आजमगढ़: पड़ोसियों ने नहीं घर वालों ने ही की थी पूजा की हत्या, सगे दोनों चाचा ने ली जान
पुलिस ने दोनों आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस एक सप्ताह से इसकी जांच कर रही थी।
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आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र के असवनिया गांव में युवती की पोखरे में मिली लाश प्रकरण का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। युवती की हत्या हुई थी और हत्या पड़ोसियों ने नहीं बल्कि उसके सगे दो चाचा ने मिल कर की थी। सप्ताह भर माथापच्ची करने के बाद पुलिस इस हत्याकांड के खुलासे में सफल हो सकी है और दोनों आरोपी भी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।
असवनिया गांव निवासी उदयभान परिवार के साथ हरियाणा में रहते हैं। उसकी पुत्री पूजा बीए की परीक्षा देने के लिए चार जुलाई को गांव आई थी। 13 जुलाई की रात वह घर से गायब हो गई और 14 जुलाई की सुबह उसकी लाश गांव के पोखरे से बरामद हुई।
इसके बाद परिजनों ने गांव के ही रोहित पुत्र ज्ञानचंद, सौरव व राम प्रसाद पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने थाने का घेराव कर दिया।
सप्ताह भर की कड़ी विवेचना में पुलिस यह पता लगाने में सफल रही कि नामजद अभियुक्तों ने नहीं बल्कि मृतका के दो चाचा चंद्रभान व सूर्यभान ने ही उसकी हत्या की है। बुधवार को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि पूजा के मोबाइल पर गांव के ही रोहित का फोन आ रहा था। घटना वाले दिन भी कई कॉल आए थे। जिसके बाबत जब उससे पूछताछ की गई तो वह उल्टी-सीधी बातें करने लगी।
इसी गुस्से में उसके बाल पकड़ कर मुंह दीवार में दबा दिया, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद वे लाश को पोखरे में फेंक आए और खुद के बचाव में युवती के लापता होने की अफवाह फैला दी। पुलिस ने दोनों आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सीओ (लालगंज) मनोज रघुवंशी ने बताया कि 14 जुलाई की सुबह जब युवती की लाश पोखरे से बरामद हुई थी तो दोनों चाचा लाश लेकर घर चले आए थे और अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए थे। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने गांव में पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। तभी से मामला ऑनर किलिंग का लग रहा था। काफी प्रयास के बाद पुलिस हत्या के तार जोड़ने में सफल हुई और हत्यारोपी दोनों चाचा को गिरफ्तार कर लिया।