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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   FIR against nine people who obtained bail on forged documents all drug addicts links to Ghazipur-Azamgarh-Mau

UP: फर्जी दस्तावेज पर जमानत लेने वाले नौ लोगों पर FIR, सभी नशे के आदी; गाजीपुर-आजमगढ़-मऊ से जुड़े हैं तार

Fri, 28 Nov 2025 06:17 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 28 Nov 2025 06:17 AM IST
सार

Mau News: यूपी की मऊ पुलिस ने ऐसे शातिरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जो फर्जी कागजात का उपयोग कर जमानत ले लेते थे। एक केस में सत्यापन के लिए पहुंची पुलिस के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

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FIR against nine people who obtained bail on forged documents all drug addicts links to Ghazipur-Azamgarh-Mau
मऊ पुलिस ने की कार्रवाई। - फोटो : istock

विस्तार

UP News: मऊ शहर कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार की शाम छह बजे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत लेने और कराने वाले नौ आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। ये सभी नशे के आदी हैं। इनमें से दो को आजमगढ़ कोतवाली पुलिस ने 13 नवंबर को गिरफ्तार किया था। जब पुलिस टीम सत्यापन करने पहुंची तो एक जमानतदार का नाम और पता गलत निकला।

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घोसी कोतवाली क्षेत्र के बनगावा मानिकपुर हरहुआ निवासी तारा देवी उर्फ आंचल की जमानत गाजीपुर जनपद के सादियाबाद थाना क्षेत्र के सरायगोकुल निवासी रामधारी और चंद्रशेखर ने ली थी। गाजीपुर के बिरनो थाना क्षेत्र के राजापुर भड़सड़ निवासी सुमित्रा उर्फ विमल की जमानत आजमगढ़ के कंधरापुर थाना के कम्हेनपुर निवासी दुर्गविजय सिंह ने ली थी।
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घोसी कोतवाली क्षेत्र के दौलतपुर निवासी रंजना उर्फ रेनू की जमानत आजमगढ़ के जीयनपुर थाना क्षेत्र के दिधवनिया निवासी उदयभान यादव और महादेवा निवासी शंकर ने जमानत ली थी। इन सभी महिलाओं के विरुद्ध वर्ष 2022 में शहर कोतवाली मऊ में लूट की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। 

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पुलिस ने की कार्रवाई

सत्यापन के दौरान पुलिस टीम को पता चला कि सभी जमानतदार अभियुक्तों से मिलीभगत कर कूटरचित अभिलेखों, फर्जी दस्तावेजों और गलत नाम-पते के आधार पर जमानत लेते हैं। ऐसे अनजान अभियुक्त जिनको वह जानते तक नहीं, उनकी जमानत केवल पैसों के लालच में लेते हैं और में उनसे कोई मतलब नहीं रखते। 

पुलिस टीम ने गोपनीय रूप से जमानतदारों का सत्यापन अभियान चलाया गया तो चौकाने वाली बात सामने आई। इन सभी जमानतदारों ने आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से डकैती, लूट, हत्या, चोरी, नकबजनी, गैंगस्टर एक्ट आदि के अभियुक्तों की जमानत ली है।

जमानतदार दुर्गविजय सिंह और मिश्रीलाल को फर्जी जमानत के मामले में आजमगढ़ कोतवाली पुलिस ने 13 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया था। उदयभान यादव के घर पर ताला लगा मिला। पड़ोसियों ने बताया कि वो नशेड़ी किस्म का व्यक्ति है और पैसों के लिए अजनबी अभियुक्तों की जमानत लेता है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

जमानतदार शंकर घर पर मौजूद नहीं मिला। परिजनों ने बताया कि वह अत्यधिक नशा करता है पैसों के लिए जमानत लेता है। जमानतदार चंद्रशेखर के पते पर जांच करने पर पता चला कि पते पर इस नाम का कोई व्यक्ति निवास नहीं करता है, ग्राम प्रधान ने भी इसकी पुष्टि नहीं की।

सत्यापन के समय पता चला कि अभियुक्त जानबूझकर षड्यंत्रपूर्वक आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए पेशेवर व फर्जी जमानतदारों से मिलीभगत कर कूटरचित दस्तावेज, फर्जी पते, भ्रामक विवरण और धोखाधड़ी के माध्यम से अपनी जमानत कराई है। जमानत लेते समय न्यायालय को पूर्व में ली गई जमानतों का कोई उल्लेख नहीं किया गया। इनके द्वारा संगठित तरीके से अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से जमानत ली जाती रही है। - अनिल सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली मऊ

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