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एडीआई समिति संचालकों पर प्राथमिकी होगी, कराएंगे रिकवरी
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Tue, 06 Mar 2018 11:55 PM IST
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कूट रचना कर 1.40 करोड़ के मार्केटिंग इंसेटिव हड़पने की आरोपी समितियों को किसी तरीके की राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है। 26 फरवरी को पक्ष रखने का समय बीतने के बाद जिलाधिकारी ने 11 बुनकर समितियों के सभापति और सचिव पर एफआईआर कराने की जिम्मेदारी सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ को सौंपी है।
साथ ही एफआईआर की तहरीर तैयार करने की जिम्मेदारी जेडी अभियोजन को सौंपी गई है। सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ नियमानुसार समितियों को आरसी जारी कर ब्याज सहित मार्केटिंग इंसेटिव की वसूली कराएंगे। वहीं, कार्रवाई के डर से समिति संचालकों में हड़कंप है।
कूट रचना की आरोपी बुनकर समितियों को 26 फरवरी को टीम के समक्ष अपना पक्ष रखना था, लेकिन कोई नहीं पहुंचा था। टीम की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने आरोपी समितियों पर कार्रवाई के लिए हरी झंडी दे दी है। समिति के सचिव और सभापति पर एफआईआर कराने की जिम्मेदारी सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ अनिल श्रीवास्तव को सौंपी गई है।
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साथ जांच और कार्रवाई टीम में शामिल अपर अर्थ एवं संख्याधिकारी सुनील सिंह को जेडी अभियोजन से आरोपी समितियों के खिलाफ तहरीर तैयार करवाने को कहा है। सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ समितियों को नियमानुसार आरसी जारी कर हड़पे गए धन की वसूली भी कराएंगे।
इसमें भारती हैंडलूम पुरारानी से 13.88 लाख, विकास बुनकर समिति से 8.54 लाख, न्यू इंडिया हैंडलूम से 17.30 लाख, संगम हैंलूम से 15.14 लाख, होल्डेन सिल्क से 16.01 लाख, इंडियन हैंडलूम से 16.85 लाख, शमा इंडिया से 18.17 लाख, भारत हैंडलूम से 17.10 लाख, जायमंड सिल्क से 8.24 लाख, रेशमी करघा उद्योग से 9.17 लाख की वसूली ब्याज के साथ की जाएगी। आधुनिक बुनकर समिति को कोई अनुदान नहीं मिला था, लेकिन अनुदान लेने के लिए इन्होंने भी कूट रचना की थी। इसलिए इन पर भी एफआईआर कराई जाएगी।
फाइलें न आने से अटकीं अन्य समितियों की जांच
जिलाधिकारी 11 समितियों पर कार्रवाई के साथ ही 250 से अधिक बुनकर समितियों की जांच के लिए टीम का गठन किया था। टीम जांच शुरू करने के लिए कई बार सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ को संबंधित फाइलों को भिजवाने की बात कह चुकी है, लेकिन अभी तक विभाग की ओर से फाइलें नहीं भेजी गई हैं। फाइलों के नहीं आने से जहां जांच प्रबावित हो रही हैं, वहीं, फाइलों को बदलने और छेड़छाड़ की अफवाहें भी उड़ने लगी हैं।
11 आरोपी समितियों के सचिव और सभापति पर एफआईआर और ब्याज सहित मार्केटिंग इंसेटिव की वसूली के लिए सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ को निर्देशित कर दिया गया है। जल्द से जल्द कार्रवाई पूरी करने के लिए कहा गया है। हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -सीबी सिंह, जिलाधिकारी
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साथ ही एफआईआर की तहरीर तैयार करने की जिम्मेदारी जेडी अभियोजन को सौंपी गई है। सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ नियमानुसार समितियों को आरसी जारी कर ब्याज सहित मार्केटिंग इंसेटिव की वसूली कराएंगे। वहीं, कार्रवाई के डर से समिति संचालकों में हड़कंप है।
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कूट रचना की आरोपी बुनकर समितियों को 26 फरवरी को टीम के समक्ष अपना पक्ष रखना था, लेकिन कोई नहीं पहुंचा था। टीम की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने आरोपी समितियों पर कार्रवाई के लिए हरी झंडी दे दी है। समिति के सचिव और सभापति पर एफआईआर कराने की जिम्मेदारी सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ अनिल श्रीवास्तव को सौंपी गई है।
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साथ जांच और कार्रवाई टीम में शामिल अपर अर्थ एवं संख्याधिकारी सुनील सिंह को जेडी अभियोजन से आरोपी समितियों के खिलाफ तहरीर तैयार करवाने को कहा है। सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ समितियों को नियमानुसार आरसी जारी कर हड़पे गए धन की वसूली भी कराएंगे।
इसमें भारती हैंडलूम पुरारानी से 13.88 लाख, विकास बुनकर समिति से 8.54 लाख, न्यू इंडिया हैंडलूम से 17.30 लाख, संगम हैंलूम से 15.14 लाख, होल्डेन सिल्क से 16.01 लाख, इंडियन हैंडलूम से 16.85 लाख, शमा इंडिया से 18.17 लाख, भारत हैंडलूम से 17.10 लाख, जायमंड सिल्क से 8.24 लाख, रेशमी करघा उद्योग से 9.17 लाख की वसूली ब्याज के साथ की जाएगी। आधुनिक बुनकर समिति को कोई अनुदान नहीं मिला था, लेकिन अनुदान लेने के लिए इन्होंने भी कूट रचना की थी। इसलिए इन पर भी एफआईआर कराई जाएगी।
फाइलें न आने से अटकीं अन्य समितियों की जांच
जिलाधिकारी 11 समितियों पर कार्रवाई के साथ ही 250 से अधिक बुनकर समितियों की जांच के लिए टीम का गठन किया था। टीम जांच शुरू करने के लिए कई बार सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ को संबंधित फाइलों को भिजवाने की बात कह चुकी है, लेकिन अभी तक विभाग की ओर से फाइलें नहीं भेजी गई हैं। फाइलों के नहीं आने से जहां जांच प्रबावित हो रही हैं, वहीं, फाइलों को बदलने और छेड़छाड़ की अफवाहें भी उड़ने लगी हैं।
11 आरोपी समितियों के सचिव और सभापति पर एफआईआर और ब्याज सहित मार्केटिंग इंसेटिव की वसूली के लिए सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ को निर्देशित कर दिया गया है। जल्द से जल्द कार्रवाई पूरी करने के लिए कहा गया है। हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -सीबी सिंह, जिलाधिकारी