{"_id":"6a9861d578c78563da0a4c61","slug":"ground-caves-in-at-tejapur-belongings-swallowed-by-the-pit-azamgarh-news-c-258-1-rdp1005-156466-2026-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: तेजापुर में धंसी जमीन, गड्ढे में समाया सामान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: तेजापुर में धंसी जमीन, गड्ढे में समाया सामान
विज्ञापन
अतरौलिया के तेजापुर में भू-धसाव के बाद बना गड्ढ़ा। संवाद
तेजापुर गांव में बुधवार की दोपहर ट्यूबवेल परिसर की जमीन अचानक धंसने से अफरा-तफरी मच गई। 15 फीट गहरा गड्ढा बन गया। इसमें ट्यूबवेल का कमरा, बाइक, दो साइकिल, चार बोरी खाद, अनाज, इलेक्ट्रिक मोटर, पंखा समेत अन्य सामान समा गया। किसान सुदामा यादव ने करीब डेढ़ लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है।
सुदामा यादव ने बताया कि, वर्ष 2000 में उन्होंने खेत में बोरिंग कराई थी। बोरिंग की सुरक्षा के लिए उसके ऊपर कमरा भी बनवाया था। पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण बोरिंग के पाइप के आसपास जमीन के नीचे से पानी का हल्का रिसाव हो रहा था।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे तक उन्होंने ट्यूबवेल चलाकर हौज में पानी भरा था। उस समय सब कुछ सामान्य था। दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच वह मवेशियों को पानी पिलाने के लिए दोबारा ट्यूबवेल चलाने पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। ट्यूबवेल परिसर की पूरी जमीन धंस चुकी थी और करीब 15 फीट गहरा गड्ढा बन गया था।
विज्ञापन
बोरिंग के ऊपर बना कमरा भी जमीन में समा गया था। सुदामा के पुत्र शुभम यादव ने बताया कि घटना के समय घर पर उनके माता-पिता ही मौजूद थे। अचानक जमीन धंसने से कमरे में रखा सामान भी गड्ढे में जा गिरा। बाइक का कुछ हिस्सा ही ऊपर दिखाई दे रहा था, जबकि बाकी सामान कई फीट नीचे दब गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। अचानक हुए भू-धंसाव को देखकर लोग हैरान रह गए।
ग्रामीणों का कहना है कि घटना के समय कोई व्यक्ति कमरे या ट्यूबवेल के पास मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पीड़ित किसान ने घटना की जानकारी ग्राम प्रधान को दी है।
उन्होंने तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग से मौके का निरीक्षण कराकर नुकसान का आकलन कराने और आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
सुदामा यादव ने बताया कि, वर्ष 2000 में उन्होंने खेत में बोरिंग कराई थी। बोरिंग की सुरक्षा के लिए उसके ऊपर कमरा भी बनवाया था। पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण बोरिंग के पाइप के आसपास जमीन के नीचे से पानी का हल्का रिसाव हो रहा था।
विज्ञापन
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे तक उन्होंने ट्यूबवेल चलाकर हौज में पानी भरा था। उस समय सब कुछ सामान्य था। दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच वह मवेशियों को पानी पिलाने के लिए दोबारा ट्यूबवेल चलाने पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। ट्यूबवेल परिसर की पूरी जमीन धंस चुकी थी और करीब 15 फीट गहरा गड्ढा बन गया था।
विज्ञापन
बोरिंग के ऊपर बना कमरा भी जमीन में समा गया था। सुदामा के पुत्र शुभम यादव ने बताया कि घटना के समय घर पर उनके माता-पिता ही मौजूद थे। अचानक जमीन धंसने से कमरे में रखा सामान भी गड्ढे में जा गिरा। बाइक का कुछ हिस्सा ही ऊपर दिखाई दे रहा था, जबकि बाकी सामान कई फीट नीचे दब गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। अचानक हुए भू-धंसाव को देखकर लोग हैरान रह गए।
ग्रामीणों का कहना है कि घटना के समय कोई व्यक्ति कमरे या ट्यूबवेल के पास मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पीड़ित किसान ने घटना की जानकारी ग्राम प्रधान को दी है।
उन्होंने तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग से मौके का निरीक्षण कराकर नुकसान का आकलन कराने और आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाने की मांग की है।