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डीपीआरओ ने 52 सचिवों का वेतन रोका
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आजमगढ़। जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में शासन के निर्देश पर सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। निर्माण के बाद इन शौचालयों को संचालन के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को तैनाती दी गई। शौचालयों की क्रियाशीलता को लेकर प्रतिदिन इसकी समीक्षा की जा रही है। जो शौचालय अपूर्ण हैं उन्हें 30 जून तक पूरा करने का भी निर्देश दिया गया था। 30 जून को जब इसकी समीक्षा की गई तो जनपद में कुल 140 सामुदायिक शौचालय अक्रियाशील पाए गए। वहीं विकास खंडों के सामुदायिक शौचालयों पर तैनात महिलाओं के मानदेय का भुगतान भी नहीं होना पाया। इसे गंभीरता से लेते हुए डीपीओर से संबंधित सचिवों का जून माह का वेतन रोक दिया है। 30 जून को कराई गई समीक्षा में जनपद में 140 शौचालय अक्रियाशील पाए गए। इस मामले में सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने 52 सचिवों का जून माह का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। वहीं मार्टीनगंज विकास खंड में 19 शौचालयों का निर्माण अधूरा पाया गया। जिसके लिए संबंधित सचिवों का वेतन रोका। वहीं समीक्षा में पाया गया कि विकास खंडों में सामुदायिक शौचालयों पर तैनात महिलाओं को मानदेय का भुगतान भी नहीं किया गया है। इसके लिए संबंधित सचिवों का जून माह का वेतन रोकने का निर्देश दिया है।
भुगतान में अजमतगढ़ की सबसे खराब स्थिति
आजमगढ़। सामुदायिक शौचालयों पर तैनात स्वयं सहायता समूह के महिलाओं के भुगतान की स्थिति देखें तो सबसे खराब स्थिति अजमगढ़ की मिली। जिसमें सठियांव में 79 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष सात, रानी की सराय में 68 के सापेक्ष तीन, तरवां में 78 के सापेक्ष 51, पवई में 82 के सापेक्ष दो, पल्हनी में 76 के सापेक्ष 12, तहबरपुर में 81 के सापेक्ष 27, मिर्तापुर में 80 के सापेक्ष 33, ठेकमा में 73 के सापेक्ष 53, मार्टीनगंज में 67 के सापेक्ष 10, पल्हना में 46 के सापेक्ष 25, कोयलसा में 78 के सापेक्ष 58, मेंहनगर में 76 के सापेक्ष 16, हरैया में 82 के सापेक्ष 59, महराजगंज में 81 के सापेक्ष दो, अहरौला में 92 के सापेक्ष 36, जहानागंज में 66 के सापेक्ष छह, अतरौलिया में 67 के सापेक्ष छह, मुहम्मदपुर में 62 के सापेक्ष 18, लालगंज 90 के सापेक्ष 47 और अजमतगढ़ में 87 के सापेक्ष जीरो लोगों को भुगतान किया गया। इनके संबंधित सचिवों का जून माह का वेतन अवरूद्घ कर दिया गया। इस मामले में डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 30 जून तक सारे शौचालयों का निर्माण पूरा कर उन्हें क्रियाशील करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन इनके द्वारा कई शौचालय अपूर्ण पाए गए। 30 जून को हुई समीक्षा में कई शौचालय अक्रियाशील पाए गए। साथ ही इन शौचालयों पर तैनात समूह की महिलाओं का मानदेय भी नहीं दिया गया था। जिसके क्रम में सीडीओ के निर्देश पर 52 सचिवों का जून माह का वेतन अवरूद्घ किया गया है। साथ ही निर्देशित किया गया है कि वह अब तक सभी समूह की महिलाओं के बकाए का भुगतान कर उसका स्क्रीन शाट उपलब्ध कराएं।
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भुगतान में अजमतगढ़ की सबसे खराब स्थिति
आजमगढ़। सामुदायिक शौचालयों पर तैनात स्वयं सहायता समूह के महिलाओं के भुगतान की स्थिति देखें तो सबसे खराब स्थिति अजमगढ़ की मिली। जिसमें सठियांव में 79 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष सात, रानी की सराय में 68 के सापेक्ष तीन, तरवां में 78 के सापेक्ष 51, पवई में 82 के सापेक्ष दो, पल्हनी में 76 के सापेक्ष 12, तहबरपुर में 81 के सापेक्ष 27, मिर्तापुर में 80 के सापेक्ष 33, ठेकमा में 73 के सापेक्ष 53, मार्टीनगंज में 67 के सापेक्ष 10, पल्हना में 46 के सापेक्ष 25, कोयलसा में 78 के सापेक्ष 58, मेंहनगर में 76 के सापेक्ष 16, हरैया में 82 के सापेक्ष 59, महराजगंज में 81 के सापेक्ष दो, अहरौला में 92 के सापेक्ष 36, जहानागंज में 66 के सापेक्ष छह, अतरौलिया में 67 के सापेक्ष छह, मुहम्मदपुर में 62 के सापेक्ष 18, लालगंज 90 के सापेक्ष 47 और अजमतगढ़ में 87 के सापेक्ष जीरो लोगों को भुगतान किया गया। इनके संबंधित सचिवों का जून माह का वेतन अवरूद्घ कर दिया गया। इस मामले में डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 30 जून तक सारे शौचालयों का निर्माण पूरा कर उन्हें क्रियाशील करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन इनके द्वारा कई शौचालय अपूर्ण पाए गए। 30 जून को हुई समीक्षा में कई शौचालय अक्रियाशील पाए गए। साथ ही इन शौचालयों पर तैनात समूह की महिलाओं का मानदेय भी नहीं दिया गया था। जिसके क्रम में सीडीओ के निर्देश पर 52 सचिवों का जून माह का वेतन अवरूद्घ किया गया है। साथ ही निर्देशित किया गया है कि वह अब तक सभी समूह की महिलाओं के बकाए का भुगतान कर उसका स्क्रीन शाट उपलब्ध कराएं।
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