लाटघाट। देवारा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी देवारावासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। जिस समय नदी का जलस्तर बढ़ता है तो यह देवारावासियों के लिए मुसीबत होता है लेकिन जलस्तर घटने के बाद भी नदी द्वारा अभी तक कटान की जा रही है। जिसके कारण किसानों की गेहूं और गन्ने की फसल कटकर घाघरा की धारा में विलीन होती जा रही है।
घाघरा नदी वैसे तो इस मौसम में कटान नहीं करती है लेकिन वर्तमान में घाघरा द्वारा कटान की जा रही है। घाघरा की कटान को देखकर किसान चिंतित है। वह अपने गेहूं और गन्ने की फसल को घाघरा की धारा में विलीन होता देखने को विवश है। घाघरा नदी अगस्त और सितंबर माह 2020 में बाढ़ के दौरान जमीन को काटते हुए गांगेपुर परसिया रिंग बांध तक पहुंच गई। उसने परसिया रिंग बांध को काटकर अपने आगोश में ले लिया। अब उसके द्वारा किसानों द्वारा बोई गई गेहूं की फसल को धीरे-धीरे काटा जा रहा है। परसिया गांगेपुर गांव निवासी सत्यराम का गन्ना कट रहा है तो वहीं महेंद्र, करिया, मुसाफिर, निवास, राजेंद्र, चंद्रभान, सुभाष, पिंटू, सुंदर, बलराम, साधु, राजनाथ, विजय, सक्सेना आदि सैकड़ों किसानों के गेहूं की फसल को धीरे-धीरे घाघरा काट रही है। अब तक लगभग 20 से 30 बीघा गेहूं की फसल कटकर घाघरा में समा चुकी है। इससे किसान परेशान हैं।