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आग से 56 रिहाइशी मड़इयां हुईं राख
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Sat, 29 Apr 2017 12:09 AM IST
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रौनापार थाना क्षेत्र के देवारा खास राजा गांव के महराज पुरवे में शुक्रवार को दिन में 11 बजे के करीब बीड़ी की चिंगारी से लगी आग ने तबाही मचाते हुए 16 लोगों की 56 मड़इयां और भीतर रखे गए 70 हजार रुपये नगद और लाखो रुपये का सामान जलाकर राख कर दिया। पीड़ितों में चार ऐसे परिवार भी शामिल है जो अपनी बेटी के शादी की तैयारी कर रहे थे। ग्रामीण अथक प्रयास कर ग की इस घटना पर काबू पाए। घटना के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हो गया है।
पीड़ितों में बालचंद की तीन मड़ई, सुकरु की तीन, हरिश्चंद की चार, पारस की पांच, राजकुमार की चार, बेचन की तीन मड़ई, रामशरण की तीन, छांगुर की चार, कृपाल की तीन, सुरेंद्र की तीन, धीरेंद्र की दो, मूरत की पांच, रामसागर की चार, श्रीराम की तीन मड़ई, रामदरश की तीन, लीलावती की चार मड़ई जल गई। यह सभी लोग रनापार थाना क्षेत्र के देवारा खास राजा गांव के महराज पुरवे के निवासी हैं। इस पुरवे में करीब 16 लोगों का परिवार रहता है। घाघरा नदी के तराई वाले क्षेत्र में होने की वजह से सभी का परिवार मड़ई में रहता है। शुक्रवार को दिन में 11 बजे किसी ने बीड़ी पीकर जलती हुई फेंक दिया।
हवा के तेज झोंके के साथ बीड़ी की वह चिंगारी उड़ी और एक व्यक्ति के मड़ई में घुस गई। तेज हवा चलने से मड़ई में आग लग गई। लोग जब तक आग पर काबू पाते कि आग अन्य लोगों की मड़इयों को अपनी आगोश में ले ली और जलाकर राख कर दिया। मड़ई में रखे लाखों का सामान, कपड़े, अनाज आदि जल गए। पीड़ितों में पारस, बालचंद और लालमुनि के घर बेटी की शादी थी। ये अपनी बीटिया की शादी की तैयारी करते हुए तीनों क्रमश: 40 हजार और 15-15 हजार रुपये नगद, साड़ी, कपड़ा, गहना आदि इकट्ठा किए थे। आगलगी की घटना में यह सबकुछ जलकर नष्ट हो गया।
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पीड़ितों में बालचंद की तीन मड़ई, सुकरु की तीन, हरिश्चंद की चार, पारस की पांच, राजकुमार की चार, बेचन की तीन मड़ई, रामशरण की तीन, छांगुर की चार, कृपाल की तीन, सुरेंद्र की तीन, धीरेंद्र की दो, मूरत की पांच, रामसागर की चार, श्रीराम की तीन मड़ई, रामदरश की तीन, लीलावती की चार मड़ई जल गई। यह सभी लोग रनापार थाना क्षेत्र के देवारा खास राजा गांव के महराज पुरवे के निवासी हैं। इस पुरवे में करीब 16 लोगों का परिवार रहता है। घाघरा नदी के तराई वाले क्षेत्र में होने की वजह से सभी का परिवार मड़ई में रहता है। शुक्रवार को दिन में 11 बजे किसी ने बीड़ी पीकर जलती हुई फेंक दिया।
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हवा के तेज झोंके के साथ बीड़ी की वह चिंगारी उड़ी और एक व्यक्ति के मड़ई में घुस गई। तेज हवा चलने से मड़ई में आग लग गई। लोग जब तक आग पर काबू पाते कि आग अन्य लोगों की मड़इयों को अपनी आगोश में ले ली और जलाकर राख कर दिया। मड़ई में रखे लाखों का सामान, कपड़े, अनाज आदि जल गए। पीड़ितों में पारस, बालचंद और लालमुनि के घर बेटी की शादी थी। ये अपनी बीटिया की शादी की तैयारी करते हुए तीनों क्रमश: 40 हजार और 15-15 हजार रुपये नगद, साड़ी, कपड़ा, गहना आदि इकट्ठा किए थे। आगलगी की घटना में यह सबकुछ जलकर नष्ट हो गया।
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