अहरौला। रविवार को क्षेत्र के किसानों ने छुट्टा पशुओं से तंग आकर गहजी कलवरिया बाजार में विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने छुट्टा पशुओं की तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था या उन्हें पशु आश्रय स्थलों में भेजने की मांग की। उनका कहना था कि पशु फसलों को बरबाद कर दे रहे हैं। एक झुंड को भगाइए तो दूसरा आ जाता है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चार सालों छुट्टा पशुओं के चलते खेती बरबाद हो रही है। लाख रखवाली के बाद भी अपने फसलों को किसान नहीं बचा पा रहे हैं। क्षेत्र में जगह-जगह छुट्टा पशुओं का झुंड किसानों की फसल बर्बाद कर दे रहे हैं। किसान पशुओं के एक झुंड को निकालते हैं थोङी देर में पशुओं का दूसरा झुंड खेतों में पहुंच जा रहा है। जिससे किसान अपने मेहनत और पसीने से कमाई गई फसल को अपने खलिहान और घर तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। कई क्षेत्र तो ऐसे हैं जहां किसानों ने खेती करना ही बंद कर दिया है। यहां तक की सब्जी व अरहर भी नहीं बच रहा हैं। रात में छुट्टा पशुओं का झुंड बाड़े को तोड़ते हुए अंदर घुस कर फसल और अन्य दलहनी, तिलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान बार-बार छुट्टा पशुओं के वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं लेकिन हालात ये हैं किसानों को छुट्टा पशुओं से निजात नहीं मिल पा रही है। शासन-प्रशासन सिर्फ बड़े-बड़े दावे कर रहा है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र से छुट्टा पशुओं से निजात दिलाई जाए अन्यथा किसान बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। किसानों ने एसडीएम बूढनपुर से भी इस मामले की शिकायत की जिस पर एसडीएम बूढ़नपुर नवीन प्रसाद के द्वारा मीटिंग में होने का हवाला देते हुए तत्काल कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया। किसानों ने कहा कि अगर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती है तो हम लोग खुद अब जाकर डीएम से इसकी शिकायत करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में प्रदीप सिंह, राजेश राम, दुर्ग विजय सिंह, प्रेम राम, रामफल, अप्पू सिंह, शिवपूजन यादव, चुन्नू सिंह, नीरज सिंह, घुटरू निषाद, गोरख चौबे, विश्राम, सुभाष आदि शामिल रहे।