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कर्मचारी दमनकारी नीति का होगा विरोध, सीएम से करेंगे शिकायत
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नगर पालिका परिषद कार्यलय में जानकारी लेते प्रदेश के सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष लालमणी कुमा
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष लालमणि कुमार बाल्मिकी ने मंगलवार को नगर पालिका परिषद आजमगढ़ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सफाई कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और ईओ को खरी-खरी सुनाने के साथ ही कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण जल्द कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी चाहे वह स्थायी हो अथवा संविदा या ठेकेदारी व्यवस्था के हो किसी का भी उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। कई कर्मचारियों ने वेतन, भत्ता व पेंशन की शिकायत किया। जिस पर उन्होंने ईओ को बुला कर फटकार लगाते हुए कर्मचारियों के समस्याओं का त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी आयोग सफाई कर्मियों के हितों की अनदेखी नहीं होने देगा। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ में चेयरमैन व ईओ सफाई कर्मचारियों के साथ दमनकारी रवैया अपना रहे है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने नपा के चेयरमैन, ईओ को कड़ी चेतावनी दिया कि वे सफाई कर्मचारियों के साथ बर्ताव में सुधार लाये अन्यथा की स्थिति में सीधे मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचायी जायेगी। उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि नगर निकायों में भर्ती खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि संविदा कर्मियों को स्थायी किया जा सके। पूरा प्रयास है कि हर सफाई कर्मी परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी की व्यवस्था की जाये। इस अवसर पर सफाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष असलम खान, उषा, शफीक अहमद समेत काफी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।
शिकायत पर भड़के ईओ
बैठक के दौरान मीडिया ने जब आयोग के उपाध्यक्ष से शहर के सफाई व्यवस्था व ईओ आवास में नीली हरी बाल्टी व नपा के स्टोर रूम में कंटेनर आदि के पड़े रहने की शिकायत किया तो ईओ भड़क उठे। उन्होंने कहा कि बाल्टी बांटी जा रही है आप लोगों को ही न जाने कौन शिकायत करता है कि बाल्टी नहीं बटी है। जो बाल्टी है उसे 26 जनवरी को बांटा जायेगा।
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एसआरएमटी पर दर्ज कराएंगे एफआईआर
बैठक के दौरान ठेकेदारी व्यवस्था के तहत काम कर रही सफाई कर्मचारी उषा ने बताया कि पूर्व में 16 वार्डो की सफाई के लिए एसआरएमटी कंपनी को ठेका मिला था। वह कंपनी कर्मचारियों का छह माह का वेतन लेकर फरार हो गई है। इस पर आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकरण की जांच करायेंगे और जरूरत पड़ने पर एसआरएमटी कंपनी पर एफआईआर भी दर्ज कराया जायेगा।
आबादी के हिसाब से कम है कर्मचारी
बैठक में कर्मचारियों की कमी का भी मुद्दा उठा। आयोग के उपाध्यक्ष को बताया गया कि शहर की जो आबादी है, उसके अनुरूप लगभग साढ़े तीन सफाई कर्मचारियों की जरूरत है और इसके सापेक्ष कुल दो सौ कर्मचारी ही कार्यरत है। जिसमें 90 स्थायी, 150 ठेकेदारी व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मचारी शामिल है। 110 और कर्मचारियों की जरूरत आयोग के उपाध्यक्ष को बतायी गई।
बैठक में नहीं आयी चेयरमैन
सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष ने नपा पहुंच कर कर्मचारियों के साथ बैठक करने के साथ ही कार्यालय का निरीक्षण भी किया लेकिन चेयरमैन शीला श्रीवास्तव अथवा उनका कोई प्रतिनिधि मौके पर मौजूद नजर नहीं है। जिस पर उपाध्यक्ष चेयरमैन पर भड़के नजर आये। ईओ द्वारा 110 कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रपत्र चेयरमैन के पास भेजे जाने की बात कहे जाने पर उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारी आप है अथवा चेयरमैन।
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उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी चाहे वह स्थायी हो अथवा संविदा या ठेकेदारी व्यवस्था के हो किसी का भी उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। कई कर्मचारियों ने वेतन, भत्ता व पेंशन की शिकायत किया। जिस पर उन्होंने ईओ को बुला कर फटकार लगाते हुए कर्मचारियों के समस्याओं का त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी आयोग सफाई कर्मियों के हितों की अनदेखी नहीं होने देगा। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ में चेयरमैन व ईओ सफाई कर्मचारियों के साथ दमनकारी रवैया अपना रहे है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने नपा के चेयरमैन, ईओ को कड़ी चेतावनी दिया कि वे सफाई कर्मचारियों के साथ बर्ताव में सुधार लाये अन्यथा की स्थिति में सीधे मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचायी जायेगी। उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि नगर निकायों में भर्ती खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि संविदा कर्मियों को स्थायी किया जा सके। पूरा प्रयास है कि हर सफाई कर्मी परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी की व्यवस्था की जाये। इस अवसर पर सफाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष असलम खान, उषा, शफीक अहमद समेत काफी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।
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शिकायत पर भड़के ईओ
बैठक के दौरान मीडिया ने जब आयोग के उपाध्यक्ष से शहर के सफाई व्यवस्था व ईओ आवास में नीली हरी बाल्टी व नपा के स्टोर रूम में कंटेनर आदि के पड़े रहने की शिकायत किया तो ईओ भड़क उठे। उन्होंने कहा कि बाल्टी बांटी जा रही है आप लोगों को ही न जाने कौन शिकायत करता है कि बाल्टी नहीं बटी है। जो बाल्टी है उसे 26 जनवरी को बांटा जायेगा।
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एसआरएमटी पर दर्ज कराएंगे एफआईआर
बैठक के दौरान ठेकेदारी व्यवस्था के तहत काम कर रही सफाई कर्मचारी उषा ने बताया कि पूर्व में 16 वार्डो की सफाई के लिए एसआरएमटी कंपनी को ठेका मिला था। वह कंपनी कर्मचारियों का छह माह का वेतन लेकर फरार हो गई है। इस पर आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकरण की जांच करायेंगे और जरूरत पड़ने पर एसआरएमटी कंपनी पर एफआईआर भी दर्ज कराया जायेगा।
आबादी के हिसाब से कम है कर्मचारी
बैठक में कर्मचारियों की कमी का भी मुद्दा उठा। आयोग के उपाध्यक्ष को बताया गया कि शहर की जो आबादी है, उसके अनुरूप लगभग साढ़े तीन सफाई कर्मचारियों की जरूरत है और इसके सापेक्ष कुल दो सौ कर्मचारी ही कार्यरत है। जिसमें 90 स्थायी, 150 ठेकेदारी व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मचारी शामिल है। 110 और कर्मचारियों की जरूरत आयोग के उपाध्यक्ष को बतायी गई।
बैठक में नहीं आयी चेयरमैन
सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष ने नपा पहुंच कर कर्मचारियों के साथ बैठक करने के साथ ही कार्यालय का निरीक्षण भी किया लेकिन चेयरमैन शीला श्रीवास्तव अथवा उनका कोई प्रतिनिधि मौके पर मौजूद नजर नहीं है। जिस पर उपाध्यक्ष चेयरमैन पर भड़के नजर आये। ईओ द्वारा 110 कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रपत्र चेयरमैन के पास भेजे जाने की बात कहे जाने पर उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारी आप है अथवा चेयरमैन।