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एक माह में दो बिल भेज उपभोक्ताओं को मानसिक यातना दे रहा विद्युत विभाग
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आजमगढ़। कोरोना काल में जहां हर कोई अपने परिवार के भरण पोषण को लेकर परेशान है। वहीं विद्युत विभाग द्वारा एक ही महीने में उपभोक्ताओं को दो बिल भेजकर उनको मानसिक यातना दी जा रही है।
नगर के मातबरगंज मुहल्ला निवासी वेद प्रकाश सिंह लल्ला वर्तमान में विद्युत विभाग के रवैये से आहत हैं। विभाग द्वारा मोबाइल पर भेजे गए बिल को लेकर वह विभाग के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि 18 अगस्त को 677.72 रुपये का बिजली बिल आया। 25 अगस्त तक भुगतान करना था। अभी वह बिल जमा करते उससे पहले ही 20 अगस्त को विभाग की ओर से दूसरा मैसेज आया जिसमें उनका बिल 1226 रुपये बताया गया। इसे जमा करने के लिए 26 अगस्त तक का समय दिया गया। दो सितंबर तक न जमा करने की दशा में कनेक्शन विच्छेदन की चेतावनी दी गई। फिर यही मैसेज 28 अगस्त को भी आया। फिर 17 सितंबर को 1916.17 रुपये बकाया का विद्युत बिल भेजा गया। जिसे जमा करने के लिए 23 सितंबर अंतिम तिथि निर्धारित की गई। अभी वह उसे जमा करने के बारे में सोच ही रहे थे कि 21 सितंबर को एक अन्य मैसेज में बिल 19913.7 रुपये हो गया। अभी वह इसे लेकर दुविधा में थे कि 17 सितंबर से 21 सितंबर के बीच इतना बिल कैसे बढ़ गया तभी 24 सितंबर को एक और मैसेज आया जिसमें उनका बिल 21829.70 रुपये था और 25 सितंबर तक जमा करने को कहा गया। जमा न करने पर दो अक्टूबर तक बिजली का कनेक्शन विच्छेद करने की चेतावनी दी गई है। सोमवार को वह अधिशासी अभियंता से मिलने पहुंचे लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। अधिशासी अभियंता ने कहा कि मीटर लग जाने दीजिए फिर देखते हैं क्या होता है।
इस तरह की गड़बड़ियां हो जाती है। अगर उक्त व्यक्ति अपने बिल की अदायगी समय पर करता रहा है तो इसे दिखवा लिया जाएगा। इसमें किसी प्रकार के चिंता की कोई बात नहीं है। बिल में जो भी गड़बड़ी होगी उसे दूर किया जाएगी। उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। - आरआर सिंह, मुख्य अभियंता
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नगर के मातबरगंज मुहल्ला निवासी वेद प्रकाश सिंह लल्ला वर्तमान में विद्युत विभाग के रवैये से आहत हैं। विभाग द्वारा मोबाइल पर भेजे गए बिल को लेकर वह विभाग के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि 18 अगस्त को 677.72 रुपये का बिजली बिल आया। 25 अगस्त तक भुगतान करना था। अभी वह बिल जमा करते उससे पहले ही 20 अगस्त को विभाग की ओर से दूसरा मैसेज आया जिसमें उनका बिल 1226 रुपये बताया गया। इसे जमा करने के लिए 26 अगस्त तक का समय दिया गया। दो सितंबर तक न जमा करने की दशा में कनेक्शन विच्छेदन की चेतावनी दी गई। फिर यही मैसेज 28 अगस्त को भी आया। फिर 17 सितंबर को 1916.17 रुपये बकाया का विद्युत बिल भेजा गया। जिसे जमा करने के लिए 23 सितंबर अंतिम तिथि निर्धारित की गई। अभी वह उसे जमा करने के बारे में सोच ही रहे थे कि 21 सितंबर को एक अन्य मैसेज में बिल 19913.7 रुपये हो गया। अभी वह इसे लेकर दुविधा में थे कि 17 सितंबर से 21 सितंबर के बीच इतना बिल कैसे बढ़ गया तभी 24 सितंबर को एक और मैसेज आया जिसमें उनका बिल 21829.70 रुपये था और 25 सितंबर तक जमा करने को कहा गया। जमा न करने पर दो अक्टूबर तक बिजली का कनेक्शन विच्छेद करने की चेतावनी दी गई है। सोमवार को वह अधिशासी अभियंता से मिलने पहुंचे लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। अधिशासी अभियंता ने कहा कि मीटर लग जाने दीजिए फिर देखते हैं क्या होता है।
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इस तरह की गड़बड़ियां हो जाती है। अगर उक्त व्यक्ति अपने बिल की अदायगी समय पर करता रहा है तो इसे दिखवा लिया जाएगा। इसमें किसी प्रकार के चिंता की कोई बात नहीं है। बिल में जो भी गड़बड़ी होगी उसे दूर किया जाएगी। उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। - आरआर सिंह, मुख्य अभियंता
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