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25 रुपये के लिए चार हजार का जुर्माना लगाया
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 25 Feb 2016 11:59 PM IST
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ऑफर के अनुसार 25 रुपये अतिरिक्त टॉक वैल्यू न देने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने बुधवार को आदेश दिया कि बीएसएनएल चार हजार रुपये क्षतिपूर्ति वादी को दे। उपभोक्ता को 25 रुपये का अतिरिक्त टॉक वैल्यू भी देने का निर्देश दिया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एलवल मुहल्ला निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल कर बताया था कि पांच अक्तूबर, 2014 को उनके मोबाइल फोन पर बीएसएनएल की तरफ से एसएमएस आया कि 550 रुपये के टॉपअप पर 575 रुपये का टॉक वैल्यू मिलेगा।
उन्होंने 550 रुपये का टॉपअप कराया लेकिन 25 रुपये ऑफर की धनराशि नहीं मिली। कस्टमर केयर ने बताया कि दो-तीन दिन बाद 25 रुपये की टॉक वैल्यू उपलब्ध करा दी जाएगी। उसके बाद भी उपभोक्ता को ऑफर की धनराशि नहीं मिली।
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विभागीय अधिकारियों की उदासीनता पर राघवेंद्र ने उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल कर दिया। फोरम ने याची के आरोपों को सही पाया और बीएसएलएन के महाप्रबंधक को क्षतिपूर्ति के संबंध में आदेश जारी किया।
राघवेंद्र की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे अधिवक्ता शुभकरन सिंह ने बताया कि यदि विभाग फोरम के आदेश का पालन नियत समय में नहीं करता है, तो वह रिवीजन दाखिल करेंगे। उधर, फोरम के फैसले को लेकर बुधवार को काफी उत्सुकता रही। उपभोक्ता ने राहत महसूस की।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के एलवल मुहल्ला निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल कर बताया था कि पांच अक्तूबर, 2014 को उनके मोबाइल फोन पर बीएसएनएल की तरफ से एसएमएस आया कि 550 रुपये के टॉपअप पर 575 रुपये का टॉक वैल्यू मिलेगा।
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उन्होंने 550 रुपये का टॉपअप कराया लेकिन 25 रुपये ऑफर की धनराशि नहीं मिली। कस्टमर केयर ने बताया कि दो-तीन दिन बाद 25 रुपये की टॉक वैल्यू उपलब्ध करा दी जाएगी। उसके बाद भी उपभोक्ता को ऑफर की धनराशि नहीं मिली।
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विभागीय अधिकारियों की उदासीनता पर राघवेंद्र ने उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल कर दिया। फोरम ने याची के आरोपों को सही पाया और बीएसएलएन के महाप्रबंधक को क्षतिपूर्ति के संबंध में आदेश जारी किया।
राघवेंद्र की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे अधिवक्ता शुभकरन सिंह ने बताया कि यदि विभाग फोरम के आदेश का पालन नियत समय में नहीं करता है, तो वह रिवीजन दाखिल करेंगे। उधर, फोरम के फैसले को लेकर बुधवार को काफी उत्सुकता रही। उपभोक्ता ने राहत महसूस की।