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पुरानों से कमल खिलाने की आस
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 24 Jan 2017 11:37 PM IST
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कमल पुष्प
- फोटो : ककक
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सपा के बाद भाजपा ने मंगलवार को जिले की दस विधानसभा सीटों में नौ पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। घोषित प्रत्याशियों में सात पुराने और दो नए चेहरे शामिल हैं। आजमगढ़ सदर सीट पर सपा के दुर्गा प्रसाद यादव, बसपा के भूपेंद्र सिंह मुन्ना के मुकाबले जिला पंचायत सदस्य भाजपा नेता अखिलेश मिश्र पर भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा है। अतरौलिया में भाजपा ने कन्हैयालाल निषाद को प्रत्याशी बनाया है, जिससे टिकट की कतार में खड़े करीब छह धुरंधर नेता निराश हो गए हैं।
भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने जिन नौ सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की है, वहां टिकट के प्रबल दावेदारों की संख्या चार से आठ तक थी। टिकट की दावेदारी कर रहे भाजपा के कुछ सक्रिय तो कुछ धुरंधर नेताओं में काफी निराशा है। इससे विधानसभा चुनाव में भितरघात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। अतरौलिया से प्रत्याशी घोषित किए गए कन्हैयालाल निषाद उदैना, अहरौला के रहने वाले हैं। इस सीट पर सपा संग्राम यादव और बसपा से अखंड प्रताप सिंह प्रत्याशी है।
संग्राम सिंह यादव निवर्तमान विधायक हैं और माध्यमिक शिक्षामंत्री बलराम यादव के पुत्र हैं जबकि बसपा का अपना वोट बैंक है। ऐसे में भाजपा के कन्हैया लाल को काफी मेहनत करनी होगी। गोपालपुर में सपा के नफीस अहमद, बसपा से कमला प्रसाद यादव के मुकाबले भाजपा ने श्रीकृष्ण पाल को उतार कर पिछड़ा कार्ड खेला है। गोपालपुर पिछड़ों की अच्छी तादाद है।
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गोपालपुर में सपा के वरिष्ठ नेता ऊर्जा राज्यमंत्री वसीम अहमद का टिकट काटकर सपा ने नफीस अहमद को प्रत्याशी बनाया है जिससे वसीम समर्थकों में नाराजगी है। सगड़ी से सपा अभयनारायण सिंह पटेल, बसपा की वंदना सिंह के मुकाबले भाजपा ने गोपाल निषाद को मैदान में खड़ा किया है। आजमगढ़ सदर से सपा के वन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, बसपा के भूपेंद्र सिंह मुन्ना के सामने भाजपा ने अखिलेश मिश्र गुड्डू को प्रत्याशी बनाया है। अखिलेश मिश्र गुड्डू तरवां के रहने वाले हैं। उनकी पहचान पार्टी में सक्रिय नेता की रही है। उनकी सवर्ण बिरादरी में अच्छी पैठ भी है।
निजामाबाद में भाजपा ने विनोद राय को प्रत्याशी बनाया है। निजाजामाबाद में बसपा के चंद्रदेव राम यादव करैली और सपा के प्रत्याशी आलमबदी हैं। आलमबदी वर्तमान में विधायक हैं और उनकी छवि ईमानदार नेता की है जबकि चंद्रदेव पूर्व मंत्री रहे हैं। फूलपुर पवई में भाजपा ने पूर्व सांसद रमाकांत यादव के पुत्र अरुणकांत यादव को प्रत्याशी बनाया है। अरुण कांत 2007 से 2012 तक फूलपुर पवई सपा के विधायक रहे हैं। फूलपुर पवई में सपा श्यामबहादुर यादव और बसपा से अबुल कैस प्रत्याशी हैं।
दीदारगंज से भाजपा ने कृष्णमुरारी विश्वकर्मा को प्रत्याशी बनाया है जबकि यहां सपा से आदिल शेख और बसपा से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर हैं। आदिल शेख वर्तमान में विधायक हैं जबकि सुखदेव बसपा के कद्दावर नेता हैं। भाजपा ने लालगंज से पूर्व सांसद दरोगा सरोज को प्रत्याशी बनाया है। उनका मुकाबला सपा से बेचई सरोज और बसपा प्रत्याशी आजाद अरिमर्दन से होगा। भाजपा ने मेंहनगर से अभी प्रत्याशी नहीं घोषित किया है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो मेंहनगर में सपा के प्रत्याशी कल्पनाथ सरोज और बसपा की विद्या चौधरी हैं। पूर्व विधायक कल्पनाथ सरोज पहले भाजपा में थे। क्षेत्र में उनकी छवि अच्छी है। 2014 में उन्होंने सपा का दामन थाम लिया था। ऐसे में भाजपा को यहां से मजबूत प्रत्याशी की तलाश है, जो दोनों धुरंधरों का मजबूती से मुकाबला कर सके।
