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Azamgarh News: 434 हेक्टेयर में किसान करेंगे मिर्च-मसाले की खेती
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आजमगढ़। जिले के किसान अब मिर्च-मसाले की खेती कर सकेंगे। उद्यान विभाग द्वारा इस बार विभिन्न योजनाओं में 434 हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया है। उद्यान विभाग के अनुसार प्याज, लहसुन व मिर्च मसाले के अंतर्गत आते हैं। अब तक 250 से अधिक किसानों ने मिर्च-मसाले की खेती के लिए अपना पंजीकरण करा लिया है।
जिले में अधिकांश किसान परंपरागत खेती को छोड़कर तकनीकी खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। तकनीकी खेती में लागत कम आमदनी अच्छी होती है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत मसाला क्षेत्र के विस्तार के लिए मिर्च, प्याज, लहसुन के लिए इस बार 420 हेक्टेयर का लक्ष्य तय है। वहीं, अनुसूचित जाति, जनजाति के किसानों के लिए औद्यानिक विकास योजना के तहत सकर मसाला मिर्च के लिए आठ और प्याज के लिए छह हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। इन योजना के अंतर्गत मिर्च-मसाला की खेती करने के लिए किसानों को विभागीय वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराकर हार्डकापी 10 दिनों के भीतर कार्यालय में जमा करना होगा। सत्यापन के बाद पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किसानों को लाभ दिया जाएगा। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना केे अंतर्गत चयनित किसानों को 40 से 50 और अनुसूचित जाति, जनजाति औद्यानिक विकास योजना के तहत 75 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
चालू वित्तीय वर्ष के लिए मिर्च-मसाले की खेती 434 हेक्टेयर में की जाएगी। पंजीकरण चल रहा है। योजना के अंतर्गत मिर्च- मसाले की खेती करने वाले किसान पंजीकरण कराएं। शासन से अनुमन्य अनुदान उनको दिया जाएगा। अब तक 150 से अधिक किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
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- हरिशंकर राम, जिला उद्यान अधिकारी
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जिले में अधिकांश किसान परंपरागत खेती को छोड़कर तकनीकी खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। तकनीकी खेती में लागत कम आमदनी अच्छी होती है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत मसाला क्षेत्र के विस्तार के लिए मिर्च, प्याज, लहसुन के लिए इस बार 420 हेक्टेयर का लक्ष्य तय है। वहीं, अनुसूचित जाति, जनजाति के किसानों के लिए औद्यानिक विकास योजना के तहत सकर मसाला मिर्च के लिए आठ और प्याज के लिए छह हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। इन योजना के अंतर्गत मिर्च-मसाला की खेती करने के लिए किसानों को विभागीय वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराकर हार्डकापी 10 दिनों के भीतर कार्यालय में जमा करना होगा। सत्यापन के बाद पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किसानों को लाभ दिया जाएगा। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना केे अंतर्गत चयनित किसानों को 40 से 50 और अनुसूचित जाति, जनजाति औद्यानिक विकास योजना के तहत 75 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
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चालू वित्तीय वर्ष के लिए मिर्च-मसाले की खेती 434 हेक्टेयर में की जाएगी। पंजीकरण चल रहा है। योजना के अंतर्गत मिर्च- मसाले की खेती करने वाले किसान पंजीकरण कराएं। शासन से अनुमन्य अनुदान उनको दिया जाएगा। अब तक 150 से अधिक किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
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- हरिशंकर राम, जिला उद्यान अधिकारी