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हस्तशिल्प कलाकारों को मिलने लगे आर्डर तो लौटी रौनक
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निजामबाद। नगर पंचायत निजामाबाद के ब्लैक पाटरी के शिल्पियों के सामने कोरोना काल में बाहर से आर्डर मिलने बंद हो गए थे। इसके चलते उनके परिवार के सामने भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई थी। कोरोना का संक्रमण घटने के बाद आर्डर मिलने से चाक घूमने लगा है और आवां में बर्तन पकाए जाने लगे हैं।
निजामाबाद के हुसैनाबाद के हस्तशिल्प कलाकारों के ब्लैक पाटरी बर्तनों और शिल्प की दुनिया भर में पहचान है। प्रतिवर्ष इसका करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। कोरोना महामारी ने इनके कारोबार को पूरी तरह से ठप कर दिया था। बाहर से आर्डर मिलने बंद हो गए थे। इसके चलते हस्तशिल्प कलाकारों के समक्ष परिवार के भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई। कोरोना संक्रमण घटने के साथ-साथ अब इस धंधे की मंदी भी खत्म होने लगी है। हस्तशिल्प कलाकार अपने पुराने ढर्रे पर कार्य शुरू कर चुके हैं। अब वह अन्य प्रांतों में तैयार सामानों को भेजने की तैयारी में जुट गए हैं। आगामी के त्योहारों के मद्देनजर मूर्तियां और कलश आदि तैयार किए जा रहे हैं। कलाकारों का कहना है कि नवरात्र के लिए अभी से मांग आने लगी है। इसको देकते हुए कलश, लक्ष्मी गणेश की मूर्ति, दीया आदि बनाया जा रहा है।
हस्तशिल्प कलाकार सोहित कुमार प्रजापति, त्रिभुवन प्रजापति, महेंद्र प्रजापति, शिवरतन प्रजापति शिवरतन प्रजापति बाबूलाल प्रजापति बैजनाथ प्रजापति आदि हस्तशिल्प कलाकारों ने बताया कि बाहर से हम लोगों को कुछ आर्डर मिले हैं। पहले के मिले आर्डर की सामग्री पैक कर भेजी जा रही है। उम्मीद है कि अब कारोबार ठीक तरीके से चलेगा।
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निजामाबाद के हुसैनाबाद के हस्तशिल्प कलाकारों के ब्लैक पाटरी बर्तनों और शिल्प की दुनिया भर में पहचान है। प्रतिवर्ष इसका करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। कोरोना महामारी ने इनके कारोबार को पूरी तरह से ठप कर दिया था। बाहर से आर्डर मिलने बंद हो गए थे। इसके चलते हस्तशिल्प कलाकारों के समक्ष परिवार के भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई। कोरोना संक्रमण घटने के साथ-साथ अब इस धंधे की मंदी भी खत्म होने लगी है। हस्तशिल्प कलाकार अपने पुराने ढर्रे पर कार्य शुरू कर चुके हैं। अब वह अन्य प्रांतों में तैयार सामानों को भेजने की तैयारी में जुट गए हैं। आगामी के त्योहारों के मद्देनजर मूर्तियां और कलश आदि तैयार किए जा रहे हैं। कलाकारों का कहना है कि नवरात्र के लिए अभी से मांग आने लगी है। इसको देकते हुए कलश, लक्ष्मी गणेश की मूर्ति, दीया आदि बनाया जा रहा है।
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हस्तशिल्प कलाकार सोहित कुमार प्रजापति, त्रिभुवन प्रजापति, महेंद्र प्रजापति, शिवरतन प्रजापति शिवरतन प्रजापति बाबूलाल प्रजापति बैजनाथ प्रजापति आदि हस्तशिल्प कलाकारों ने बताया कि बाहर से हम लोगों को कुछ आर्डर मिले हैं। पहले के मिले आर्डर की सामग्री पैक कर भेजी जा रही है। उम्मीद है कि अब कारोबार ठीक तरीके से चलेगा।
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