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कार्यों में लापरवाही पर दो एडीओ पंचायत से मांगा स्पष्टीकरण
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आजमगढ़। ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रिया सॉफ्टवेयर पर अपलोड करने और शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने पर नवागत डीपीआरओ गंभीर हो गए हैं। जनपद के दो एडीओ पंचायत पवई के राजेंद्र प्रसाद और फूलपुर के सुरेश प्रजापति से कार्य में लापरवाही बरतने पर स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीपीआरओ श्रीकांत दरवे ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने प्रिया साफ्ट फीडिंग, स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण और एलओबी के प्रगति की समीक्षा की। पाया कि एडीओ पंचायत पवई राजेंद्र प्रसाद को 96 ग्राम पंचायतों की जून माह तक लेखाबंदी करनी थी लेकिन इनमें से मात्र नौ की वार्षिक लेखाबंदी कराई गई। वहीं 96 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 76 ग्राम पंचायतों की वार्षिक कार्य योजना अपलोड कराई गई। जबकि इसे 31 मार्च तक ही पूरा करना था। विकास खंड में 24,742 के सापेक्ष मात्र 9849 शौचालय स्वीकृत हैं। एलओबी योजना के तहत कुल 7195 शौचालय निर्माण के सापेक्ष मात्र 1025 शौचालयों का जियो टैग कराया गया। जिससे यह स्पष्ट है कि लापरवाही बरती जा रही है।
समीक्षा में फूलपुर के एडीओ पंचायत सुरेश प्रजापति ने 89 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष प्रिया साफ्ट पर मात्र पांच की वार्षिक लेखाबंदी कराई। 89 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 65 ग्राम पंचायतों की वार्षिक कार्ययोजना अपलोड कराई गई। एसबीएम ग्रामीण के तहत कुल 19,554 शौचालय के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 7715 शौचालय स्वीकृत किया गया। एलओबी के 8446 शौचालय निर्माण के सापेक्ष 1592 शौचालयों का जियो टैग कराया गया। इस लापरवाही पर डीपीआरओ ने दोनों को तीन दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है।
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डीपीआरओ श्रीकांत दरवे ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने प्रिया साफ्ट फीडिंग, स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण और एलओबी के प्रगति की समीक्षा की। पाया कि एडीओ पंचायत पवई राजेंद्र प्रसाद को 96 ग्राम पंचायतों की जून माह तक लेखाबंदी करनी थी लेकिन इनमें से मात्र नौ की वार्षिक लेखाबंदी कराई गई। वहीं 96 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 76 ग्राम पंचायतों की वार्षिक कार्य योजना अपलोड कराई गई। जबकि इसे 31 मार्च तक ही पूरा करना था। विकास खंड में 24,742 के सापेक्ष मात्र 9849 शौचालय स्वीकृत हैं। एलओबी योजना के तहत कुल 7195 शौचालय निर्माण के सापेक्ष मात्र 1025 शौचालयों का जियो टैग कराया गया। जिससे यह स्पष्ट है कि लापरवाही बरती जा रही है।
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समीक्षा में फूलपुर के एडीओ पंचायत सुरेश प्रजापति ने 89 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष प्रिया साफ्ट पर मात्र पांच की वार्षिक लेखाबंदी कराई। 89 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 65 ग्राम पंचायतों की वार्षिक कार्ययोजना अपलोड कराई गई। एसबीएम ग्रामीण के तहत कुल 19,554 शौचालय के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 7715 शौचालय स्वीकृत किया गया। एलओबी के 8446 शौचालय निर्माण के सापेक्ष 1592 शौचालयों का जियो टैग कराया गया। इस लापरवाही पर डीपीआरओ ने दोनों को तीन दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है।
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