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Azamgarh News: समय से पहले आ सकती है बाढ़, प्रशासन हुआ सतर्क, 134 से अधिक गांवों को घाघरा की बाढ़ से खतरा
Sat, 21 Jun 2025 05:52 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Sat, 21 Jun 2025 05:52 PM IST
सार
घाघरा नदी की बाढ़ 134 गांव के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। अनुमान ये भी है कि इस बार बाढ़ समय से पहले आ सकती है लिहाजा प्रशासन सतर्क है और 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
इस वर्ष घाघरा नदी में समय से पहले बाढ़ आने की आशंका को देखते हुए बाढ़ खंड विभाग और तहसील प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, घाघरा नदी में बाढ़ आने पर 134 से अधिक गांव इसकी चपेट में आ सकते हैं।
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तहसील क्षेत्र में 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं और बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित इलाकों में सभी शरणालयों का चयन कर लिया गया है। इसके अलावा, तटबंधों की निगरानी के लिए सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं की ड्यूटी लगा दी गई है। एसडीएम सगड़ी श्याम प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि बाढ़ आने की स्थिति में किसी प्रकार की जनहानि या नुकसान न हो।
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बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पूर्व तैयारी और मॉकड्रिल की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में सगड़ी तहसील सभागार में एसडीएम श्याम प्रताप सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को बैठक आयोजित की गई, जिसमें 26 जून को प्रस्तावित बाढ़ मॉकड्रिल की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
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बैठक में बाढ़ खंड विभाग, लोक निर्माण विभाग, क्षेत्राधिकारी सगड़ी, वन विभाग, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, थाना अध्यक्ष, विद्युत विभाग, पूर्ति निरीक्षक, जल निगम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. संजय यादव, पशु चिकित्सा अधिकारी, सिंचाई विभाग के अधिकारी सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रशासन के अनुसार, घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने पर पिछले वर्ष 24 गांवों की करीब 20,183 आबादी प्रभावित हुई थी और प्रशासन ने 151 छोटी-बड़ी नावों की व्यवस्था कर राहत कार्य संचालित किया था। साथ ही 4,500 राहत कीटों का वितरण भी किया गया था।
10 बाढ़ चौकियां और 14 राहत शिविर तैयार
इस बार प्रशासन ने बाढ़ पूर्व तैयारी के अंतर्गत 10 बाढ़ चौकियों की स्थापना की है, जिनमें दाम महुला, गांगेपुर, हाजीपुर, जमुवारी, देवाराम, ईश्माइलपुर, हैदराबाद, कुढ़ही, शिवपुर, सहदेवगंज, नौबरार, देवारा जदीद जैसे संवेदनशील गांव शामिल हैं।
14 राहत शिविर चिन्हित
- प्राथमिक विद्यालय, जोड़वाबर (महराजगंज)
- प्राथमिक विद्यालय, टोटहवा (महराजगंज)
- प्राथमिक पाठशाला, नौबरार त्रिपुरारपुर खालसा
- सर्वोदय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, तुर्कचारा
- जूनियर हाई स्कूल, रौनापार हरैया
- जूनियर हाई स्कूल, हैदराबाद हरैया
- वर्मा श्याम दुलारी विद्यालय, अराजी देवारा नैनीजोर
- स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज, हैदराबाद
- प्राथमिक विद्यालय, हाजीपुर हरैया
- वर्मा श्याम दुलारी महाविद्यालय, हरैया
- प्राथमिक विद्यालय, गांगेपुर हरैया
- प्राथमिक विद्यालय, महुला (अजमतगढ़)
- प्राथमिक विद्यालय, दाम महुला (अजमतगढ़)
- प्राथमिक विद्यालय, टेकनपुर (अजमतगढ़)
एसडीएम श्याम प्रताप सिंह ने सभी विभागों को समय से तैयारी पूरी करने और मॉकड्रिल को यथासमय सफलतापूर्वक संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में प्रशासन पूरी तरह सजग और सक्रिय है, जिससे जनहानि को रोका जा सके और राहत कार्य समय से संचालित हों।
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, जिन गांवों को बाढ़ का सर्वाधिक खतरा है उनमें देवरा, दाम महुला, सहबदिया, गांगेपुर, हाजीपुर, देवरा खास राजा, अभन पट्टी, अजगरा मगरवी, अराजी अजगरा मगरवी, अचल नगर, ईश्माइलपुर, रोशनगंज, हैदराबाद, कुढ़ही, देवारा जदीद, देवारा कर्ताराम, सहदेवगंज आदि शामिल हैं।
बाढ़ खंड विभाग ने बताया कि वर्ष 2022 में घाघरा नदी में अब तक का सबसे अधिक जलस्तर दर्ज किया गया था, ऐसे में इस बार भी समय रहते सभी जरूरी उपाय और संसाधन तैनात किए जा रहे हैं। एसडीएम श्याम प्रताप सिंह ने आश्वस्त किया कि बाढ़ आने पर किसी भी ग्रामीण को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने दी जाएगी।
इसके लिए प्रशासन चौबीसों घंटे सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने को तैयार है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बाढ़ चौकियों के माध्यम से सही जानकारी प्राप्त करें।