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Azamgarh News: किसानों की समस्या होगी दूर, 30 और समितियों पर मिलेगी खाद
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आजमगढ़। जिले के किसानों को उर्वरकों के लिए अब इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। जिले की 30 समितियों पर पहली बार खाद उपलब्ध होगी। इन समितियों को संचालित करने वाले कर्मचारियों का कृषि विभाग से उर्वरक वितरण का प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। डिमांड आने के बाद समितियों पर उर्वरक भेजा जाएगा
जिले में पहले 250 साधन सहकारी समितियां थी। इन समितियों से किसानों को सरकारी रेट पर उर्वरक मुहैया कराया जाता था। लेकिन घाटे में चले जाने के कारण कई समितियां बंद हो गईं। अब केंद्र में सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद समितियों नया जीवन मिलना शुरू हो गया है। वर्तमान समय में 164 समितियों पर किसानों को उर्वरक मिल रहा था लेकिन अब 30 और समितियां जुड़ जाएंगी। योग्यता न होने के कारण इन समितियों का संचालन करने वाले कर्मचारियों को कृषि विभाग की तरफ से उर्वरक वितरण का 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लोग जरूरी कागजों को बनवा रहे हैं। इनमें से पांच समिति संचालकों ने विभाग को उर्वरक की डिमांड भी भेज दिया है। 30 और समितियों के शुरू होने से किसानों को उर्वरकों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
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30 और समिति संचालकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। इनके द्वारा जीएसटी आदि कागजों को बनवाया जा रहा है। इनमें से पांच समिति संचालकों की उर्वरक के लिए डिमांड भी आ चुकी है। 30 और समितियों के शुरू होने से किसानों को उर्वरकों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
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- अजय कुमार, एआर सहकारिता।
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जिले में पहले 250 साधन सहकारी समितियां थी। इन समितियों से किसानों को सरकारी रेट पर उर्वरक मुहैया कराया जाता था। लेकिन घाटे में चले जाने के कारण कई समितियां बंद हो गईं। अब केंद्र में सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद समितियों नया जीवन मिलना शुरू हो गया है। वर्तमान समय में 164 समितियों पर किसानों को उर्वरक मिल रहा था लेकिन अब 30 और समितियां जुड़ जाएंगी। योग्यता न होने के कारण इन समितियों का संचालन करने वाले कर्मचारियों को कृषि विभाग की तरफ से उर्वरक वितरण का 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लोग जरूरी कागजों को बनवा रहे हैं। इनमें से पांच समिति संचालकों ने विभाग को उर्वरक की डिमांड भी भेज दिया है। 30 और समितियों के शुरू होने से किसानों को उर्वरकों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
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30 और समिति संचालकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। इनके द्वारा जीएसटी आदि कागजों को बनवाया जा रहा है। इनमें से पांच समिति संचालकों की उर्वरक के लिए डिमांड भी आ चुकी है। 30 और समितियों के शुरू होने से किसानों को उर्वरकों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
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