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भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने जिन नौ सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की है, वहां टिकट के प्रबल दावेदारों की संख्या चार से आठ तक थी। टिकट की दावेदारी कर रहे भाजपा के कुछ सक्रिय तो कुछ धुरंधर नेताओं में काफी निराशा है। इससे विधानसभा चुनाव में भितरघात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। अतरौलिया से प्रत्याशी घोषित किए गए कन्हैयालाल निषाद उदैना, अहरौला के रहने वाले हैं। इस सीट पर सपा संग्राम यादव और बसपा से अखंड प्रताप सिंह प्रत्याशी है।
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संग्राम सिंह यादव निवर्तमान विधायक हैं और माध्यमिक शिक्षामंत्री बलराम यादव के पुत्र हैं जबकि बसपा का अपना वोट बैंक है। ऐसे में भाजपा के कन्हैया लाल को काफी मेहनत करनी होगी। गोपालपुर में सपा के नफीस अहमद, बसपा से कमला प्रसाद यादव के मुकाबले भाजपा ने श्रीकृष्ण पाल को उतार कर पिछड़ा कार्ड खेला है। गोपालपुर पिछड़ों की अच्छी तादाद है।
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गोपालपुर में सपा के वरिष्ठ नेता ऊर्जा राज्यमंत्री वसीम अहमद का टिकट काटकर सपा ने नफीस अहमद को प्रत्याशी बनाया है जिससे वसीम समर्थकों में नाराजगी है। सगड़ी से सपा अभयनारायण सिंह पटेल, बसपा की वंदना सिंह के मुकाबले भाजपा ने गोपाल निषाद को मैदान में खड़ा किया है। आजमगढ़ सदर से सपा के वन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, बसपा के भूपेंद्र सिंह मुन्ना के सामने भाजपा ने अखिलेश मिश्र गुड्डू को प्रत्याशी बनाया है। अखिलेश मिश्र गुड्डू तरवां के रहने वाले हैं। उनकी पहचान पार्टी में सक्रिय नेता की रही है। उनकी सवर्ण बिरादरी में अच्छी पैठ भी है।
निजामाबाद में भाजपा ने विनोद राय को प्रत्याशी बनाया है। निजाजामाबाद में बसपा के चंद्रदेव राम यादव करैली और सपा के प्रत्याशी आलमबदी हैं। आलमबदी वर्तमान में विधायक हैं और उनकी छवि ईमानदार नेता की है जबकि चंद्रदेव पूर्व मंत्री रहे हैं। फूलपुर पवई में भाजपा ने पूर्व सांसद रमाकांत यादव के पुत्र अरुणकांत यादव को प्रत्याशी बनाया है। अरुण कांत 2007 से 2012 तक फूलपुर पवई सपा के विधायक रहे हैं। फूलपुर पवई में सपा श्यामबहादुर यादव और बसपा से अबुल कैस प्रत्याशी हैं।
दीदारगंज से भाजपा ने कृष्णमुरारी विश्वकर्मा को प्रत्याशी बनाया है जबकि यहां सपा से आदिल शेख और बसपा से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर हैं। आदिल शेख वर्तमान में विधायक हैं जबकि सुखदेव बसपा के कद्दावर नेता हैं। भाजपा ने लालगंज से पूर्व सांसद दरोगा सरोज को प्रत्याशी बनाया है। उनका मुकाबला सपा से बेचई सरोज और बसपा प्रत्याशी आजाद अरिमर्दन से होगा। भाजपा ने मेंहनगर से अभी प्रत्याशी नहीं घोषित किया है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो मेंहनगर में सपा के प्रत्याशी कल्पनाथ सरोज और बसपा की विद्या चौधरी हैं। पूर्व विधायक कल्पनाथ सरोज पहले भाजपा में थे। क्षेत्र में उनकी छवि अच्छी है। 2014 में उन्होंने सपा का दामन थाम लिया था। ऐसे में भाजपा को यहां से मजबूत प्रत्याशी की तलाश है, जो दोनों धुरंधरों का मजबूती से मुकाबला कर सके।