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रोडवेज व निजी बसों में ढोए जा रहे व्यावसायिक सामान, हादसे को न्योता
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रोडवेज बस में पार्सलों को लादते लोग।-प्लान खबर की फोटो
- फोटो : AZAMGARH
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नियमों के विपरीत निजी और रोडवेज की बसों में सामान और पार्सल ढोये जा रहे हैं। चालक और परिचालक चंद रुपयों के लालच में बसों की छतों पर तक सामान लाद देते हैं। इससे यात्रियों को परेशानी तो होती ही है, हादसे का डर भी बना रहता है। इसके बाद भी गंभीरता से कार्रवाई नहीं की जाती है।
दिल्ली और लखनऊ समेत अन्य रूटों पर चलने वाली रोडवेज व निजी बसों में बड़े पैमाने पर सामान ढोये जा रहे हैं। रोडवेज की बसों में अंदर व उसकी डिग्गी में यात्रियों के लगेज से अधिक पार्सल के सामान भरे होते हैं। शनिवार को अमर उजाला की टीम रोडवेज बस अड्डे पर पहुंची तो वहां कुछ लोग बसों की डिग्गी में लगेज के अलावा पार्सल भर रहे थे। वहीं एक बाइक पर भी पार्सल के सामान रखकर युवक बस आने की प्रतीक्षा में थे। सबसे खराब स्थिति तो निजी बसों की है। निजी बसों में बस के अंदर, बस की डिग्गी के अलावा बस की छत पर ट्रांसपोर्ट का सामान ले जाया जाता है। इन बसों में सवारियों से अधिक सामान भरे जाते हैं। निजी बसें तेज रफ्तार में चलती हैं और ऊंचाई अधिक होने के कारण कभी भी हादसे का शिकार हो सकती हैं। खासतौर से निजी बसों के संचालक निजी स्वार्थ के लिए यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं, वहीं विभाग को भी लाखों रुपये के टैक्स का चूना लगा रहे हैं। नियमानुसार बसों में लगेज ले जाने का प्रावधान है लेकिन बस संचालक नियमों को ताक पर रखकर सीमा से अधिक सामान ढो रहे हैं।
दिल्ली जाने वाली बसों की छतों पर माल भेजा जाता है लेकिन कभी रास्ते में चेकिंग नहीं होती है। बसों की छतों पर सामान अधिक होने की वजह से कई बार तेज रफ्तार में चल रही बसें लहरा जाती है। ऐसी स्थिति में हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके बाद भी संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की जाती है।
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बसों में यात्री अपना सामान ले जा सकते हैं। इसका मानक निर्धारित है। मानक से अधिक सामान ढो रहे हैं तो गलत है। इसके बारे में वाणिज्यकर विभाग ही बेहतर बता सकता है।-संतोष कुमार सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन आजमगढ़।
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ट्रांसपोर्ट का सामान कैसे ले जाया जा रहा है, हमें हमसे मतलब नहीं है। हमारा काम वाहनों पर आ रहे या जा रहे पार्सल का बिल बाउचर चेक करना है। ओवरलोडिंग मामले में कार्रवाई परिवहन विभाग के जिम्मे है।-अरविंद पाठक, वाणिज्य कर अधिकारी।
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रोडवेज बसों में यात्रियों साथ ही लगेज जा सकता है। पार्सल का सामान बस से ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी है। यदि बसों में पार्सल ढोए जा रहे हैं तो वह गलत है। अभियान चलाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-गौतम कुमार, डॉ. आंबेडकर डिपो।
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दिल्ली और लखनऊ समेत अन्य रूटों पर चलने वाली रोडवेज व निजी बसों में बड़े पैमाने पर सामान ढोये जा रहे हैं। रोडवेज की बसों में अंदर व उसकी डिग्गी में यात्रियों के लगेज से अधिक पार्सल के सामान भरे होते हैं। शनिवार को अमर उजाला की टीम रोडवेज बस अड्डे पर पहुंची तो वहां कुछ लोग बसों की डिग्गी में लगेज के अलावा पार्सल भर रहे थे। वहीं एक बाइक पर भी पार्सल के सामान रखकर युवक बस आने की प्रतीक्षा में थे। सबसे खराब स्थिति तो निजी बसों की है। निजी बसों में बस के अंदर, बस की डिग्गी के अलावा बस की छत पर ट्रांसपोर्ट का सामान ले जाया जाता है। इन बसों में सवारियों से अधिक सामान भरे जाते हैं। निजी बसें तेज रफ्तार में चलती हैं और ऊंचाई अधिक होने के कारण कभी भी हादसे का शिकार हो सकती हैं। खासतौर से निजी बसों के संचालक निजी स्वार्थ के लिए यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं, वहीं विभाग को भी लाखों रुपये के टैक्स का चूना लगा रहे हैं। नियमानुसार बसों में लगेज ले जाने का प्रावधान है लेकिन बस संचालक नियमों को ताक पर रखकर सीमा से अधिक सामान ढो रहे हैं।
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दिल्ली जाने वाली बसों की छतों पर माल भेजा जाता है लेकिन कभी रास्ते में चेकिंग नहीं होती है। बसों की छतों पर सामान अधिक होने की वजह से कई बार तेज रफ्तार में चल रही बसें लहरा जाती है। ऐसी स्थिति में हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके बाद भी संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की जाती है।
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बसों में यात्री अपना सामान ले जा सकते हैं। इसका मानक निर्धारित है। मानक से अधिक सामान ढो रहे हैं तो गलत है। इसके बारे में वाणिज्यकर विभाग ही बेहतर बता सकता है।-संतोष कुमार सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन आजमगढ़।
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ट्रांसपोर्ट का सामान कैसे ले जाया जा रहा है, हमें हमसे मतलब नहीं है। हमारा काम वाहनों पर आ रहे या जा रहे पार्सल का बिल बाउचर चेक करना है। ओवरलोडिंग मामले में कार्रवाई परिवहन विभाग के जिम्मे है।-अरविंद पाठक, वाणिज्य कर अधिकारी।
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रोडवेज बसों में यात्रियों साथ ही लगेज जा सकता है। पार्सल का सामान बस से ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी है। यदि बसों में पार्सल ढोए जा रहे हैं तो वह गलत है। अभियान चलाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-गौतम कुमार, डॉ. आंबेडकर डिपो।