फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Financial and administrative powers of Mubarakpur Municipality Chairman seized

Azamgarh News: मुबारकपुर नगर पालिका अध्यक्ष के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज

Fri, 19 Apr 2024 12:07 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 19 Apr 2024 12:07 AM IST
विज्ञापन
Financial and administrative powers of Mubarakpur Municipality Chairman seized
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. सबा शमीम के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार को शासन के निर्देश पर डीएम ने सीज करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कहा गया है कि अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मुबारकपुर के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों को तब तक के लिए सीज किया जाता है जब तक कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दे देते हैं। डीएम के आदेश पर उक्त मामले की जांच उपजिलाधिकारी सदर एवं अतिरिक्त मजिस्ट्रेट द्वितीय द्वारा किया गया। जिसमें आरोप सिद्ध हुए हैं।
विज्ञापन

नगर पालिका मुबारकपुर के अध्यक्ष डॉ. सबा शमीम द्वारा कई मनमानी की गई है। अध्यक्ष के पिता एवं अध्यक्ष द्वारा सभासदों को लामबंद कर अनाधिकृत रूप से अपनी-अपनी शर्तों पर कार्य कराया गया। कार्यालय के अभिलेखों की फोटो खींचकर गतिविधियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। सभासद को अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया जा रहा है। पटलों पर पाकर शासकीय कार्याें में बाधा डाला गया। इतना ही नहीं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा 39 लाख रुपये से 43 स्थानों पर बनाए गए ब्रेकर में से 32 ब्रेकर को तोड़ दिया गया।
विज्ञापन

बोर्ड की बैठक में प्रस्तावित 35 कार्यों की स्वीकृति में भी हीलाहवाली की गई। इससे मोहल्लों में विकास कार्य प्रभावित रहे। खुद अध्यक्ष होकर अपने पिता से कार्य कराया जो नियम विरुद्ध है। पालिका द्वारा कराए गए कार्यों से संबंधित बिलों से आयकर एवं जीएसटी मद में की गई कटौती से संबंधित धनराशि से संबंधित पहली रिपोर्ट पर लेखा लिपिक एवं अधिशासी अधिकारी का हस्ताक्षर है। जिसे अध्यक्ष द्वारा छह माह चार दिन बाद हस्ताक्षर कर कार्यालय को वापस किया गया। इस प्रकार केंद्र एवं राज्य सरकार को दी जाने वाली जीएसटी एवं आयकर की धनराशि में अप्रत्याशित विलंब किया गया है। यह नियम के खिलाफ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति पदान कर जेम पोर्टल पर निविदा अपलोड करने की अनुमति में अप्रत्याशित विलंब करने, 15वें वित्त आयोग एवं अवस्थापना विकास निधि में निकाय को आवंटित धनराशि का समय से उपयोग कर विकास कार्य कराए जाने के संबंध में कर्तव्य पालन नहीं किया गया। इसे लेकर राज्यपाल ने निर्देश दिया कि नोटिस प्राप्त होने के 15 दिन के अंदर यदि नोटिस का जवाब नहीं आया तो मान लिया जाएगा कि इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष कुछ नहीं कहना चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed