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बाढ़ में पांच करोड़ का ठोकर बहा, 15.18 करोड़ से फिर हो रहा निर्माण

Fri, 03 Jun 2022 11:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jun 2022 11:21 PM IST
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Five crore stumbled in flood, construction is being done again with 15.18 crores
आजमगढ़। पिछले वर्ष आई बाढ़ में घाघरा नदी की कटान को रोकने के लिए बनाए गए दो रिंग बांध कट गए। 18 करोड़ की लागत से बांध को बचाने के लिए तीन ठोकरों का निर्माण शुरू हुआ लेकिन यह पूरा नहीं हो सका। जो बना था वह भी घाघरा काटकर बहा ले गई। एक बार फिर से 15.18 करोड़ की लागत से तीन ठोकरों का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन अभी तक इसका कार्य अधूरा है। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी देवारावासियों के लिए किसी दु:स्वप्न से कम नहीं है। पूरे वर्ष तिनका-तिनका जोड़कर लोग अपनी घर गृहस्थी बसाते हैं। तभी घाघरा एक बार फिर उनकी गृहस्थी को उजाड़ने के लिए उनके दरवाजे पर दस्तक देने की खड़ी नजर आती है। नदी के इस प्रकोप से देवारावासियों को उबरने में पूरा साल गुजर जाता है। पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान घाघरा ने दो रिंग बांध को काटकर अपने आगोश में ले लिया और इसके बाद किसानों की फसल और खेती की उपजाऊ भूमि को काटकर अपने अंदर समाहित कर ली। पहला रिंग बांध गांगेपुर परसिया था जिसकी लंबाई डेढ़ किमी थी। जबकि दूसरा गांगेपुर शवदाह स्थल से मठिया तक एक किमी लंबा था। इसको बनाने पर कुल ढाई-ढाई करोड़ रुपये की लागत आई थी। इन रिंग बांधों को कटने के बाद महुला गढ़वल बांध पर कटान का खतरा मड़राने लगा। जिसे देखते हुए 18 करोड़ की लागत से तीन ठोकर बनाने का निर्णय लिया गया। लेकिन यह कार्य इतना देर से शुरू हुआ कि बाढ़ आई और ठोकर निर्माण के लिए डाली गई पूरी मिट्टी को अपने साथ बहा ले गई। जिसके कारण पांच करोड़ रुपये पानी में बह गए। फिर उसी स्थान पर 15.18 करोड़ की लागत से तीन ठोकरों का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन यह कार्य भी देर से शुरू हुआ है जिसके कारण अभी तक यह पूरा नहीं हो सका है।
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देर से कार्य शुरू होने पर ग्रामीणों में रोष
आजमगढ़। गांगेपुर के पूर्व प्रधान रामनिवास यादव ने कहा कि विभाग जानबूझकर देर से काम शुरू करवाता है। अगर समय से काम होता तो कटान पर काबू पाया जा सकता है। परसिया गांव के पूर्व प्रधान भजुराम पटेल ने कहा कि सैकड़ों एकड़ जमीन कट गई। गांव को बचाने के लिए रिंग बांध कट गया पर शासन प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। किसानों की कोई चिंता नहीं है। ग्रामीणों की मानें तो इस बार भी घाघरा के आगोश में सबकुछ चला जाएगा। क्योंकि अगर रिंग बांध अगर कटा तो गांगेपुर मठिया गांव का जो महुला गढ़वाल बांध से उत्तर करीब 300 घरों के 2000 की आबादी के अस्तित्व पर खतरा हो जाएगा। काफी देर से काम शुरू किया गया, यही कारण है कि यह आधी अधूरी परियोजना पर भी कटान का खतरा बढ़ जाएगा। बाढ़खंड के अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार ने बताया कि 15.18 करोड़ की तीन ठोकर निर्माण कराया जा रहा है। एक 30 मीटर लंबा, दूसरा तीन मीटर लंबा और तीसरा सात मीटर लंबा होगा। हम किसी भी हाल में बंधे को बचा लेंगे, कटने नहीं देंगे। स्वीकृति जब मिली तो काम शुरू कराया गया है।
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