मेजवां। जय मां भवानी समिति के तत्वावधान में फूलपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में चल रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार की शाम बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। आरती के बाद संगीत कलाकारों ने भजनों की सधी प्रस्तुतियां भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पित कीं।
कथावाचक अखिल कृष्ण ने भगवान वामन अवतार और समुद्र मंथन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के कई जन्मों के पापों का क्षय होता है। कथा सुनने के साथ उसकी शिक्षाओं को जीवन में उतारना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु के वामन अवतार ने राजा बलि को दंभ और अहंकार त्यागने की सीख दी। धन-संपदा क्षणभंगुर है, इसलिए जीवन में परोपकार की भावना रखनी चाहिए। अहंकार, घृणा और ईर्ष्या से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने सूर्य, वायु, नदियों, बादलों और वृक्षों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। कहा कि सूर्य बिना भेदभाव सभी को प्रकाश देता है और वायु सभी जीवों में प्राणों का संचार करती है। इस मौके पर विशाल पांडेय, प्रवेश कुमार, राजू, अशोक, राजेश, सुरेश समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु मौजूद रहे।