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Azamgarh News: फर्जी बैंक का पासबुक देकर 26.50 लाख की ठगी

Tue, 18 Jun 2024 11:02 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2024 11:02 PM IST
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Fraud of 26.50 lakhs by giving fake bank passbook
आजमगढ़। शौहार्ड सोर्स निधि लिमिटेड कंपनी के नाम से फर्जी बैंक खोलकर एक व्यक्ति से 26.50 लाख रुपये की ठगी का मामला आया है। पीड़ित की तहरीर पर सिधारी थाने की पुलिस ने दंपती समेत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
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सिधारी थाना क्षेत्र के सर्फुद्दीनपुर निवासी आशीष कुमार गुप्ता ने सिधारी थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया है। पीड़ित ने बताया कि पवई थाना क्षेत्र के पवई गांव निवासी दीपक जायसवाल ने उसे भरोसे में लेते हुए कहा कि उसकी शौहार्ड सोर्स निधि लिमिटेड कंपनी में खाता खुलवाए और उसको अच्छा ब्याज मिलेगा। आशीष ने दीपक की बातों में आकर अपनी पत्नी रिंकी गुप्ता के नाम से 17 जुलाई 2021 को खुलवाया और 31 अगस्त 2023 तक उक्त खाते में 26 लाख 50 हजार रुपये किस्तों में जमा किया।
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सिधारी थाना क्षेत्र के चकगोरया गांव निवासी सुनील प्रजापति उक्त कंपनी का एजेंट है, जो दीपक के कहने पर आए दिन उससे पैसा लेता रहा। बताया कि दीपक जायसवाल ने एक फर्जी स्टांप पेपर पर छह मार्च 2024 को एक अनुबंध पत्र लिखा। जिस पर दीपक जायसवाल ने 13 लाख 50 हजार का जिक्र किया है तो पीड़ित ने उसपर आपत्ति जाहिर की तो दीपक जायसवाल ने कहा कि यह केवल 13 लाख 50 हजार का अनुबंध है। इसी तरह का दूसरा अनुबंध बचे हुए शेष रुपये का बनाकर दे दूंगा।
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ऑफिस भी हो गया लापता : आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि काफी दिनों तक जब दीपक व एजेंट से मुलाकात नहीं हो पा रही थी तब वह नरौली स्थित ऑफिस गया वहां पर न तो कंपनी मिली और न ही उक्त कंपनी के किसी एजेंट से मुलाकात हुई। जब उसका खाता उक्त कंपनी में खोला गया था तो उक्त कंपनी में ब्रांच ऑफिस जिसका पता मकान नं.29 शकुंतला भवन पवई बाजार नियर दुर्गा मंदिर ग्राउंड फ्लोर पवई लिखा था तो वह उक्त पासबुक को लेकर रजिस्टर्ड ऑफिस पर भी गया वहां पर भी उक्त ऑफिस नहीं मिला।

फर्जी बैंक में दीपक का भाई शिवराम भी शामिल :
पीड़ित आशीष गुप्ता ने बताया कि उक्त फर्जी बैंक में दीपक जायसवाल का भाई शिवराम जायसवाल भी शामिल है। बताया कि दीपक के कहने पर उसकी पत्नी नेहा जायसवाल के पे फोन पर भी रुपये लिए गए थे। क्योंकि इस फर्जीवाड़े में उनके भाई शिवराम, पत्नी नेहा बराबर के सहयोगी हैं।
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