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Azamgarh News: बदरहुंआ और डिघिया में फिर लाल निशान के पार हुई घाघरा
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विगत कई दिनों से घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। घाघरा नदी डिघिया गेज पर पहले से ही खतरा बिंदु से ऊपर थी। वहीं शनिवार को यह बदरहुंआ गेज पर भी खतरा बिंदु से ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से देवारा वासियों की मुसीबतें भी बढ़ने लगी है। गांवों में जाने वाले संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ आया है। जिसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार पांच दिन घटने के बाद घाघरा नदी एक फिर बढ़ने लगी है। इससे देवारा वासियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। नदी किनारे अपना आशियाना बनाकर रहने वाले लोग कटान होने से दहशत में हैं। शनिवार की शाम को बदरहुंआ नाले पर 43 तो डिघिया नाले पर 47 सेमी घाघरा के जलस्तर में बढ़ाव दर्ज किया गया। नदी अपने किनारे के गांव उर्दिहा, सहबदिया और देवारा खास राजा के झगरहवा का पूरा में कटान तेज कर दी है। जल स्तर बढ़ने से आवागमन भी बाधित हो रहा है। देवारा खास राजा के झगरहवा में अब तक चार लोगों का मकान घाघरा नदी में विलीन हो चुका है। 13 लोगों का मकान नदी के मुहाने पर है। लोग अपने हाथों से घरों को उजाड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर हैं। कुछ स्थानों पर बाढ़ का पानी हटने से रास्तों पर कीचड़ फैला हुआ है। इसलिए लोगों को आवागमन की परेशानी हो रही है। रास्ते भी जगह-जगह से टूट गए हैं। ग्राम प्रधान हीरालाल यादव ने बताया कि आवागमन की समस्या बढ़ गई है। सुविधा के लिए दो नाव लगाई गई है। इससे स्कूल के बच्चे व अन्य लोग आ जा रहे हैं। शुक्रवार की शाम बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71.28 मीटर था, जो शनिवार को 43 सेमी बढ़कर 71.71 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है। वहीं, डिघिया नाले पर शुक्रवार की शाम नदी का जलस्तर 70.53 मीटर था, जो शनिवार को 47 सेमी बढ़कर 71.00 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है।
बाढ़ चौकियां हुईं सक्रिय
लाटघाट। बाढ़ से निपटने के लिए तहसील व जिला प्रशासन द्वारा 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ चौकियों को सक्रिय किया गया है।
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नायब तहसीलदार मानवेंद्र सिंह ने बताया कि सभी वाढ़ चौकियां संचालित हैं। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी तैनात हैं। दवा आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। घाघरा नदी के तटवर्ती गांवों में हो रही कटान से लोगों को सचेत कर दिया गया है कि सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
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एक दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग डूबे
लाटघाट। देवारा क्षेत्र के एक दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग पर पानी चढ़ गया है। ग्रामीणों को सबसे अधिक समस्या नाव संचालन की है। लोगों का नाव से आना-जाना होता है पर तहसील प्रशासन से पर्याप्त नाव व्यवस्था न होने से लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। देवरा खास राजा, चक्की, साहडीह, सोनौरा, बांका, बूढ़नपट्टी आदि एक दर्जन गांव पानी से प्रभावित हो गए हैं।
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गांवों में नहीं बितरित हुईं क्लोरिन की गोलियां
लाटघाट। बाढ़ के पानी से घिरे गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों को जहां शुद्ध जल नहीं मिल रहा है, वहीं मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। गांव में क्लोरीन की गोली तक वितरण नहीं किया गया है और न पशुओं को पर्याप्त टीका नहीं लगाया गया है। जिससे पशुओं में बिमारियां फैल रही हैं और पशुपालक परेशान हैं।
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लगातार पांच दिन घटने के बाद घाघरा नदी एक फिर बढ़ने लगी है। इससे देवारा वासियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। नदी किनारे अपना आशियाना बनाकर रहने वाले लोग कटान होने से दहशत में हैं। शनिवार की शाम को बदरहुंआ नाले पर 43 तो डिघिया नाले पर 47 सेमी घाघरा के जलस्तर में बढ़ाव दर्ज किया गया। नदी अपने किनारे के गांव उर्दिहा, सहबदिया और देवारा खास राजा के झगरहवा का पूरा में कटान तेज कर दी है। जल स्तर बढ़ने से आवागमन भी बाधित हो रहा है। देवारा खास राजा के झगरहवा में अब तक चार लोगों का मकान घाघरा नदी में विलीन हो चुका है। 13 लोगों का मकान नदी के मुहाने पर है। लोग अपने हाथों से घरों को उजाड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर हैं। कुछ स्थानों पर बाढ़ का पानी हटने से रास्तों पर कीचड़ फैला हुआ है। इसलिए लोगों को आवागमन की परेशानी हो रही है। रास्ते भी जगह-जगह से टूट गए हैं। ग्राम प्रधान हीरालाल यादव ने बताया कि आवागमन की समस्या बढ़ गई है। सुविधा के लिए दो नाव लगाई गई है। इससे स्कूल के बच्चे व अन्य लोग आ जा रहे हैं। शुक्रवार की शाम बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71.28 मीटर था, जो शनिवार को 43 सेमी बढ़कर 71.71 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है। वहीं, डिघिया नाले पर शुक्रवार की शाम नदी का जलस्तर 70.53 मीटर था, जो शनिवार को 47 सेमी बढ़कर 71.00 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है।
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बाढ़ चौकियां हुईं सक्रिय
लाटघाट। बाढ़ से निपटने के लिए तहसील व जिला प्रशासन द्वारा 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ चौकियों को सक्रिय किया गया है।
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नायब तहसीलदार मानवेंद्र सिंह ने बताया कि सभी वाढ़ चौकियां संचालित हैं। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी तैनात हैं। दवा आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। घाघरा नदी के तटवर्ती गांवों में हो रही कटान से लोगों को सचेत कर दिया गया है कि सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
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एक दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग डूबे
लाटघाट। देवारा क्षेत्र के एक दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग पर पानी चढ़ गया है। ग्रामीणों को सबसे अधिक समस्या नाव संचालन की है। लोगों का नाव से आना-जाना होता है पर तहसील प्रशासन से पर्याप्त नाव व्यवस्था न होने से लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। देवरा खास राजा, चक्की, साहडीह, सोनौरा, बांका, बूढ़नपट्टी आदि एक दर्जन गांव पानी से प्रभावित हो गए हैं।
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गांवों में नहीं बितरित हुईं क्लोरिन की गोलियां
लाटघाट। बाढ़ के पानी से घिरे गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों को जहां शुद्ध जल नहीं मिल रहा है, वहीं मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। गांव में क्लोरीन की गोली तक वितरण नहीं किया गया है और न पशुओं को पर्याप्त टीका नहीं लगाया गया है। जिससे पशुओं में बिमारियां फैल रही हैं और पशुपालक परेशान हैं।