{"_id":"5f302ba48ebc3e3cdb4e02cf","slug":"ghaghra-river-is-still-flowing-above-the-danger-mark-azamgarh-news-vns540606437","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है घाघरा नदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है घाघरा नदी
विज्ञापन
लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में घटाव का सिलसिला निरंतर जारी है। विगत 24 घंटे में नदी का जलस्तर बदरहुंआ गेज पर 24 सेमी और डिघिया गेज पर 47 सेमी घटा है। फिर भी दोनों गेजों पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू से ऊपर बना हुआ है।
खतरा बिन्दु से बदरहुआ पर 16 सेमी और डिघिया पर 18 सेमी उपर ।
शनिवार को बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 72.08 मीटर दर्ज किया गया था। जो रविवार की शाम 24 सेमी घटकर 71.84 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 16 सेमी ऊपर है। वहीं डिघिया नाले पर शनिवार की शाम नदी का जलस्तर 71.05 मीटर दर्ज किया गया था। जो रविवार की शाम 47 सेमी घटकर 70.58 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 18 सेमी अधिक है। जलस्तर में कमी होने के कारण कटान व संक्रामक बीमारियों का खतरा देवारा वासियों को सताने लगा है। घाघरा नदी के जल में वृद्धि होने के कारण 80 गांव की 80000 की आबादी प्रभावित हो गई थी। अब घाघरा नदी के जलस्तर में घटाव होने से रास्ते से पानी हटने लगे हैं लेकिन रास्ते जगह-जगह कट गए हैं जिससे आवागमन बाधित रो रहा है। तटवर्ती गांव मुरारी का पूरा, त्रिलोकी का पूरा, महाराज जी का पूरा, साधु का पूरा, बगहवा गांव के सामने कटान का खतरा मंडराने लगा है। जिससे देवारा वासी भयभीत हैं।पानी के सड़ने से दुर्गंध आ रही है संक्रामक बीमारियों दाद, खाज, खुजली, सर्दी, बुखार आदी रोग लोयगों को होने लगा है। लोगों में बाढ़ राहत पैकेट बांटा जा रहा है स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों के बाढ़ चौकियों पर ना रहने से वह दवा के कमी के कारण लोग झोलाछाप डॉक्टरों से दवा औने पौने दाम पर खरीद रहे हैं।
विज्ञापन
खतरा बिन्दु से बदरहुआ पर 16 सेमी और डिघिया पर 18 सेमी उपर ।
शनिवार को बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 72.08 मीटर दर्ज किया गया था। जो रविवार की शाम 24 सेमी घटकर 71.84 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 16 सेमी ऊपर है। वहीं डिघिया नाले पर शनिवार की शाम नदी का जलस्तर 71.05 मीटर दर्ज किया गया था। जो रविवार की शाम 47 सेमी घटकर 70.58 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 18 सेमी अधिक है। जलस्तर में कमी होने के कारण कटान व संक्रामक बीमारियों का खतरा देवारा वासियों को सताने लगा है। घाघरा नदी के जल में वृद्धि होने के कारण 80 गांव की 80000 की आबादी प्रभावित हो गई थी। अब घाघरा नदी के जलस्तर में घटाव होने से रास्ते से पानी हटने लगे हैं लेकिन रास्ते जगह-जगह कट गए हैं जिससे आवागमन बाधित रो रहा है। तटवर्ती गांव मुरारी का पूरा, त्रिलोकी का पूरा, महाराज जी का पूरा, साधु का पूरा, बगहवा गांव के सामने कटान का खतरा मंडराने लगा है। जिससे देवारा वासी भयभीत हैं।पानी के सड़ने से दुर्गंध आ रही है संक्रामक बीमारियों दाद, खाज, खुजली, सर्दी, बुखार आदी रोग लोयगों को होने लगा है। लोगों में बाढ़ राहत पैकेट बांटा जा रहा है स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों के बाढ़ चौकियों पर ना रहने से वह दवा के कमी के कारण लोग झोलाछाप डॉक्टरों से दवा औने पौने दाम पर खरीद रहे हैं।
विज्ञापन