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जीआरपी सिपाहियों को रहने बनेगा अस्थायी बैरक
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आजमगढ़। आजमगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में जर्जर भवनों में रह रहे जीआरपी सिपाहियों को जल्द ही नए भवन में रहने का मौका मिलेगा। उनके लिए अस्थायी फाइबर बैरक बनाई जाएगी। इसके लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है और इस्टीमेट डिवीजन को भेज दिया गया है।
आजमगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में रेलवे राजकीय पुलिस का थाना है। कुछ ही दूरी पर सिपाहियों के रहने के लिए बैरक बनाया गया है। बैरक जर्जर अवस्था में हैं। छत टपकती है। अधिक बारिश होने पर कमरे पानी भर जाता है। थानाध्यक्ष ने बैरक बनवाने के लिए पत्र लिखा ता, जिसे गंभीरता से लेते हुए रेलवे ने फ्री-फेब्रिकेंट बैरक (अस्थायी फाइबर आवास) बनाने के लिए भूमि चिह्नित करने को कहा ता। आईओडब्ल्यू ने भूमि चिह्नित कर इस्टीमेट बनाकर डिवीजन को भेज दिया है। इस पर 26 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। बैरक में 10 बिस्तर का होगा। इसमें वहीं किचन और बरामदा के साथ दो टॉयलेट भी इसमें बनाए जाएंगे।
बैरक बनाने के लिए रेलवे परिसर में भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है। इस्टीमेट भी बनाकर भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। अस्थायी फाइबर बैरक बनाने के लिए करीब 26 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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आरके सिंह, आईओडब्ल्यू, आजमगढ़।
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आजमगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में रेलवे राजकीय पुलिस का थाना है। कुछ ही दूरी पर सिपाहियों के रहने के लिए बैरक बनाया गया है। बैरक जर्जर अवस्था में हैं। छत टपकती है। अधिक बारिश होने पर कमरे पानी भर जाता है। थानाध्यक्ष ने बैरक बनवाने के लिए पत्र लिखा ता, जिसे गंभीरता से लेते हुए रेलवे ने फ्री-फेब्रिकेंट बैरक (अस्थायी फाइबर आवास) बनाने के लिए भूमि चिह्नित करने को कहा ता। आईओडब्ल्यू ने भूमि चिह्नित कर इस्टीमेट बनाकर डिवीजन को भेज दिया है। इस पर 26 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। बैरक में 10 बिस्तर का होगा। इसमें वहीं किचन और बरामदा के साथ दो टॉयलेट भी इसमें बनाए जाएंगे।
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बैरक बनाने के लिए रेलवे परिसर में भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है। इस्टीमेट भी बनाकर भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। अस्थायी फाइबर बैरक बनाने के लिए करीब 26 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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आरके सिंह, आईओडब्ल्यू, आजमगढ़।