{"_id":"67db0be88a138495c509b773","slug":"due-to-the-crowd-of-e-rickshaws-at-the-gate-even-ambulances-do-not-get-space-azamgarh-news-c-258-1-svns1001-128950-2025-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: गेट पर ई-रिक्शों की भीड़ के कारण एंबुलेंस को भी नहीं मिलती जगह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: गेट पर ई-रिक्शों की भीड़ के कारण एंबुलेंस को भी नहीं मिलती जगह
विज्ञापन
आजमगढ़। मंडलीय जिला चिकित्सालय के प्रवेश द्वार पर आड़े-तिरछे खड़े ई-रिक्शे जाम का कारण बन रहे हैं। एंबुलेंस से किसी गंभीर मरीज को बिना रुके अस्पताल के अंदर पहुंचना बहुत कठिन है। वहीं सड़क की पटरी पर दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। इससे सड़क और संकरी हो जा रही है।
सदर अस्पताल में हजारों को संख्या में मरीजों का प्रतिदिन का आना जाना है। अस्पताल के प्रमुख गेटों के सामने ई-रिक्शों का कब्जा रहता है। सुबह से दोपहर तक 15 से 20 ई-रिक्शे गेट के सामने रिक्शा आड़ा तिरछा खड़ा रखते हैं। इस कारण यह सड़क कभी-कभी पूरी तरह जाम हो जाती है। मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस को भी अंदर पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गंभीर रोगियों को समय से उपचार मिलने में देर होता है। ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी भी इन ई-रिक्शे वालों को हटाने में असमर्थ हैं। इसके अलावा अस्पताल के दोनों प्रमुख गेटों के बीच में दुकानदारों का कब्जा है। अस्पताल की बाउंड्री से सटे स्थान पर पान, गुटका, चाय, फल आदि नाश्ते की दुकानें सुबह से शाम तक लगी रहती है। अस्पताल में जैसे ही रोगियों के आने का सिलसिला शुरू होता है, तो गेट पर भीड़ लग जाती है। पूर्व डीएम द्वारा इन दुकानों को हटवाया था जिसके कारण आवागमन सुलभ हुआ था। लेकिन, उनके जाते ही फिर से अस्पताल गेट के इर्द गिर्द दुकानों की बाढ़ सी आ गई है। इनमें द्वारा सड़कों तक अपने सामान को फैलाकर रखा गया है।
00
शहर में कहीं जाम न लगे हमारी यातायात पुलिस सक्रिय रहती है। मंडलीय जिला चिकित्सालय गेट पर अगर जाम लग रहा है तो तत्काल यहां अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। रही बात दुकानों के अवैध रूप से लगाने की तो उन्हें रोकने का काम नगरपालिका का है।
विज्ञापन
विवेक त्रिपाठी, एसपी यातायात।
00
जाम लगाने की जानकारी हमें भी है, जल्द ही टीम को भेजकर पटरी पर दुकान सजाकर बैठे लोगों को हटाया जाएगा। साथ ही यह भी व्यवस्था की जाएगी कि दोबारा इस तरह से कोई दुकान न लगा सके।
विवेक त्रिपाठी, ईओ नपा।
विज्ञापन
सदर अस्पताल में हजारों को संख्या में मरीजों का प्रतिदिन का आना जाना है। अस्पताल के प्रमुख गेटों के सामने ई-रिक्शों का कब्जा रहता है। सुबह से दोपहर तक 15 से 20 ई-रिक्शे गेट के सामने रिक्शा आड़ा तिरछा खड़ा रखते हैं। इस कारण यह सड़क कभी-कभी पूरी तरह जाम हो जाती है। मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस को भी अंदर पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गंभीर रोगियों को समय से उपचार मिलने में देर होता है। ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी भी इन ई-रिक्शे वालों को हटाने में असमर्थ हैं। इसके अलावा अस्पताल के दोनों प्रमुख गेटों के बीच में दुकानदारों का कब्जा है। अस्पताल की बाउंड्री से सटे स्थान पर पान, गुटका, चाय, फल आदि नाश्ते की दुकानें सुबह से शाम तक लगी रहती है। अस्पताल में जैसे ही रोगियों के आने का सिलसिला शुरू होता है, तो गेट पर भीड़ लग जाती है। पूर्व डीएम द्वारा इन दुकानों को हटवाया था जिसके कारण आवागमन सुलभ हुआ था। लेकिन, उनके जाते ही फिर से अस्पताल गेट के इर्द गिर्द दुकानों की बाढ़ सी आ गई है। इनमें द्वारा सड़कों तक अपने सामान को फैलाकर रखा गया है।
विज्ञापन
00
शहर में कहीं जाम न लगे हमारी यातायात पुलिस सक्रिय रहती है। मंडलीय जिला चिकित्सालय गेट पर अगर जाम लग रहा है तो तत्काल यहां अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। रही बात दुकानों के अवैध रूप से लगाने की तो उन्हें रोकने का काम नगरपालिका का है।
विज्ञापन
विवेक त्रिपाठी, एसपी यातायात।
00
जाम लगाने की जानकारी हमें भी है, जल्द ही टीम को भेजकर पटरी पर दुकान सजाकर बैठे लोगों को हटाया जाएगा। साथ ही यह भी व्यवस्था की जाएगी कि दोबारा इस तरह से कोई दुकान न लगा सके।
विवेक त्रिपाठी, ईओ नपा।