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हैदराबाद में बनेगी एफएसडीए की प्रयोगशाला, अब यहीं होगी जांच
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आजमगढ़। मंडल के लिए अच्छी खबर हैं। पिछले दिनों शासन ने यहां खाद्य सुरक्षा एवं औषधीय प्रशासन विभाग की प्रयोगशाला और मंडलीय कार्यालय के लिए भूमि मांगी थी। जिला प्रशासन ने शहर से सटे हैदराबाद (छतवारा) में प्रयोगशाला के लिए भूमि तलाश ली गई है। इसे विभाग के नाम करने के लिए फाइल कमिश्नर के पास भेज दी गई है। कमिश्नर की मुहर लगते ही भूमि विभाग के नाम हो जाएगी। इसके बाद इस पर प्रयोगशाला के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार किया जाएगा। मंडल में प्रयोगशाला बनने से खाद्य पदार्थों की तुरंत जांच हो सकेगी। मंडल में प्रयोगशाला बनने से आजमगढ़ के साथ ही मऊ और बलिया को भी इसका लाभ होगा। इन जनपदों के नमूनों की रिपोर्ट भी समय पर मिल पाएगी।
खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और मिलावटखोरों पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधीय प्रशासन विभाग की होती है। दुकानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने को जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जाता है। आम तौर पर 14 दिन में नमूने की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का प्रावधान है, लेकिन अधिकतर मामलों में लेट होता है। खास तौर से त्योहारी सीजन में तो इस प्रयोगशाला पर इतना लोड बढ़ जाता है कि रिपोर्ट मिलने में ही महीनों लग जाते हैं। रिपोर्ट में देर होने से समय पर कार्रवाई नहीं हो पाती और मिलावट करने वाले लोग सक्रिय रहते हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार ने मंडल स्तर पर प्रयोगशाला के निर्माण की घोषणा की गई थी। कुछ माह पहले शासन की ओर से जिलाधिकारी को पत्र भेजकर प्रयोगशाला और मंडलीय कार्यालय के भूमि मांगी गई थी। डीएम राजेश कुमार के निर्देश पर एसडीएम सदर ने प्रयोगशाला के लिए शहर से सटे हैदराबाद में 0.405 हेक्टेयर बंजर भूमि की तलाश की है। इसे विभाग के नाम करने के लिए कमिश्नर के पास फाइल भेजी गई है। हैदराबाद (छतवारा) में खाद्य सुरक्षा एवं औषधीय प्रशासन विभाग की लैब तो स्थापित होगी ही। उसी में विभाग का मंडलीय कार्यालय भी बनेगा। अभी तक विभाग का जनपदीय कार्यालय कलक्ट्रेट में और मंडलीय कार्यालय कमिश्नरी में चलता है।
शासन ने मंडल स्तर पर खाद्य पदार्थों की जांच के लिए प्रयोगशाला स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए भूमि की तलाश करने के निर्देश दिए गए थे। जिला प्रशासन की ओ से हैदराबाद (छतवारा) में जमीन उपलब्ध कराने की बात कही गई है। लैब के लिए सरकार बजट जारी करेगी। लैब के साथ ही मंडलीय कार्यालय भी स्थापित होगा।
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डीके राय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और मिलावटखोरों पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधीय प्रशासन विभाग की होती है। दुकानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने को जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जाता है। आम तौर पर 14 दिन में नमूने की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का प्रावधान है, लेकिन अधिकतर मामलों में लेट होता है। खास तौर से त्योहारी सीजन में तो इस प्रयोगशाला पर इतना लोड बढ़ जाता है कि रिपोर्ट मिलने में ही महीनों लग जाते हैं। रिपोर्ट में देर होने से समय पर कार्रवाई नहीं हो पाती और मिलावट करने वाले लोग सक्रिय रहते हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार ने मंडल स्तर पर प्रयोगशाला के निर्माण की घोषणा की गई थी। कुछ माह पहले शासन की ओर से जिलाधिकारी को पत्र भेजकर प्रयोगशाला और मंडलीय कार्यालय के भूमि मांगी गई थी। डीएम राजेश कुमार के निर्देश पर एसडीएम सदर ने प्रयोगशाला के लिए शहर से सटे हैदराबाद में 0.405 हेक्टेयर बंजर भूमि की तलाश की है। इसे विभाग के नाम करने के लिए कमिश्नर के पास फाइल भेजी गई है। हैदराबाद (छतवारा) में खाद्य सुरक्षा एवं औषधीय प्रशासन विभाग की लैब तो स्थापित होगी ही। उसी में विभाग का मंडलीय कार्यालय भी बनेगा। अभी तक विभाग का जनपदीय कार्यालय कलक्ट्रेट में और मंडलीय कार्यालय कमिश्नरी में चलता है।
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शासन ने मंडल स्तर पर खाद्य पदार्थों की जांच के लिए प्रयोगशाला स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए भूमि की तलाश करने के निर्देश दिए गए थे। जिला प्रशासन की ओ से हैदराबाद (छतवारा) में जमीन उपलब्ध कराने की बात कही गई है। लैब के लिए सरकार बजट जारी करेगी। लैब के साथ ही मंडलीय कार्यालय भी स्थापित होगा।
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डीके राय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी