतोष गुप्ता के पास पहुंचा। डा. संतोष गुप्ता ने उसे दो दिन की दवा देकर छोड़ दिया। जिला अस्पताल में शिवानंद के स्वाइन फ्लू की जांच क्यों नहीं कराई गई, यह घटना अमर उजाला के 28 फरवरी के अंक में पेज दो पर प्रकाशित खबर ‘अस्पताल से नदारद हैं जांच किट और दवाएं’ की पुष्टि करती है।