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Azamgarh News: वार से बचाव और पलटवार के छात्राओं ने सीखे गुर
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आजमगढ़ पब्लिक स्कूल में अपराजिता कार्यक्रम में प्रशिक्षण लेती छात्राएं। संवाद
शंकरपुर चेकपोस्ट स्थित आजमगढ़ पब्लिक स्कूल में सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें करीब 150 छात्राओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा के लिए जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना रहा। ताइक्वांडो प्रशिक्षकों ने छात्राओं को अचानक होने वाले हमले से बचाव की विभिन्न तकनीकें सिखाईं।
मंच पर डेमो के माध्यम से हमलावर की पकड़ से निकलने, वार से बचने और जरूरत पड़ने पर पलटवार करने के तरीके बताए गए। छात्राओं ने प्रशिक्षकों के निर्देशन में इन तकनीकों का अभ्यास भी किया।
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प्रशिक्षकों ने कहा कि ताइक्वांडो केवल खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा का प्रभावी माध्यम भी है। आपात स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, आत्मविश्वास और सूझबूझ से काम लेना जरूरी है।
छात्राओं को यह भी बताया गया कि नियमित व्यायाम और शारीरिक सक्रियता से शरीर को मजबूत रखने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ता है। प्रशिक्षक विजय राय ने कहा कि संकट की घड़ी में हिम्मत और सजगता सबसे बड़ा हथियार है।
बेटियों का आत्मनिर्भर और मजबूत होना जरूरी है। कार्यक्रम के बाद छात्राओं ने कहा कि प्रशिक्षण से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे किसी आपात स्थिति में खुद की सुरक्षा के प्रति अधिक सजग रहेंगी। इस दौरान प्रबंधक सीए मोहम्मद नोमान, प्रधानाचार्य रूपल पंड्या, उप प्रधानाचार्य रुना खान सहित विद्यालय के शिक्षक मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा के लिए जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना रहा। ताइक्वांडो प्रशिक्षकों ने छात्राओं को अचानक होने वाले हमले से बचाव की विभिन्न तकनीकें सिखाईं।
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मंच पर डेमो के माध्यम से हमलावर की पकड़ से निकलने, वार से बचने और जरूरत पड़ने पर पलटवार करने के तरीके बताए गए। छात्राओं ने प्रशिक्षकों के निर्देशन में इन तकनीकों का अभ्यास भी किया।
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प्रशिक्षकों ने कहा कि ताइक्वांडो केवल खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा का प्रभावी माध्यम भी है। आपात स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, आत्मविश्वास और सूझबूझ से काम लेना जरूरी है।
छात्राओं को यह भी बताया गया कि नियमित व्यायाम और शारीरिक सक्रियता से शरीर को मजबूत रखने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ता है। प्रशिक्षक विजय राय ने कहा कि संकट की घड़ी में हिम्मत और सजगता सबसे बड़ा हथियार है।
बेटियों का आत्मनिर्भर और मजबूत होना जरूरी है। कार्यक्रम के बाद छात्राओं ने कहा कि प्रशिक्षण से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे किसी आपात स्थिति में खुद की सुरक्षा के प्रति अधिक सजग रहेंगी। इस दौरान प्रबंधक सीए मोहम्मद नोमान, प्रधानाचार्य रूपल पंड्या, उप प्रधानाचार्य रुना खान सहित विद्यालय के शिक्षक मौजूद रहे।