आजमगढ़। सरकार बिजली विभाग के पूर्ण निजीकरण की कवायद में जुटी है, जिसे लेकर कर्मचारी-अधिकारी आक्रोशित हो उठे है। प्रदेश सरकार की व पावर कारपोरेशन की कवायद के खिलाफ बिजली कर्मचारी कई दिनों से आंदोलित है। वर्तमान में अपना काम करते हुए वे धरना प्रदर्शन कर रहे है और आगामी पांच अक्टूबर से प्रदेश व्यापी हड़ताल की घोषणा की है। जिसे देखते हुए प्रशासनिक अमला भी अलर्ट पर हो गया है। कलेक्ट्रेट में कंट्रोलरूम स्थापित किया गया है तो तो वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का डाटा भी एकत्र किया जा रहा है।
बिजली विभाग के कर्मचारी बीते एक पखवारे से आंदोलित है। कर्मचारियों की मांग है कि निजीकरण की कवायद को तत्काल रोका जाए, यदि ऐसा नहीं होता है तो बिजली कर्मचारी पांच अक्टूबर से प्रदेश व्यापी कार्य बहिष्कार की शुरूआत करेंगे। वर्तमान में बिजली कर्मचारी अपने आंदोलन को कार्य करते हुए चला रहे है। दो से पांच चीफ इंजीनियर कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इतना ही नहीं कर्मचारी व अधिकारी आंदोलन के माध्यम से सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार नजर आ रहे है। सभी बिजली कर्मियों को पांच से शुरू होने वाले प्रदेश व्यापी हड़ताल के लिए लामबंद किया जा रहा है। जगह-जगह छोटी-छोटी सभाओं के माध्यम से कर्मचारियों को निजीकरण से होने वाले नुकसान से अवगत करा रहे है।