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Azamgarh News: 100 किलो या अधिक कूड़ा निकालने वाले प्रतिष्ठानों को खुद करनी होगी निस्तारण की व्यवस्था
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नगर पालिका प्रशासन ने प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कूड़ा-कचरा उत्पन्न करने वाले बड़े व्यापारियों और प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे प्रतिष्ठानों को अब अपने स्तर से ही कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था करनी होगी। बड़े कूड़ा उत्पादकों को चिह्नित करने के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें अवर अभियंता, खाद्य एवं सफाई निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक और स्वच्छ भारत मिशन के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर को शामिल किया गया है। अधिशासी अधिकारी डॉ. बृजेश कुमार के निर्देश पर टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। टीम नगर क्षेत्र में सर्वे कर बड़े कूड़ा उत्पादक व्यापारियों और प्रतिष्ठानों को चिह्नित करेगी।
चिह्नित किए जाने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके लिए निर्धारित समय सीमा दी जाएगी। तय समय में व्यवस्था नहीं करने पर संबंधित प्रतिष्ठान पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
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प्रतिदिन निकलता है 50 टन कूड़ा
शहर से प्रतिदिन करीब 50 टन कूड़ा निकलता है। ईओ ने बताया कि बड़े प्रतिष्ठानों के अपने स्तर पर कूड़ा निस्तारण करने से पालिका की सफाई व्यवस्था पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होगा। पहले वार्डों में तीन रंग की डस्टबिन रखी जाती थीं, जिनमें गीला, सूखा और बायोमेडिकल कचरा अलग-अलग रखा जाता था। अब काले रंग की डस्टबिन की संख्या बढ़ाई गई है। इसमें घरों से निकलने वाला खतरनाक कूड़ा रखा जाएगा। इसका उद्देश्य कूड़े का शत-प्रतिशत पृथक्करण सुनिश्चित करना है।
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बड़े कूड़ा उत्पादकों की सूची तैयार की जा रही
सॉलिड वेस्ट अधिनियम 2026 में नई व्यवस्थाएं शामिल हुई हैं। चार सदस्यीय टीम ने प्रतिदिन 100 किलोग्राम या इससे अधिक कूड़ा उत्पन्न करने वाले व्यापारियों और प्रतिष्ठानों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है। सूची तैयार होने के बाद नगर पालिका की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. बृजेश कुमार, अधिशासी अधिकारी।