{"_id":"686c17cfde0cf81c3003a4d6","slug":"due-to-lack-of-maintenance-in-the-park-and-open-gym-many-equipments-were-stolen-and-many-were-broken-azamgarh-news-c-258-1-svns1002-134021-2025-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: पार्क और ओपन जिम में देखरेख न होने से कई उपकरण चोरी, कई टूटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: पार्क और ओपन जिम में देखरेख न होने से कई उपकरण चोरी, कई टूटे
विज्ञापन
आजमगढ़। गांवों में लोगों की सेहत सुधारने के लिए लगाए गए ओपन जिम अब खुद बदहाल स्थिति में पहुंच गए हैं। ग्राम पंचायतों में लगाए गए ये जिम रखरखाव के अभाव में बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं।
कहीं मशीनें टूटी पड़ी हैं तो कहीं उन्हें उखाड़ कर एक तरफ फेंक दिया गया है। कई स्थानों पर मशीनों के जरूरी पार्ट्स चोरी हो चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी, ग्राम प्रधान और सचिव इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
लोगों को सेहत सुधारने के लिए गांवों में पार्क व ओपन जिम का निर्माण कराया गया था। शासन की मंशा के अनुरूप जिले में मनरेगा के तहत 77 पार्क बनाए गए थे। इनमें पार्क के साथ साथ ज्यादातर स्थानों पर ओपन जिम भी बनाए गए थे।
विज्ञापन
उक्त पार्कों में बच्चों को खेलने के लिए झूले और उपकरण भी लगाए गए थे। वहीं, लोगों को व्यायाम करने के लिए भी उपकरण लगे थे जो बदहाल हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआती दिनों में इन जिमों का उत्साह से उपयोग हुआ, लेकिन समय के साथ उनकी देखरेख नहीं की गई।
आज कई गांवों में ये जिम सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। प्रशासन से मांग की है कि इन जिमों की मरम्मत कराकर उन्हें फिर से चालू किया जाए, ताकि जनता को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
विज्ञापन
कहीं मशीनें टूटी पड़ी हैं तो कहीं उन्हें उखाड़ कर एक तरफ फेंक दिया गया है। कई स्थानों पर मशीनों के जरूरी पार्ट्स चोरी हो चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी, ग्राम प्रधान और सचिव इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
लोगों को सेहत सुधारने के लिए गांवों में पार्क व ओपन जिम का निर्माण कराया गया था। शासन की मंशा के अनुरूप जिले में मनरेगा के तहत 77 पार्क बनाए गए थे। इनमें पार्क के साथ साथ ज्यादातर स्थानों पर ओपन जिम भी बनाए गए थे।
विज्ञापन
उक्त पार्कों में बच्चों को खेलने के लिए झूले और उपकरण भी लगाए गए थे। वहीं, लोगों को व्यायाम करने के लिए भी उपकरण लगे थे जो बदहाल हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआती दिनों में इन जिमों का उत्साह से उपयोग हुआ, लेकिन समय के साथ उनकी देखरेख नहीं की गई।
आज कई गांवों में ये जिम सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। प्रशासन से मांग की है कि इन जिमों की मरम्मत कराकर उन्हें फिर से चालू किया जाए, ताकि जनता को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।