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कोविड हेल्प डेस्क से गायब मिला तैनात कर्मचारी
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मेंहनगर। विकास खंड के गौरा गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत बद से बदतर हो गई है। यह आने वाले मरीजों से बाहर से दवाएं मंगाई जा रही हैं। समय से पहले ही जांच लैब को बंद कर दिया जा रहा है। कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना तो हुई है लेकिन यहां तैनात कर्मचारी गायब ही रहता है।
शनिवार की सुबह 11.33 बजे जब अमर उजाला टीम अस्पताल पंहुची तो अस्पताल के मुख्य द्वार पर कोविड-19 हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारी गायब मिला। अस्पताल के सामने चबूतरे पर दरिया नेवादा (मेहनाजपुर) निवासिनी कुमारी पूजा पुत्री मोतीलाल जो पिछले छ:माह से एक गंभीर बीमारी की दवा कर रही हैं जांच कराने आई थीं। जांच केंद्र बंद मिलने पर परेशान नजर आई।
खसरा की दवा के लिए सुबह से आई सरदारगंज की अंशिका चौहान पुत्री बिकानू ने बताया कि ब्लड जांच कराना है, लेकिन लैब बंद है। गौरा गांव निवासी रणधीर कन्नौजिया जिन्हें साइकिल से गिरने से चोट आई थी दवा के लिए पर्ची लेकर परेशान दिखे। जब कि डिलिवरी रूम मे गंदे चद्दर पर पड़ी प्रसूता रीमा पत्नी संजय निवासी गददीपुर जो सुबह 10:36 बजे एक बच्चे को जन्म दिया था ने बताया कि सारी दवाएं स्टाफ नर्स के कहने पर बाहर से खरीद कर लाना पड़ा। प्रसूता की मां समौता ने बताया कि अभी तक सरकारी सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है। बेड पर पड़ा गंदा चद्दर भी घर से लाए हैं।
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चिकित्सा प्रभारी मिले उपस्थित
मेंहनगर। अस्पताल में डाक्टर के नाम पर चिकित्सा प्रभारी डा. देवमणि और डा. अमित कुमार सिंह उपस्थित थे। स्टाफ नर्स में कुमारी मारग्रेट उपस्थित थी जबकि सुमन कल्याणी नदारद थी। फार्मासिस्ट सतीश कुमार मिश्र और सुनील विश्वकर्मा मौजूद थे लेकिन कमलेश मिश्रा नदारद रहे। लैब टेक्नीशियन अवधेश कुमार और संतोष नहीं थे इसलिए लैब बंद मिला। दोनों वार्ड ब्वॉय भी नहीं थे। स्वीपर इस्तेखार अहमद नदारद मिले। पूर्व में दो सौ से लेकर ढाई सौ मरीजों को देखने वाले अस्पताल के ओपीडी रजिस्टर पर सुबह से कुल 53 मरीजों के नाम अंकित थे। रैबीज इंजेक्शन के अभाव में मरीज वापस जा रहे थे। जबकि स्टाक बोर्ड पर जो दवाएं व इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होते हैं उनका विवरण नहीं लिखा गया था। प्रसूता रीम देवी की मां ने बताया कि बाहर मेडिकल हाल से नोवामास्क टेबलेट, यूनिजाईम टेबलेट के साथ ही आक्सीटोसिन इंजेक्शन और आईबी सेट भी खरीदना पड़ा है।
बोले स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी
मेंहनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. देवमणि से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि फार्मासिस्ट सहित वार्ड ब्वॉय और कर्मचारियों को कोविड- 19 जांच के लिए कबूतरा और गोपालपुर में टीम बनाकर भेजा गया है। कुछ आवश्यक दवाएं जिले से ही उपलब्ध नहीं होती, जबकि रैबीज इंजेक्शन पिछले दो सप्ताह से नहीं है। जिसकी डिमांड लगाई गई हैं।
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शनिवार की सुबह 11.33 बजे जब अमर उजाला टीम अस्पताल पंहुची तो अस्पताल के मुख्य द्वार पर कोविड-19 हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारी गायब मिला। अस्पताल के सामने चबूतरे पर दरिया नेवादा (मेहनाजपुर) निवासिनी कुमारी पूजा पुत्री मोतीलाल जो पिछले छ:माह से एक गंभीर बीमारी की दवा कर रही हैं जांच कराने आई थीं। जांच केंद्र बंद मिलने पर परेशान नजर आई।
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खसरा की दवा के लिए सुबह से आई सरदारगंज की अंशिका चौहान पुत्री बिकानू ने बताया कि ब्लड जांच कराना है, लेकिन लैब बंद है। गौरा गांव निवासी रणधीर कन्नौजिया जिन्हें साइकिल से गिरने से चोट आई थी दवा के लिए पर्ची लेकर परेशान दिखे। जब कि डिलिवरी रूम मे गंदे चद्दर पर पड़ी प्रसूता रीमा पत्नी संजय निवासी गददीपुर जो सुबह 10:36 बजे एक बच्चे को जन्म दिया था ने बताया कि सारी दवाएं स्टाफ नर्स के कहने पर बाहर से खरीद कर लाना पड़ा। प्रसूता की मां समौता ने बताया कि अभी तक सरकारी सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है। बेड पर पड़ा गंदा चद्दर भी घर से लाए हैं।
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चिकित्सा प्रभारी मिले उपस्थित
मेंहनगर। अस्पताल में डाक्टर के नाम पर चिकित्सा प्रभारी डा. देवमणि और डा. अमित कुमार सिंह उपस्थित थे। स्टाफ नर्स में कुमारी मारग्रेट उपस्थित थी जबकि सुमन कल्याणी नदारद थी। फार्मासिस्ट सतीश कुमार मिश्र और सुनील विश्वकर्मा मौजूद थे लेकिन कमलेश मिश्रा नदारद रहे। लैब टेक्नीशियन अवधेश कुमार और संतोष नहीं थे इसलिए लैब बंद मिला। दोनों वार्ड ब्वॉय भी नहीं थे। स्वीपर इस्तेखार अहमद नदारद मिले। पूर्व में दो सौ से लेकर ढाई सौ मरीजों को देखने वाले अस्पताल के ओपीडी रजिस्टर पर सुबह से कुल 53 मरीजों के नाम अंकित थे। रैबीज इंजेक्शन के अभाव में मरीज वापस जा रहे थे। जबकि स्टाक बोर्ड पर जो दवाएं व इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होते हैं उनका विवरण नहीं लिखा गया था। प्रसूता रीम देवी की मां ने बताया कि बाहर मेडिकल हाल से नोवामास्क टेबलेट, यूनिजाईम टेबलेट के साथ ही आक्सीटोसिन इंजेक्शन और आईबी सेट भी खरीदना पड़ा है।
बोले स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी
मेंहनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. देवमणि से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि फार्मासिस्ट सहित वार्ड ब्वॉय और कर्मचारियों को कोविड- 19 जांच के लिए कबूतरा और गोपालपुर में टीम बनाकर भेजा गया है। कुछ आवश्यक दवाएं जिले से ही उपलब्ध नहीं होती, जबकि रैबीज इंजेक्शन पिछले दो सप्ताह से नहीं है। जिसकी डिमांड लगाई गई हैं।