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Azamgarh News: कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए अर्जी देने के बाद भी नहीं पहुंचा मुख्य आरोपी
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आजमगढ़। पवई थाना क्षेत्र के हेवती गांव में दादा जगदंबा प्रसाद यादव और उनके पोते श्रीवांशु यादव उर्फ अंकित की हत्या का मुख्य आरोपी संतोष यादव अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में सोमवार को आत्मसमर्पण की अर्जी दी थी, लेकिन कोर्ट में पेश नहीं हुआ। उधर, पिछले सप्ताह नई दिल्ली में उसकी लोकेशन मिलने पर भेजी गई पुलिस टीम खाली हाथ लौट आई। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मृतक श्रीवांशु यादव के भाई शिवराज यादव की तहरीर पर संतोष यादव सहित चार आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी संतोष यादव की लोकेशन नई दिल्ली में मिली थी। पुलिस टीम नई दिल्ली रवाना हुई, लेकिन आरोपी वहां से पहले ही भाग चुका था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो दबिश दे रही हैं।
ये है मामला : एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मृतक श्रीवांशु यादव के पिता सुरेंद्र प्रसाद और सूर्यलाल यादव सगे भाई थे। सूर्यलाल यादव कुछ समय तक अपने नेवासे की जमीन पर अंबेडकरनगर जिले के मालीपुर थाना क्षेत्र के ताराखुर्द गांव में रहते थे।
बाद में उन्होंने संन्यास ले लिया था। बीमारी के दौरान पुत्र संतोष यादव ने घर से निकाल दिया। इसके बाद वे हेवती गांव स्थित अपने छोटे भाई के घर आकर रहने लगे, जहां परिवार ने उनकी देखभाल और उपचार कराया। वहीं, उनका निधन हो गया। संतोष यादव ने अपने चाचा और चचेरे भाइयों पर पिता की हत्या का आरोप लगाते हुए पवई थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सीय अभिलेखों के आधार पर हत्या की आशंका से इनकार करते हुए प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
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जांच में यह भी सामने आया कि संतोष यादव अपने चाचा के परिवार पर पिता के तीन लाख रुपये और जमीन हड़पने का आरोप लगाता था। इसी विवाद के लिए दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव चला आ रहा था। पुलिस का मानना है कि पुरानी रंजिश और संपत्ति विवाद के कारण ही दादा-पोते की हत्या आरोपी ने की है। मामले में संतोष यादव, राजमन यादव, निखिल यादव और अनिल यादव के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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ये है मामला : एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मृतक श्रीवांशु यादव के पिता सुरेंद्र प्रसाद और सूर्यलाल यादव सगे भाई थे। सूर्यलाल यादव कुछ समय तक अपने नेवासे की जमीन पर अंबेडकरनगर जिले के मालीपुर थाना क्षेत्र के ताराखुर्द गांव में रहते थे।
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बाद में उन्होंने संन्यास ले लिया था। बीमारी के दौरान पुत्र संतोष यादव ने घर से निकाल दिया। इसके बाद वे हेवती गांव स्थित अपने छोटे भाई के घर आकर रहने लगे, जहां परिवार ने उनकी देखभाल और उपचार कराया। वहीं, उनका निधन हो गया। संतोष यादव ने अपने चाचा और चचेरे भाइयों पर पिता की हत्या का आरोप लगाते हुए पवई थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सीय अभिलेखों के आधार पर हत्या की आशंका से इनकार करते हुए प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
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जांच में यह भी सामने आया कि संतोष यादव अपने चाचा के परिवार पर पिता के तीन लाख रुपये और जमीन हड़पने का आरोप लगाता था। इसी विवाद के लिए दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव चला आ रहा था। पुलिस का मानना है कि पुरानी रंजिश और संपत्ति विवाद के कारण ही दादा-पोते की हत्या आरोपी ने की है। मामले में संतोष यादव, राजमन यादव, निखिल यादव और अनिल यादव के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।