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Azamgarh News: नई सूची के आदेश से 1500 शिक्षकों के भविष्य पर संकट

Tue, 20 Aug 2024 12:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2024 12:21 AM IST
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Due to the order of new list, the future of 1500 teachers is in danger.
आजमगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग के 69 हजार शिक्षक भर्ती के मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले में नौकरी कर रहे 1500 शिक्षकों का भविष्य संकट में दिख रहा है। कहां तो ये बेचारे हेडमास्टर बनने का इंतजार कर रहे थे और अब नए सिरे से सूची बनाने के आदेश ने चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने भर्ती परीक्षा की मेरिट लिस्ट रद्द कर सरकार को तीन महीने के अंदर बेसिक शिक्षा की नियमावली और आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए नई सूची बनाने का निर्देश दिया है।
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शिक्षक भर्ती प्रक्रिया अक्तूबर 2020 में शुरू हुई थी। इसमें तीन चरणों में आजमगढ़ जिले में कुल 1500 अभ्यर्थी सफल हुए थे। शिक्षकों का कहना है कि चार साल बाद यदि नई सूची के अनुसार नौकरी से बाहर होना पड़ा तो मुश्किलें सामने आ जाएंगी। पारिवारिक खर्च, लोन और अन्य जरूरतों को भी पूरा करना है, ऐसे में नौकरी पर आया संकट परेशान करने वाला है। बता दें कि भर्ती प्रक्रिया में आरोप लगाया गया था कि 19 हजार पदों पर आरक्षण के नियमों का पालन नहीं किया गया है। ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी की जगह सिर्फ 3.86 फीसदी और अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को 21 फीसदी की जगह 16.2 फीसदी आरक्षण दिया गया है। हालांकि, सरकार ने भर्ती नियमानुसार होने की बात कही थी।
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हाईकोर्ट का फैसला चिंता बढ़ाने वाला है। नयी सूची के परिणाम जो भी हों, जिन शिक्षकों की नौकरी जाएगी, वे आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान होंगे।- अनिल सिंह, ब्लाॅक अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ जहानागंज।
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सरकार को हमारे हक और भविष्य को सोचकर फैसला लेना चाहिए। एक बार नौकरी में आने के बाद फिर से नौकरी की तैयारी शुरू करना संघर्षपूर्ण होगा। वह भी तक जब सिर पर पारिवारिक जिम्मेदारियां हों।- महेश पांडेय, शिक्षक।
नई सूची कई लोगों के लिए रोजगार लेकर आएगी, तो कई शिक्षकों को सड़क पर ला देगी। सरकार को सभी का ध्यान रखना चाहिए। - शिवप्रकाश चौबे, ब्लाॅक मंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ जहानागंज।

बहाली के चार साल बाद नौकरी जाने का डर सबसे ज्यादा है। आगे क्या होगा, पारिवारिक जिम्मेदारियां और भविष्य की सोच से मन बार-बार विचलित हो रहा है।- बलवंत सिंह, शिक्षक।
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