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Azamgarh News: दोनों गेजों पर खतरा बिंदु से ऊपर घाघरा, देवारावासियों में भय
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लाटघाट। देवरांचल की घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण ग्रामीण भयभीत हैं। नदी में 319528 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। शनिवार को बदरहुआ नाले पर 27 तो डिघिया नाले पर 25 सेमी घाघरा का जलस्तर बढ़ा। इस समय लगभग 40 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है।
नदी का जलस्तर बढ़ने से देवारा के करीब तीन दर्जन गांव प्रभावित हो गए हैं। वहीं, ग्राम पंचायत हाजीपुर के चक्की, देवारा खास राजा, शाहडीह, बांका, बुढ़नपट्टी, सोनौरा, मानिकपुर, अभनपट्टी, अराजी अजगरा मगरवी आदि गांवों में अचानक बाढ़ ने ग्रामीणों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। देवारा खास राजा गांव के पूर्व प्रधान पल्टन यादव ने बताया कि बाढ़ का पानी गांव को चारों तरफ से घेर लिया है। अब आवागमन के साथ अन्य समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। प्रशासन के सारे दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। एसडीएम सगड़ी नरेंद्र गंगवार और तहसीलदार विवेकानंद दुबे ने शनिवार को चक्की गांव में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना और उनसे बात किया। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ से जो गांव प्रभावित हो रहे हैं, वहां नाव की समुचित व्यवस्था की जाएगी। पशुओं के चारा की भी व्यवस्था की जाएगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सबसे अधिक समस्या एलकेजी से लेकर कक्षा आठ तक के छात्र-छात्राओं को हो रही है। नाव न चलने से महिलाएं अपने बीमार बच्चों को पानी से ले जा रही हैं। प्राथमिक विद्यालय भदौरा और देवारा खास राजा के बगहवा में पानी भर गया है। इन विद्यालयों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। घाघरा नदी में 319528 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जिसमें गिरिजा बैराज से 170505, शारदा बैराज से 142466 और सरयू बैराज से 6557 क्यूसेक डिस्चार्ज हो रहा है।
बदरहुआ नाले पर शुक्रवार की शाम चार बजे जलस्तर 72.25 मीटर से 27 सेमी बढ़कर शनिवार को 72.52 मीटर रहा। डिघिया नाले पर 71.35 मीटर से 25 सेमी बढ़कर 71.60 मीटर हो गया। बदरहुआ का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर, अधिकतम 73.52 मीटर है। इसी प्रकार डिघिया नाले पर न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है।
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नदी का जलस्तर बढ़ने से देवारा के करीब तीन दर्जन गांव प्रभावित हो गए हैं। वहीं, ग्राम पंचायत हाजीपुर के चक्की, देवारा खास राजा, शाहडीह, बांका, बुढ़नपट्टी, सोनौरा, मानिकपुर, अभनपट्टी, अराजी अजगरा मगरवी आदि गांवों में अचानक बाढ़ ने ग्रामीणों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। देवारा खास राजा गांव के पूर्व प्रधान पल्टन यादव ने बताया कि बाढ़ का पानी गांव को चारों तरफ से घेर लिया है। अब आवागमन के साथ अन्य समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। प्रशासन के सारे दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। एसडीएम सगड़ी नरेंद्र गंगवार और तहसीलदार विवेकानंद दुबे ने शनिवार को चक्की गांव में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना और उनसे बात किया। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ से जो गांव प्रभावित हो रहे हैं, वहां नाव की समुचित व्यवस्था की जाएगी। पशुओं के चारा की भी व्यवस्था की जाएगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सबसे अधिक समस्या एलकेजी से लेकर कक्षा आठ तक के छात्र-छात्राओं को हो रही है। नाव न चलने से महिलाएं अपने बीमार बच्चों को पानी से ले जा रही हैं। प्राथमिक विद्यालय भदौरा और देवारा खास राजा के बगहवा में पानी भर गया है। इन विद्यालयों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। घाघरा नदी में 319528 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जिसमें गिरिजा बैराज से 170505, शारदा बैराज से 142466 और सरयू बैराज से 6557 क्यूसेक डिस्चार्ज हो रहा है।
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बदरहुआ नाले पर शुक्रवार की शाम चार बजे जलस्तर 72.25 मीटर से 27 सेमी बढ़कर शनिवार को 72.52 मीटर रहा। डिघिया नाले पर 71.35 मीटर से 25 सेमी बढ़कर 71.60 मीटर हो गया। बदरहुआ का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर, अधिकतम 73.52 मीटर है। इसी प्रकार डिघिया नाले पर न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है।
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