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आधार कार्ड से जुड़ेगा डीएल, स्मार्ट होगी आरसी
आजमगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Aug 2017 11:33 PM IST
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आधार कार्ड
- फोटो : Getty Images
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प्रदेश सरकार की ओर से परिवहन विभाग में जल्द ही वाहन कोर व्यवस्था शुरू की जा रही है। पहले चरण में जिन जिलों में ये व्यवस्था शुरू की जाएगी उसमें आजमगढ़ भी शामिल है। इस व्यवस्था के तहत अब ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा। रजिस्ट्रेशन सर्टीफिकेट भी अब स्मार्ट होगा, जिसे पाकेट में लेकर लोग साथ चल सकेंगे। परिवहन विभाग में इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए प्रारंभिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में अब कोई भी फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा। आधार कार्ड को जोड़ने से व्यावसायिक वाहनों का डीएल बनवाने में आसानी होगी। वहीं सडक़ हादसों से हिट एंड रन केस करने वालों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। लाइसेंस बनवाते समय अभ्यर्थी की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों का आधार में दर्ज रिकार्ड से तुरंत मिलान हो जाएगा। इससे मौके पर ही साबित हो जाएगा कि लाइसेंस बनवाने वाला अभ्यर्थी वास्तविक है कि नहीं। इसके साथ ही अब जिलेवासियों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी अब स्मार्ट रूप में मिलेगा। इससे गाड़ियों के मालिकों को आरसी के फटने या पानी में खराब होने का डर नहीं सताएगा। इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा।
एआरटीओ प्रशासन डीके पांडेय ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत जिस तरह डीएल स्मार्ट कार्ड में बनाया जाता है, वैसे ही गाड़ियों की आरसी भी स्मार्ट कार्ड में बनेगी। नई गाड़ियों के पंजीकरण के समय स्वामी को अस्थाई आरसी तो कागज की ही मिलेगी, लेकिन स्थाई आरसी स्मार्ट कार्ड पर मिलेगी। स्मार्ट कार्ड आरसी में भी चिप लगी होगी, इसमें पूरा ब्योरा मौजूद रहेगा। जिस तरह स्मार्ट डीएल कार्ड को पंचिंग मशीन में लगाते ही पूरा ब्योरा सामने आ जाता है। उसी तरह स्मार्ट आरसी कार्ड को भी पंच करते ही गाड़ी की पूरी डिटेल जैसे इंजन नंबर, चेचिस नंबर और वाहन नंबर मिल जाएगा। कागज की आरसी में जालसाजी होने की संभावना ज्यादा रहती थी, लेकिन इस स्मार्ट आरसी कार्ड में जालसाजी होने की संभावना भी नहीं रहेगी।
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न गांवों में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क बनवाने के लिए भी सिफारिश की जाएगी।
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ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में अब कोई भी फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा। आधार कार्ड को जोड़ने से व्यावसायिक वाहनों का डीएल बनवाने में आसानी होगी। वहीं सडक़ हादसों से हिट एंड रन केस करने वालों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। लाइसेंस बनवाते समय अभ्यर्थी की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों का आधार में दर्ज रिकार्ड से तुरंत मिलान हो जाएगा। इससे मौके पर ही साबित हो जाएगा कि लाइसेंस बनवाने वाला अभ्यर्थी वास्तविक है कि नहीं। इसके साथ ही अब जिलेवासियों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी अब स्मार्ट रूप में मिलेगा। इससे गाड़ियों के मालिकों को आरसी के फटने या पानी में खराब होने का डर नहीं सताएगा। इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा।
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एआरटीओ प्रशासन डीके पांडेय ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत जिस तरह डीएल स्मार्ट कार्ड में बनाया जाता है, वैसे ही गाड़ियों की आरसी भी स्मार्ट कार्ड में बनेगी। नई गाड़ियों के पंजीकरण के समय स्वामी को अस्थाई आरसी तो कागज की ही मिलेगी, लेकिन स्थाई आरसी स्मार्ट कार्ड पर मिलेगी। स्मार्ट कार्ड आरसी में भी चिप लगी होगी, इसमें पूरा ब्योरा मौजूद रहेगा। जिस तरह स्मार्ट डीएल कार्ड को पंचिंग मशीन में लगाते ही पूरा ब्योरा सामने आ जाता है। उसी तरह स्मार्ट आरसी कार्ड को भी पंच करते ही गाड़ी की पूरी डिटेल जैसे इंजन नंबर, चेचिस नंबर और वाहन नंबर मिल जाएगा। कागज की आरसी में जालसाजी होने की संभावना ज्यादा रहती थी, लेकिन इस स्मार्ट आरसी कार्ड में जालसाजी होने की संभावना भी नहीं रहेगी।
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न गांवों में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क बनवाने के लिए भी सिफारिश की जाएगी।