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हमले में दो दरोगा समेत चार पुलिसकर्मी घायल
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sat, 21 Feb 2015 12:09 AM IST
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जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के बेरवा मोड़ पर दो दिन पूर्व सुर्ती देने में देरी से नाराज होकर पान विक्रेता को गोली मारने वाले मनबढ़ों की गिरफ्तारी और आर्थिक सहायता दिलाने की मांग पर बोरवा बाजार में सड़क जाम कर रहे ग्रामीणों और पुलिस के बीच शुक्रवार की सुबह हुई झड़प में दो दरोगा समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस के दबाव के चलते सुबह नौ बजे लगा जाम करीब तीन घंटे बाद समाप्त हो गया। उधर, गोली लगने से घायल दूकानदार वाराणसी के एक निजी अस्पताल में मौत से जूझ रहा है।
बेरवां गांव निवासी योगेंद्र यादव (41) विकलांग है। वह पांच पुत्रियों का पिता है। जीविका के लिए वह बेरवां बाजार में पान की दूकान चलाता है। 17 फरवरी की रात करीब 10 बजे योगेंद्र के गांव के रहने वाले सोनू सिंह अपनी बुआ के बेटे वंशू सिंह के साथ उसकी दूकान पर पहुंचा।
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शराब के नशे में धुत दोनों ने पहले योगेंद्र से सुर्ती मांगी। वह नींद में था। सुर्ती देने में देरी हुई तो मनबढ़ों ने उसे गोली मार दी। सीने में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका वाराणसी में उपचार चल रहा है। घटना के संबंध में दोनों के विरुद्ध थाने में हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
योगेंद्र की आर्थिक स्थित दुरुस्त न होने की वजह से गांव के लोग शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे सड़क पर उतर गए। जीयनपुर-मुबारकपुर मार्ग पर स्थित बेरवां मोड़ पर चक्काजाम कर दिए। इसकी सूचना पर जीयनपुर कोतवाली पुलिस के अलावा अन्य थानों की फोर्स पहुंची लेकिन उनकी जिद के आगे पुलिस लाचार दिखी। पौने 12 बजे के आसपास एसडीएम सगड़ी अनिल सिंह और सीओ सगड़ी बृजेंद्र द्विवेदी फोर्स लेकर पहुंचे।
जाम खुलवाने के लिए वार्ता करने लगे। इसी बीच किसी बात से नाराज होकर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, पहले तो ग्रामीण भाग खड़े हुए लेकिन बाद में महिला और पुरुष भी ईंट पत्थर लेकर पुलिसवालों पर हमला बोल दिए। इसमें जीयनपुर थाने पर तैनात दारोगा ओमप्रकाश सिंह, देवेंद्र सिंह और सिपाही मोहम्मद अली और प्रमोद कुमार घायल हो गए। इन्हें पीएचसी अजमगतगढ़ में भर्ती कराया गया है।
साथियों के घायल होने के बाद पुलिस पुन: ग्रामीणों को दूर खदेड़ते हुए जाम को समाप्त कराया। कोतवाल जीयनपुर एसएन वर्मा ने बताया कि करीब तीन घंटे बाद जाम समाप्त करा दिया गया। मौके पर पुलिस और पीएसी को तैनात किया गया है। घटना के संबंध में अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज है। न ही कोई तहरीर ही मिली है।
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पुलिस के दबाव के चलते सुबह नौ बजे लगा जाम करीब तीन घंटे बाद समाप्त हो गया। उधर, गोली लगने से घायल दूकानदार वाराणसी के एक निजी अस्पताल में मौत से जूझ रहा है।
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बेरवां गांव निवासी योगेंद्र यादव (41) विकलांग है। वह पांच पुत्रियों का पिता है। जीविका के लिए वह बेरवां बाजार में पान की दूकान चलाता है। 17 फरवरी की रात करीब 10 बजे योगेंद्र के गांव के रहने वाले सोनू सिंह अपनी बुआ के बेटे वंशू सिंह के साथ उसकी दूकान पर पहुंचा।
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शराब के नशे में धुत दोनों ने पहले योगेंद्र से सुर्ती मांगी। वह नींद में था। सुर्ती देने में देरी हुई तो मनबढ़ों ने उसे गोली मार दी। सीने में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका वाराणसी में उपचार चल रहा है। घटना के संबंध में दोनों के विरुद्ध थाने में हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
योगेंद्र की आर्थिक स्थित दुरुस्त न होने की वजह से गांव के लोग शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे सड़क पर उतर गए। जीयनपुर-मुबारकपुर मार्ग पर स्थित बेरवां मोड़ पर चक्काजाम कर दिए। इसकी सूचना पर जीयनपुर कोतवाली पुलिस के अलावा अन्य थानों की फोर्स पहुंची लेकिन उनकी जिद के आगे पुलिस लाचार दिखी। पौने 12 बजे के आसपास एसडीएम सगड़ी अनिल सिंह और सीओ सगड़ी बृजेंद्र द्विवेदी फोर्स लेकर पहुंचे।
जाम खुलवाने के लिए वार्ता करने लगे। इसी बीच किसी बात से नाराज होकर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, पहले तो ग्रामीण भाग खड़े हुए लेकिन बाद में महिला और पुरुष भी ईंट पत्थर लेकर पुलिसवालों पर हमला बोल दिए। इसमें जीयनपुर थाने पर तैनात दारोगा ओमप्रकाश सिंह, देवेंद्र सिंह और सिपाही मोहम्मद अली और प्रमोद कुमार घायल हो गए। इन्हें पीएचसी अजमगतगढ़ में भर्ती कराया गया है।
साथियों के घायल होने के बाद पुलिस पुन: ग्रामीणों को दूर खदेड़ते हुए जाम को समाप्त कराया। कोतवाल जीयनपुर एसएन वर्मा ने बताया कि करीब तीन घंटे बाद जाम समाप्त करा दिया गया। मौके पर पुलिस और पीएसी को तैनात किया गया है। घटना के संबंध में अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज है। न ही कोई तहरीर ही मिली है।