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समयसीमा समाप्त, रिक्त पड़ी 90 कोटे दुकानों का नहीं हुआ आवंटन
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आजमगढ़। जिले में अनियमितता के चलते निलंबित व अन्य कारणों से 20 ब्लाकों में कुल 95 कोटे की दुकान रिक्त पड़ी थीं। गांवों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए खुली बैठक कराकर अक्तूबर तक नए कोटेदार की नियुक्ति करनी थी लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते अभी तक 75 दुकानों का चयन नहीं हो सका। मात्र 20 दुकानों के ही कोटेदार नियुक्ति किए गए।
जनपद में सरकारी राशन की तकरीबन 2175 दुकानें हैं। इनसे अंत्योदय के 105586 व पात्र गृहस्थी के 683470 राशन कार्ड धारकों को अनाज का वितरण सस्ते दर पर किया जाता है। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने कई कोटेदारों के यहां अनियमितताएं पाई थीं। जांच के आधार पर पूर्ति अधिकारी ने कई दुकानों को निलंबित कर दिया था, तब से ये दुकानें आसपास के गांवों में कोटेदार से संबद्ध हैं। ऐसे में कार्ड धारकों को राशन लेने के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। देरी हो जाने पर उन्हें राशन भी नहीं मिल पाता। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए निलंबित दुकानों पर नए कोटेदार की नियुक्ति कराने के लिए 20 ब्लाकों के खंड विकास अधिकारियों व संबंधित तहसील के एसडीएम को खुली बैठक कर कोटेदार का चयन कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अभी तक इसपर ठीक से काम नहीं हो सका। ऐसे में अभी तक 90 सरकारी राशन की दुकाने खाली पड़ी है।
अधिक सदस्य वाले समूहों को कोटा आवंटन के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। जिले के 20 ब्लाकों में 95 राशन की दुकानों कोटेदार का चयन किया जाना था। जिसमें करीब 20 दुकानों का चयन हो चुका है। बाकी में प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही दुकानों का आवंटन करा दिया जाएगा। - सुनील पुष्कर, जिला पूर्ति अधिकारी आजमगढ़।
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जनपद में सरकारी राशन की तकरीबन 2175 दुकानें हैं। इनसे अंत्योदय के 105586 व पात्र गृहस्थी के 683470 राशन कार्ड धारकों को अनाज का वितरण सस्ते दर पर किया जाता है। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने कई कोटेदारों के यहां अनियमितताएं पाई थीं। जांच के आधार पर पूर्ति अधिकारी ने कई दुकानों को निलंबित कर दिया था, तब से ये दुकानें आसपास के गांवों में कोटेदार से संबद्ध हैं। ऐसे में कार्ड धारकों को राशन लेने के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। देरी हो जाने पर उन्हें राशन भी नहीं मिल पाता। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए निलंबित दुकानों पर नए कोटेदार की नियुक्ति कराने के लिए 20 ब्लाकों के खंड विकास अधिकारियों व संबंधित तहसील के एसडीएम को खुली बैठक कर कोटेदार का चयन कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अभी तक इसपर ठीक से काम नहीं हो सका। ऐसे में अभी तक 90 सरकारी राशन की दुकाने खाली पड़ी है।
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अधिक सदस्य वाले समूहों को कोटा आवंटन के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। जिले के 20 ब्लाकों में 95 राशन की दुकानों कोटेदार का चयन किया जाना था। जिसमें करीब 20 दुकानों का चयन हो चुका है। बाकी में प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही दुकानों का आवंटन करा दिया जाएगा। - सुनील पुष्कर, जिला पूर्ति अधिकारी आजमगढ़।
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